हिंदी लघुकथा किताबें और कहानियां मुफ्त पीडीएफ

    शह नशीं पर
    by Saadat Hasan Manto
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    वो सफ़ैद सलमा लगी साड़ी में शह-नशीन पर आई और ऐसा मालूम हुआ कि किसी ने नक़रई तारों वाला अनार छोड़ दिया है। साड़ी के थिरकते हूए रेशमी कपड़े ...

    वेडिंग कार्ड
    by Swatigrover
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    नैना  को  किसी ने मार दिया था। उसकी खून से  लथपथ  लाश लोगों  को कहने पर  मजबूर कर रही थी  कि  'क्या  अन्याय  है! दस  दिन बाद  इसकी  शादी  थी  ...

    शलजम
    by Saadat Hasan Manto
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    “खाना भिजवा दो मेरा। बहुत भूक लग रही है” “तीन बज चुके हैं इस वक़्त आप को खाना कहाँ मिलेगा?” “तीन बज चुके हैं तो क्या हुआ। खाना तो ...

    अपना अंश
    by Amita Joshi
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    "छाया,तुम्हारा पेट कुछ भारी भारी सा लग रहा है,कहीं कोई गुड़ न्यूज़ तो नहीं सुनाने वाली हो"।"अरे,ऐसा    कुछ नहीं है दीदी ,बस पिछले    दिनों   घूमने नही गए ...

    बारीश
    by Raje.
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    अभी 5:45 शाम के बज रहे थे।मैने नाश्ता खतम किया। और पुछा कितने रुपे हुए। वह कुछ दैर गीन कर बोला। शाब, 20 रुपे। मैने जट से पोकेट नीकाला और ...

    मेरी किस्मत
    by Rahul Sagar
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    मेरा नाम राहुल सागर है और मैं मेरठ का रहने वाला हूं मेरी उम्र करीब 21 वर्ष होगी जब मेरी मुलाकात निधि यादव से हुई मैंने एमकॉम कंप्लीट किया ...

    शरीफ़ान
    by Saadat Hasan Manto
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    जब क़ासिम ने अपने घर का दरवाज़ा खोला। तो उसे सिर्फ़ एक गोली की जलन थी जो उस की दाहिनी पिंडली में गड़ गई थी। लेकिन अंदर दाख़िल हो ...

    बंद गले का ब्लाउज
    by Dipak Raval
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    ‘बंद गले का ब्लाउज’ -दीपक रावल (मूल गुजराती से अनुवाद – मदनमोहन शर्मा) बालूभाई कब से बेचैन थे. आज लीला ने क्यों देरी की होगी ?रोजाना तो समय से ...

    छल
    by Ajay Amitabh Suman
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    सुबह का वक्त  था।  राजा महेंद्र सिंह राठौड़ अपने रथ में बैठकर रानी अरुणिमा सिंह के साथ नौका विहार हेतु अपने महल से बाहर जा रहे थे। अपनी रानी के ...