निशान्त, अराध्या को खोजने का प्रयास करता है। पहले वह गूगल और फिर फेसबुक पर उसे ढूंढने की कोशिश करता है। उसे पहले सफलता नहीं मिलती, लेकिन एक महिला की मदद से उसका फोन नम्बर प्राप्त कर लेता है। हालांकि, पहले तीन नम्बर गलत होते हैं। अंततः, वह सही नम्बर हासिल कर लेता है और अतीत की यादों में खो जाता है। उसने व्हाट्सएप पर कई संदेश भेजे, लेकिन अराध्या की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता। चरैवेति महेश रौतेला द्वारा हिंदी लघुकथा 9k 2.7k Downloads 15.9k Views Writen by महेश रौतेला Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ऐसा लगता है,साठ साल के दो मित्रों के अंतरंग क्षणों का संक्षिप्त वार्तालाप अपनी सुगंध खोया नहीं है।निशांत इस बीच अराध्या को एक यात्रा वृतान्त व्हाइटस एप्प पर पोस्ट करता है- More Likes This जग्गू - द डिटैक्टिव - 1 द्वारा Rakesh Kumar Sharma आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी