The Author Shakti S Nahar फॉलो Current Read एलियन By Shakti S Nahar हिंदी रोमांचक कहानियाँ Share Facebook Twitter Whatsapp Featured Books पहली बारिश, पहला प्यार - 2 बारिश उस शहर की आदत थी।हर शाम आसमान ऐसे बरसता था जैसे उसे भी... नया युग - 3 अकादमी में रहते रुद्र को कुछ दिन हो चुका था और इसी बीच कुछ स... चलो दूर कहीं..! - 19 चलो दूर कहीं.. 19सुमी की चुप्पी प्रतीक्षा को खाए जा रहा था,... Ishq ka Ittefaq - 4 रात की वो खौफनाक आंधी तो थम चुकी थी, पर कबीर के स्पर्श की जो... The Billionaire Werewolf's Obsession - 2 स्वागत है दोस्तों एपिसोड 2 में! पिछले एपिसोड में हमने देखा क... श्रेणी लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी शेयर करे एलियन (7k) 2.7k 9.5k रोहन अपने यान में बैठकर अंतरिक्ष में यात्रा कर रहा है यह सन 3001 का समय है पृथ्वी के सभी देश एक देश बन चुके हैं सभी धर्मों की एकता स्थापित हो चुकी है सभी के लिए समान कानून हैं कोई अगड़ा नहीं कोई पिछड़ा नहीं कोई आरक्षण नहीं कोई झगड़ा नहीं कोई जनसंख्या विस्फोट नहीं कोई समस्या नहीं पृथ्वी स्वर्ग बन चुका है बुद्धिमान मानव की औसत आयु 500 वर्ष हो चुकी है मानव लगभग अजर अमर हो चुका है रोहन में कुछ खराबी आ जाती है रोहन को मजबूरी में निकट के सौर मंडल के एक ग्रह पर अपना यान उतारना पड़ता है या ग्रह पूरी तरह पानी से निर्मित है रोहन को कोई परेशानी नहीं होती क्योंकि इस समय तक मानव नहीं रहने के लिए ढल चुका है रोहन यान से बाहर निकलता है अरे उतर गया यह तो पानी से बना कोई लगता है रोहन पानी पर चलता है वह पानी में डुबकी लगाता है अरे यह क्या है यह क्या है आगे बढ़ता है नजदीक जाने पर का गोला विशाल दिखने लग जाता है यह एक कांच का गोला है अचानक द्वार खुलता है और घोड़ी पर सवार 40 व्यक्ति आराम से चल रहे थे सभी व्यक्ति मेथी आगे एक सफेद घोड़े पर बैठा व्यक्ति कहता है योग तुम कौन हो क्या तुम कराला के जासूस हो रोहन कराला कराला कौन कराला सेनापति हीरा की रानी कराला रोहन नहीं महोदय सेनापति हम जल ग्रह के वासी हैं तुम कहां की वासंती हो रोहन पृथ्वी का सेनापति और ब्रह्मांड केसर पृथ्वी के फिर वह रोहन को साथ ले चलने का इशारा करता है एक से अधिक रोहन को अपने घोड़े पर बिठा लेता है और वह द्वार की तरफ चल पड़ते हैं गोले के अंदर जाते ही रोहन को एक विशाल नगर दिखाई पड़ता है फिर सभी घुड़सवार रोहन को जल ग्रह के राजा के पास ले चलते हैं आओ जी आओ यह जनता है जग रहा है तुम्हारी पृथ्वी के लोग हमें एलियंस के नाम से पुकारते हैं जल ग्रह के सभी 6 फीट लंबे करते हैं वह करते हैं हमारे यहां आजकल महाधन यज्ञ चल रहा है राजाप्रभा बोला पूरी जल ग्रह के मकानों को गलियों की सफाई हो रही है मरम्मत व पुताई आदि का काम पूरा हो गया है घरों की फालतू वस्तुओं को हटा दिया गया है पूरा जल ग्रहण चमचम आ रहा है सरकारी आय को बेस का अधिक रखा जा रहा है पूरी आबादी स्थिर संख्या में वह स्वस्थ है ज्ञान विज्ञान उद्योगों का विकास किया जा रहा है पर्यावरण पर्यावरण इंसानियत को शुद्ध रखा जा रहा है हमारा महाधन यज्ञ यही है प्रोग्राम मुस्कुराते हुए बोला कोका कोला इस यज्ञ से जल ग्रहण संपन्न और शांतिप्रिय विकसित होता जा रहा है रोहन मुस्कुरा कर बोला यह तो बहुत अच्छी बात है प्रभा प्रभा होगा बोला पहले तू ही है साबित करना होगा कि तुम हमारे मित्र हो वह शक्तिशाली भी रोहन बोला ठीक है सौदा नहीं सारा किया और 40 योद्धा रोहन से मिलने आ गई दिल्ली आ गई सब हथियारबंद थे हथियारबंद थे रोहन को भी कवच हथियार उपलब्ध कराएगी देखते ही देखते रहो ने सभी योद्धाओं को पराजित कर दिया Download Our App