सुशांत ने एक महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया जिसमें उसने भारत की संस्कृति और इतिहास पर बात की। उसने स्वामी विवेकानंद के शब्दों से शुरुआत की और अपने देश की खुली संस्कृति और आक्रमणों के बावजूद ज्ञान की निरंतरता पर जोर दिया। सुशांत ने बताया कि कैसे उज्बेकी योद्धाओं ने भारत पर राज किया, लेकिन भारतीय संस्कृति और ज्ञान की परंपरा को खत्म नहीं कर पाए। सुशांत ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि विदेश में रहते हुए वह अपने देश की महक और पहचान को और गहराई से महसूस करता है। उसके व्याख्यान के दौरान छात्रों और प्रोफेसरों की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने उसे गर्वित किया। अंत में, डॉ. साकिब मिर्जाएव ने उसे गर्मजोशी से गले लगाया, जिससे सुशांत को सांस लेने में कठिनाई हुई। व्याख्यान के बाद, सुशांत थका हुआ था और जल्द ही होटल लौटने की इच्छा रखता था, जबकि पासपोर्ट और पुलिस के मामले उसके मन में चल रहे थे। सबरीना - 8 Dr Shushil Upadhyay द्वारा हिंदी महिला विशेष 6.6k 3.9k Downloads 9.9k Views Writen by Dr Shushil Upadhyay Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुशांत ने अपनी बात शुरू करने के लिए स्वामी विवेकानंद से शब्द उधार लिए जो उन्होंने शिकागो धर्म सम्मेलन में अमेरिकियों को संबोधित करने के लिए इस्तेमाल किए गए थे। सभागर में शून्य अपने पूरे विस्तार में मौजूद था, लेकिन ज्ञान की आभार और उसे पाने की चाहत की ऊर्जा से हर कोना दीप्त हो रहा था। सभागार का आकार भले ही बहुत बड़ा था, लेकिन उसे इस तरह बनाया गया था कि किसी भी वक्ता को ये अहसास हो कि वो किसी कक्षा में पढ़ा रहा है। उज्बेकी संस्कृति वहां मौजूद रंगों से लेकर चेहरों तक दमक रही थी। सुशांत ने हल्की मुस्कुराहट के साथ पूरे सभागार को देखा, असल में वो ये मैसेज देना चाह रहा था कि उसके मन में किसी प्रकार की घबराहट और संकोच नहीं है। उसने बात शुरू की- Novels सबरीना होटल टाशकेंट के बाहर चारों तरफ बर्फ फैली हुई थी। सामने के पार्क में मरियल धूप का एक टुकड़ा बर्फ से लड़ने की कोशिश कर रहा था। सुशांत अभी ऊंघ रहा था। तय न... More Likes This दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2) - 3 द्वारा Sonam Brijwasi DMA - Dehradun Military Academy - 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput मायके की देहलीज़ - भाग 1 द्वारा Nisha Choudhary एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर - 1 द्वारा Jyoti Prajapati चांदनी - 1 द्वारा Vandna Sharma ख़ाकी बिंदिया - भाग 1 द्वारा Shilpy Aggarwal फरामोश इश्क़ - 1 द्वारा Sakshi Rai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी