दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें - 17 Pranava Bharti द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें - 17

Pranava Bharti मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें (लघु कथा-संग्रह ) 17-पिन ये क्या है? शिवम उठते हुए कुछ झुंझलाया।उसकी पैंट के पीछे कुछ भारी सा महसूस हो रहा था।थोड़ा टटोलने पर उसे पता चला उसकी पैंट में पिन ...और पढ़े


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