umbrella of protection book and story is written by Rinki Singh in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. umbrella of protection is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. सुरक्षा-छत्र Rinki Singh द्वारा हिंदी लघुकथा 10 63 Downloads 252 Views Writen by Rinki Singh Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गर्मी की दोपहर पूरे उन्माद पर थी। बाज़ार की चहल-पहल धीमी पड़ चुकी थी। श्यामा अपनी कपड़ों की दुकान के काउंटर पर बैठी थी। सामने शीशे के पार सड़क पर धूप बिखरी थी, पर उसके भीतर जैसे बरसों की सांझ उतरी हुई थी। दुकान में काम करने वाली दोनों लड़कियाँ बैग सँभालते हुए बोलीं, “आंटी, अब ग्राहक नहीं आएँगे… आप भी घर चली जाइए, थोड़ा आराम कर लीजिये।” शाम को पांच बजे आ जायेंगे हम...श्यामा ने सहज स्वर में कहा, “तुम लोग जाओ। मैं थोड़ी देर और बैठती हूँ, कुछ देर में चली जाऊंगी ।”दरवाज़ा बंद हुआ। भीतर सन्नाटा फैल More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी