Broken with you... - 1 @njali द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

Broken with you... - 1

सुबह होगी थी शायद में  बस बिस्तर पर लेटी थी थोड़ा सा उदासी सी थी दिल में एक अजीब सा जैसे दर्द सा लग रहा था 
जैसे किसी का दिल दुखा दिया हो 
मेरा फोन आज बहुत( vibrate)
कर रहा था बस आख़ खोलने का दिल नहीं कर रहा था । 
थोड़ा टाइम लगा खिड़की के किनारे  से कम्बल में से  देखा कम्बक्त आज भी धूप निकली है । ( दर्शाल हमको ये ठंड के कोहरे  बहुत आपनी तरह लगते है इसी लिए दिल लगा लिया था उनसे)


सुबह 10:15  पर ........

मेरा दिल नहीं लग रहा था थोड़ा बुफर पर   किशोर जी का गाना लगा कर  वहीं खिड़की के किनारे बैठ गई । चाय की चुस्कियां लेते लेते कुछ वक्त खुद के साथ खुद को  समझते बिता
  तभी निगाह  गली के अखबार वाले पर पड़ी । 
अरे वो तो शिव है ,  वहीं जिससे क्लास में इस लिए निकाल दिया जाता था क्यों कि वो साफ कपड़े नहीं पहनता था । 
कितना दिखवा कर दिया गया है आज के दौर में आगर अच्छा दिखोगे तो अच्छे हो 
 चाहे आंदर से आस्तीन के सपोले ही क्यों ना हो । 
बस उसके देख कर कुछ पुराने दिन याद कर लिए आंख से एक आशु बहुत दिन बाद बिना पूछे निकल गया  
बहुत दिन बाद दिल खोल के   रोना आगया था 
लगता है वहीं खिड़की पर ही रहा गया था मेरा शरीर मन बहुत दूर 
गोकुल  ( स्कूल) की गलियों में चला गया था 

11: 45 ..... बजे 
कुछ वक़्त बाद  मुकेश जी  का   ( किसी की मुस्ुराहटों पे हो निसार )गाना गुनगुनाते में नहने को सोच ही रही थी 
तबी गेट से आवाज आई मेडम कितना  साझोगी आज प्रैक्टिकल है  । 
बस तुरंत मुंह धुला  , बाल में कंघी कर के ड्रेस पहन की और  जैकेट में एक हाथ डालते हुए गेट खोला  ( वहीं मेरी permanent दिखावटी मुष्कान लिए में ) 
 अरे प्रिया मै भूल गली थी आज प्रैक्टिकल है 
Priya- गुस्से से  हा तेरा ज़िम्मा मैने जो के रखा है ले  आपनी फाइल पर नाम लिख दे बाकी सब लिखा है 
( Thank u priya) तू ना होती मेरा क्या होता 
प्रिया - चल बस कर नहीं तो तेरे चक्कर में में  प्रैक्टिकल नहीं छोर शक्ति चल जल्दी  हा हा बस तला मिल जाए ... 
प्रिया - तेरा फोन क्यों इतना बोल रहा है ..

पता नहीं notification  होगा किसी aap का छोर उससे ला बेग में रख लूं !!
 
फोन पर टाइम देखना चाहा कि प्रिया ने हाथ   खींच कर बाहर कर दिया चल जल्दी यार 
 
 
 मै- yr ये धूप क्यों निकल गई है आज 
गुस्सा लग रही h। बहुत 
प्रिया - क्या yr ठंड में मरना है तुझे 
मै - हा यार वहीं समझ लो 
( तभी प्रिया का बॉयफ्रेंड आ जाता है वो चली जाती है ) 
तू चल में आती हूं रवि के साथ दूसरे  रास्ते से 

मै भी आपना हेडफोन लगा के बस धूप को कोस कोस कर चले जा रही थी 

दोपहर,
2 : 30 बजे.....

Priya- तू ठीक तो है  ( मेरा मुंह देखते हुए) 
मै - हा मुझे क्या हुआ है ( वहीं मुश्कान के साथ) 

 प्रिया - मुझे रवि के साथ जानना है तू चली जा अकेले 
मै - ठीक है !! 
 
फिर हेडफोन लगाया  (किसी की मुशकुरतो  पर हो निसार) ..........
 .................

शाम
4:30   पर
.....................
 फिर थोड़ा सा पोहा लिया वहीं खिड़की पर बैठ गई ...
 फोन को खोला 50 संदेश थे... 
हमको बी  आजीब लगा 
वो सब एक तरफ मां का 15 बार फोन आया था 
दिल की धड़कन तो भैया पूछो मत फोन लगाया   मां नहीं उठाई .... 
 चलो फिर देखा wattup खोला  जन्म दिन की बधाइयां बहुत आई थी तभी तारीख पर नजर गई देख(11 Feb ) है आज तो 
सबको thank u , thank u ...... 
 बोल दिया ।।
मा को फिर फोन लगाया ?
 हा मम्मी नमस्ते...... 
Ma-  कैसी हो 
मै - ठीक 
मा - happy Birthday 
मै - hmmmmmmm
Ma-   तबीयत ठीक है 
मै- hmmmmm
मा - ठीक है कल आऊगी  आज टाइम नहीं लगा आने का 
मै - ठीक 
शाम तक को बात करती हूं नमस्ते
 
फिर फोन चार्ज पर लगा दिया 
 और बिस्तर ठीक कर के नाहने चली गई 
 
 
5:00 बजे 
फोन की घंटी बजने लगी 
मैने देखा unknown no था 
नहीं उठाया 
पुरानी  आदत है  दोस्तो 
फिर फोन आता रहा 
( फोन उठा ही लिया )

Hlw ? 
 मै चुप हो गई देखू कौन है !!!! 
 कोई रो रहा था 
हां अंजली बोल रही हो 
- हा आप कौन !
""मै रवि """
वो प्रिया का और मेरा accident हो गया है plzz जल्दी आ जाओ 
( फोन कान पर ही लगाए मैने एटीएम लिया और  चप्पल पहन के गेट बंद कर के ऑटो का इंतजार करने लगी) 

  रवि - hlw ?? 
( तुम आ रही हो कि नहीं यार ) 
मै - हा बस आ गई भाई 
मै चौराहे पर पहुंच गई थी देखा प्रिया का सिर से बहुत खून निकल चुका था 

 ( लोग बस  फोन निकल के वीडियो बनना रहे थे  , आज  कल वो जादा जरूरी होता है ) 
रवि  से मै -  एम्बुलेंस बुलाए 
रवि - हा but abi तक आई ही नहीं क्या करू  ( वो रोने लगा)
मै  -  चुप  हो जाओ बाइक लाओ  ऎसे ही  ले कर चलते है 
रवि -  लेकिन तुम तो खून देख कर चक्कर आते है 
मै -  हा तो में भी फोन निकाल के वीडियो  लू ( गुस्से में रवि को गाली दे दी ) 

रवि बाइक ले कर आ गया बोला चलो  मैने key le li bola usse utha kr बैठ  मै 
 चलती हूं
Ravi- मरोगी क्या?? 
मै - हा कुत्ते ( चल बैठ ) 
Priya- अंजली मै मर जाओगी आज रहने दो चलने को 
 ( रवि प्रिया को के कर बैठ जाता है ) 
हम hospital ke लिए निकाल जाते है 
 शेष कहानी अगले  भाग में तबतक आप  enjoy की जिए और शेयर की जिए 🙏






























रेट व् टिपण्णी करें

Aakash Kumar

Aakash Kumar 9 महीना पहले

@njali

@njali 1 साल पहले

बुलंदिया तुझे खुद ही तलाश कर लेगी मौका ना छोड़, मुश्किलो में मुस्कुराने का

TGAP

TGAP मातृभारती सत्यापित 1 साल पहले

અધિવક્તા.જીતેન્દ્ર જોષી Adv. Jitendra Joshi
Er Bhargav Joshi

Er Bhargav Joshi मातृभारती सत्यापित 1 साल पहले