बुनियाद (पार्ट 5) Kishanlal Sharma द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

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बुनियाद (पार्ट 5)

जंगली रोज सुबह सोकर उठने के बाद नित्यकर्म के लिये समुद्र किनारे आती थी।यह आदत उसे माँ ने डाली थी।वह वहां दो लोगो को पड़े देख कर उसे आश्चर्य हुआ था।कौन है?उसने अभी तक किसी आदमी को नही देखा था।लेकिन मां ने जैसा उसे बताया था।उस हुलिए से वह पहचान गयी थी कि वहां पड़े प्राणी आदमी ही थे।वे दोनों आदमी समुद्र किनारे बेहोश पड़े थे।जंगली ने उन पर पानी लाकर डाला।तब काफी देर बाद वे होश में आये थे।होश में आते ही वे जंगली को देखकर आश्चर्य से बोले,"हम कहाँ है?और तुम कौन हो?'
"मैं जंगली हूँ।यह एक निर्जन द्वीप है।"जंगली ने बताया था।
"निर्जन मतलब?"
"मतलब मेरे अलावा यहां कोई नही है"।
"तुम यहाँ कैसे आयी?'
"मेरी माँ
और जंगली ने अपना अतीत उन्हें बताकर पूछा था,"और तुम लोग कैसे यहां आये'।?"
"हम लोग
वे याद करने लगे।रात को अचानक तेज हवाएं चलने लगी थी।इतनी तेज की उनका जहाज हिचकोले लेने लगा।नाविकों ने भरपूर कोशिश की लेकिन तूफान इतना तेज था कि उनके लाख प्रयास के बावजूद जहाज काफी देर तक हिचकोले खाने,डगमगाने के बाद डूब गया।जहाज डूबते ही चीख पुकार शुरू हो गयी।तूफान ने सब को अलग अलग दिशा में जा पटका।अ और ब दोस्त थे।दोनो तूफान में इस निर्जन द्वीप पर चले आये थे।
"तुम लोगो की कहानी मेरी मां जैसी है।"
"यहां तुम्हारे अलावा कोई नही है?"अ ने पूछा था।
"नही"
"यह कैसे हो सकता है।"ब को जंगली की बात पर विश्वास नही हुआ था।
"तो खुद ही देख लो"
और अ और ब जंगली की बात की सच्चाई जानने के लिए आगे बढ़े थे।वह आगे बढ़ते रहे।जंगल ही जंगल।कई जगह जंगली जानवरों की आवाज ने उन्हें डरा भी दिया था।
"लगता है।जंगली की बात सही है,"अ बोला,"जंगल ही जंगल है।कोई बस्ती नही"।
और कुछ घण्टे बाद वे दोनों जहाँ से चले थे।उसी जगह वापस आ गए।अ और ब दोनो बड़े शहर में रहते थे। उनका बस चलता तो वे एक मिनट भी यहां नही रुकते।लेकिन समय ने उन्हें यहां ला पटका था।और न चाहते हुए भी उन्हें यहां रहना पड़ा।पहले तो उन्होंने सोचा था शायद कोई जहाज इधर आएगा और वे यहां से निकल जाएंगे लेकिन कुछ दिन बाद उन्हें भी लगने लगा था कि शेष जीवन उन्हें इसी द्वीप पर गुज़ारना पड़ेगा।
अ हिन्दू था और ब मुसलमान और जंगली ईसाई थी।जंगली तो इसी द्वीप पर पैदा हुई थी।चर्च,मंदिर मस्जिद आदि धर्म स्थलों के बारे में नही जानती थी।पर अ और ब जंगली की माँ की तरह सभ्य दुनिया से आये थे।
पहले अ.और ब इस द्वीप पर रहने के लिए तैयार ही नही थे।अब जब उन्हें यह विश्वास हो गया कि उन्हें यहीं रहकर जीवन गुज़ारना होगा तब वे दोनों जंगली को अपने पक्ष में करने का प्रयास करने लगे।औरत और आदमी साथ रहते है तो उनमें आकर्षण पैदा होता है।दिल मे एक चाहत जन्म लेती है।और वे एक दूसरे को चाहने लगते है।प्यार करने लगते है।
उस द्वीप पर पहले मारिया अकेली थी।फिर उसकी बेटी होने पर वे दो हो गए।और एक दिन मारिया की मौत के बाद जंगली अकेली रह गयी थी।अब उन दो के आ जाने से तीन हो गए थे।कुल जनसंख्या तीन दो मर्द और एक औरत