वो अनकही बातें - 19 RACHNA ROY द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

वो अनकही बातें - 19

समीर और विकास सीधे होटल पहुंचे जहां उन्होंने पार्टी रखी थी दो दिन ही बचे थे सन्डे को।।


विकास ने कहा हां मेनू कार्ड भी चेक करना होगा।
समीर ने कहा हां चलते हैं मैनेजर से बात करने।
अन्दर पहुंच कर ही रिसेप्शनिस्ट नैना के पास गए।
नैना ने कहा हेलो सर।बेलकम। समीर ने कहा हां हमें मैनेजर से मिलना है।
नैना ने कहा ओके सर। प्लीज़ वेट। तभी मैनेजर आ गए।
मिस्टर अली खान हेलो सर में आई हेल्प यु?
समीर ने कहा हाय आई एम डाॅ समीर।।।

मिस्टर अली ने हाथ आगे बढाया और कहा ओ सर। प्लीज़ कम इन।

फिर विकास और समीर एक रुम में जाकर बैठ गए।
अली ने आकर सारी अरेंजमेंट डिस्कशन किया।
समीर ने एक लमसम अमाउंट दे दिया।
और फिर वहां से निकल गए।
वहां से दोनों एक माॅल में गए जहां समीर ने शालू के पसन्द की कई सारी चीज़ें खरीद लिया।

उसमें एक डायमंड के नेकलेस भी था।
समीर एक दिवाने की तरह शापिंग कर रहा था अपनी शालू के लिए, उसे लग रहा था कि उसे कोई अनमोल हीरा मिला हो।


विकास ने कहा अब बस भी करो यार सारा शापिंग आज ही करना है।

समीर ने कहा अरे यार जो भी लूं शालू के लिए कम है।मेरा तो इन्तजार बहुत ही लम्बा चला।।
क्या करू इस उम्र में आकर ही तो मेरी जिंदगी को एक नई उम्मीद, नई मंजिल मिलीं है तो इस पल को मैं पुरी शिद्दत से महसूस करना चाहता हूं।

फिर समीर की नजर वहां पर लगें हुए नाईटी पर जा अटकीं।।
क्या हुआ सर कुछ चाहिए क्या एक आदमी ने कहा?
समीर ने कहा हां , हां ये दो कलर वाले नाईटी दे दो।
फिर काउंटर पर कार्ड पेमेंट करके समीर और विकास अपनी कार की तरफ बढ़ गए।
विकास ने कहा चल मैं ड्राइव करता हूं।
तू मुझे अपनी कहानी सुना।।
समीर ने कहा अरे बाबा टांग खिंचाई कर रहा है ना।

विकास ने कहा नहीं बाबा। अब घर चल शालू इन्तजार कर रही होगी।

फिर घर पहुंच कर ही सारी चीज़ें समीर ने रूम में रख दिया।
शालू ने कहा अरे बड़ी देर कर दी आप लोगो ने।
समीर ने कहा हां कुछ शापिंग रह गया था।
शालू ने कहा ओह सोमू तुम भी ना।
अच्छा चलो अब डिनर करते हैं। विकास ने कहा हां भाई बहुत भूख लगी है।
विनय काका ने खाना परोसा।
समीर ने कहा अरे वाह चिकन बिरयानी।।
विनय काका बोले अरे बेटा ये शालू बिटिया ने बनाया है।
समीर ने कहा अरे शालू डॉ ने आराम करने को कहा है पर।।
शालू ने कहा ओह हो। क्या हुआ कभी- कभी तो कर सकती हुं और फिर तुम्हें कितना पसंद है ये।
विकास ने कहा सो स्वीट। भाभी जी।
फिर सभी हंसी मजाक करते हुए खाना खाने लगे।
करीब ग्यारह बजे विकास अपने घर के लिए निकल गए।
समीर ने कहा गुड नाईट।कल मिलते हैं।
विनय काका भी अपने कमरे में आराम करने चले गए।
समीर ने कहा चलो मौका भी है दस्तुर भी है कहते हुए शालू को एक बार फिर अपनी गोदी में उठा लिया।
शालू ने कहा ये क्या सोमू छोड़ो मुझे। ये क्या दस्तुर है हां।
समीर हंसते हुए कहा अगर छोड़ दिया तो गिर जाओगी।
फिर समीर धीरे-धीरे सीढ़ी चढ़ने लगा।
मुस्कुराता हुआ,दिल जलाता हुआं मेरा यार।मेरा यार।मेरा यार।
फिर बेडरूम में ले जाकर बेड पर लिटा दिया। और उसके खुले हुए जुल्फों को हटाने लगा क्योंकि शालू का चेहरा ढक गया था।
शालू ने कहा क्या बात है डाक्टर साहब बड़े रोमांटिक हो रहे हो।
समीर ने कहा जी हां, कोई शक है क्या मैं तो हमेशा से रोमांटिक हुं पर मुझे रोमांस करने का मौका नहीं दिया।
शालू खुब हंसने लगी। और फिर बोली अच्छा, अच्छा ठीक है। क्या शापिंग किया?
समीर ने कहा हां,एक मिनट।
फिर सारा पैकेट लेकर रखा।
एक एक करके सब कुछ दिखाने लगा।
शालू एक दम से चौंक कर कहा अरे सोमू ये डायमंड नेकलेस क्यों।।
समीर ने कहा हां तो शादी तो एक बार ही किया हमने ये तो तुम्हारा हक है।
और हां ये दो नाईटी है प्लीज़ पहन कर दिखाओ।
शालू ने कहा अरे बाबा सोमू तुम भी ना।
समीर ने कहा हां तो क्या हुआ अगर हमारी शादी काफी देर से हुआं,तो क्या हुआ जो अगर हम अभी कालेज गोईंग नहीं रहें।तो क्या हुआ पर तुम मेरे लिए वही शालू हो और मैं तुम्हारे लिए वही सोमू।
शालू ने कहा अच्छा ठीक है रूलाया ना करो। चेंज करके आती हूं।
फिर कुछ देर बाद शालू एक रेड नाइटी पहन कर आई।
सोमू तो बस देखता ही रह गया, और बोला शालू तुम्हें कभी किसी की नजर ना लगे।
शालू शरमाते हुए सोमू से लिपट गई और फिर दोनों में प्यार का सिलसिला शुरू हुआ।
फिर कब सुबह हो गई पता नहीं चला। शालू ने कहा बदमाश मुझे सोने नहीं दिया तुमने।
समीर ने कहा हां हम नहीं सुधरेंगे। दोनों खुब हंसने लगे।
समीर ने कहा पता है शालू मुझे हमेशा से एक तुम्हारे जैसी मोटी चाहिए। शालू गुस्से से लाल हो गई और बोली अच्छा मैं मोटी हुं ना। ठीक है देख लुंगी तुम्हें।
फिर दोनों ही सो गए और सुबह उठे करीब आठ बजे।
समीर ने कहा ओह माई गॉड आज मेरा ओ टी था।
शालू उठकर नहाने चली गई।
तभी समीर को मिस मैरी का कालॅ आ गया।
समीर ने कहा यू केन हेन्डेल।यस,
शालू नहा कर बाहर आ गईऔर फिर अपने गीले बालों को पोंछने लगी और सोमू ने पीछे से शालू को पकड़ लिया। शालू ने कहा सोमू प्लीज़ हां अब कोई शरारत नहीं है।
सोमू ने कहा हां बाबा बस एक गुड मॉर्निंग किस तो करने दो। शालू ने कहा नहीं बिल्कुल नहीं।जाओ नहाने।
समीर मुंह बनाते हुए बाथरूम में घुस गया।
शालू ने समीर के अलमारी से शर्ट पेंट निकाल कर रख दिया और नीचे पहुंच गई।
विनय काका बोले अरे शालू बिटिया आ गई।
नाश्ता लग गया है बेटा।
शालू ने कहा हां काका।
फिर कुछ देर बाद समीर नीचे आ कर डाइनिंग हॉल में बैठ गए।
विनय काका ने जूस, टोस्ट,आमलेट सर्व कर दिया।
फिर दोनों खाना खाने लगे और पहली बार ऐसा हुआ कि दोनों ने एक-दूसरे खिलाया भी नहीं।
एक दम शांत हो कर खाना खाने लगे।
समीर ने कहा मेरा हो गया ये कहते हुए बहार कि तरफ जाने लगा।शालू सोमू को देखती रही पर सोमू बिना बोले निकल गया।
शालू ने गुस्से से जूस का गिलास टेबल पर जोर से रखा।
विनय काका बोले अरे शालू बिटिया ये दवा खा लो। समीर ने जाते समय दिया‌ था।
शालू ने कहा हां मैं ले लूंगी कहते हुए सीढ़ी से ऊपर चढ़ गई।
शालू ने मन में कहा सोमू ने आज ऐसा पहली बार किया। मुझे हर्ट किया उसने ,सिर्फ इसलिए कि मैंने उसकी जिद पुरी नहीं की।
उधर समीर भी गाड़ी में बैठ गए और वो भी मन में सोचा कि आज हमने साथ नाश्ता तो किया पर एक दूसरे को खिलाया नहीं।ये मुझे क्या हो गया अचानक शालू ने क्या सोचा होगा कि मैं क्यों नाराज़ हो गया उससे।।
ओह नो।। मैंने ये ठीक नहीं किया, मुझे उससे साॅरी बोलना चाहिए।
पर तभी समीर का एक फोन कॉल आ गया और वो बात करने लगे फिर शालू को फोन करना भूल गये।
अस्पताल पहुंच कर बहुत ही विजी हो गया समीर।
दोपहर में जाकर फ्री हुआं और तब उसे शालू की याद आ गई। समीर ने फोन किया पर शालू ने फोन नहीं उठाया क्योंकि शालू सो गई थी।
फिर घर के लेन्ड लाइन पर फोन किया और विनय काका ने फोन उठाया और कहा कि शालू बिटिया सो गई है।
समीर ने कहा अच्छा ठीक है काका।।
फिर तीन बजे शालू की आंखें खुली और उसने फोन देखा तो समीर के बहुत सारे कालॅ थे।
शालू ने फोन किया तो समीर ने फोन नहीं उठाया क्योंकि वो मिटिग में बैठे हुए थे।
विनय काका ने ऊपर आकर शालू का लंच रखा और कहा बिटिया थोड़ा सा खा लो।
शालू ने कहा नहीं काका बिल्कुल भुख नहीं है।
विनय काका बोले अरे बेटा समीर का फोन आया था और उसने ही कहा है कि शालू को खाना खिला देना।
शालू ने कहा हां पर वो नहीं आएं
विनय काका ने कहा आज तो समीर को दूसरे अस्पताल में भी जाना होता है रात तक आयेगा।
शालू ने कहा ओह माई गॉड,काका आप जाओ मैं खा लुंगी।

शालू बहुत ही ज्यादा अपसेट हो गई थी और वो बिना कुछ खाए पीए फिर से सो गई।

शाम को जब आंख खुली तो देखा कि समीर अपने लैपटॉप पर काम कर रहे थे। शालू जल्दी से उठ बैठी और फिर घड़ी को देखा तो बोल पड़ी अरे बाप रे,नौ बज गए। किसी ने उठाया नहीं मुझे।
समीर ने कहा अरे कैसे कोई उठा देता मैडम आप सोते हुए क्या लग रही थी।
शालू ने गुस्से में कहा मुझे किसी से बात ही नहीं करनी है। विनय काका मुझे एक ब्लैक काॅफी दिजिए।सर दर्द से फट रहा है।
समीर ने कहा हां सर दर्द तो होगा ही लंच कहा किया तुमने और मुझे पता चला कि दवा भी नहीं लिया।
शालू ने कहा हां तो एक दिन दवा नहीं लुंगी तो मर जाऊंगी क्या?
समीर उठा और फिर शालू के पास आकर कहा प्लीज़ अब ये मत बोलो, मौत से लड़ कर आई हो।। अब नाराजगी छोड़ो, मैं एक बढ़िया मसाज करता हूं।
फिर समीर ने बेड के साइड दराज में से बाम निकाला और शालू के कपाल पर हल्के ,हल्के से दबाने लगा अब शालू को समीर का स्पर्श अच्छा लग रहा था।
फिर विनय काका दो मग काॅफी रख कर चले गए।
शालू ने कहा बस ,अब रहने दो कुछ आराम मिला। समीर ने मुस्कुराते हुए काॅफी का एक मग शालू की तरफ बढ़ाया।
शालू ने कप पकड़ते हुए कहा थैंक्स।
समीर ने कहा तुमने जब काॅल किया था तो एक मिटिग में था।
शालू ने कहा हां पता है पर आज सुबह जो हुआ उसका।।इतना कहते ही समीर ने शालू के होंठों पर अपना हाथ रख कर बोला हां पर सब भुल जाओ। गलती हम दोनों की थी। शालू ने कहा पर सोमू।
समीर ने कहा अब चलो थोड़ा टहल कर आते हैं अच्छा लगेगा याद है ना हम हमेशा कालेज के सोसायटी में टहलते थे।
शालू ने कहा हां याद है।
समीर ने कहा चलो अब।।
फिर दोनों बाहर सोसायटी में आ गए।
फिर दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़ कर टहलने लगे।

सोसायटी में कुछ ही गिने चुने लोग टहलते हुए नजर आ रहे थे कुछ बातें करते हुए कालेज के बच्चे।
समीर ने कहा देखो इन लोगों को कैसे इन्जाय कर रहे हैं। शालू तुम कुछ बोलों ना।।
क्या तुम मेरे साथ खुश नहीं हो?


क्रमशः

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