कहानी "डॉमनिक की वापसी" में, मुख्य पात्र और उसके साथी शिमोर्ग और विश्वमोहन अस्पताल से निकलकर एक पुराने संगीत गुरुकुल पहुँचते हैं। वहाँ का वातावरण अतीत की यादों से भरा होता है, जहाँ एक बड़ा नीम पेड़ कई कहानियों का गवाह है। वे डॉमनिक दा के कमरे का दौरा करते हैं, जो साधारण लेकिन पुरानी वस्तुओं से भरा है, जिसमें किताबें, पुराने अखबार, और एक पुरानी कॉपी शामिल हैं। जब अजीत बिस्तर के नीचे एक कॉपी पाता है, तो उसमें रेबेका के चले जाने के बाद के गहरे भावनात्मक अनुभवों का उल्लेख है। डॉमनिक दा अपनी जिंदगी में अकेलेपन और निराशा से जूझ रहा था, रेबेका को खोने के कारण वह खुद से भी बात करना बंद कर देता है और अपनी परिस्थितियों को और खराब करने की कोशिश करता है। वह वृंदावन जाकर एक आश्रम में कुछ दिन बिताता है, लेकिन वहाँ के पाखंड से ऊबकर निकल जाता है। एक रात, वह एक धर्मशाला में शरण लेता है और सुबह उठने पर उसे कुछ लोग घेर लेते हैं, जो उसकी उपस्थिति को लेकर जिज्ञासु होते हैं। कहानी अतीत और वर्तमान के बीच के संघर्ष, निराशा और खोज की यात्रा को दर्शाती है। डॉमनिक की वापसी - 31 Vivek Mishra द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 2.7k Downloads 8.7k Views Writen by Vivek Mishra Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शिमोर्ग और विश्वमोहन के जाने के बाद तुरंत अस्पताल से निकल पड़ने पर भी हम दोपहर बीतते-बीतते ही संगीत के पुराने गुरुकुल पहुँच सके. सचमुच ही वहाँ पहुँच के लगा था किसी ने अतीत में प्राण फूँक कर उसे जीवंत कर दिया है... कच्ची मुडेर से घिरे गोबर और लाल मिटटी से लिपे आँगन के बीचों-बीच झूमता विशालकाय नीम अतीत और वर्तमान में आवाजाही करता हुआ लगता था. वह कई कहानियाँ का गवाह था. आँगन के चारों ओर खपरैल की ढलवां छप्पर वाले कमरों के आगे छोटी-छोटी दालानें थीं. जिनकी दीवारों पे कई साल पहले की, अब बदरंग हो आई चितेवरी बनी थी. जिनमें केले के पेड़, हाथी-घोड़ा-पालकी, नाव-जाल-मछुआरे के चित्र कच्चे रंगों से बने थे. कच्ची ईटों के खम्बों पे वीणा, सारंगी, बाँसुरी, तबला जैसे बाद्य यंत्रों के चित्र बने थे... Novels डॉमनिक की वापसी वो गर्मियों की एक ऐसी रात थी जिसमें देर तक पढ़ते रहने के बाद, मैं ये सोच के लेटा था कि सुबह देर तक सोता रहूँगा। पर एन उस वक़्त जब नींद सपने जैसी किसी ची... More Likes This एकतरफा प्यार है ये - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri पहली मुलाकात डेविल से प्यार - 1 द्वारा goldi तुमसे मिलकर लगा... - भाग 1 द्वारा PRINCE खामोशी की छांव में - भाग 1 द्वारा mahendr Kachariya तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई - 1 द्वारा Khwaab ध्रुव की तारा - भाग 1 द्वारा Anamika सौभाग्याची शपथ - भाग 4 द्वारा jayesh zomate अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी