‘हाउसफूल 4’ की कहानी पुनर्जन्म पर आधारित है, जिसमें लंडन में रहने वाले तीन भाई हेरी, रोय और मेक्स, करोड़पति शेठ ठकराल की बेटियों से शादी करने का प्लान बनाते हैं। शादी के लिए वे भारत जाते हैं, जहां हेरी को अपने पिछले जन्म की याद आने लगती है, जब वह 1419 में एक राजकुमार था। उस जन्म में भी तीनों भाइयों का प्यार राजकुमारियों से अधूरा रह गया था। हालांकि पुनर्जन्म का विचार अच्छा है, लेकिन फिल्म में अपेक्षित मात्रा में कॉमेडी नहीं है। फरहाद सामजी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में मौजूदा हास्य घटक कमजोर हैं। कलाकारों की कोशिशों के बावजूद, लेखन में कमी के कारण कॉमेडी प्रभावी नहीं हो पाई है। फिल्म में अक्षय कुमार ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन रितेश देशमुख ने उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए। कुल मिलाकर, फिल्म में हास्य का अभाव और कमजोर पटकथा है, जो दर्शकों को प्रभावित नहीं करती। फिल्म रिव्यू ‘हाउसफूल 4’- दिवाली का तोह्फा या फिर..? Mayur Patel द्वारा हिंदी फिल्म समीक्षा 23.5k 4.4k Downloads 21.3k Views Writen by Mayur Patel Category फिल्म समीक्षा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण तीन सुपरहिट ‘हाउसफूल’ के बाद अब आई ‘हाउसफूल 4’ की कहानी पुनर्जन्म के इर्दगिर्द घूमती है. लंडन में रहेनेवाले तीन नाकारा भाई हेरी (अक्षय कुमार), रोय (रितेश देशमुख) और मेक्स (बोबी देओल) अपने सर पे चढा कर्जा उतारने के लिए करोडपति शेठ ठकराल (रंजित) की तीन बेटियों— क्रिती (क्रिती शेनोन), पूजा (पूजा हेगडे) और नेहा (क्रिती खरबंदा)— से शादी करने का प्लान बनाते है. शादी करने के लिए सब भारत के सितमगढ नगर में जाते है जहां हेरी को याद आता है अपना पीछला जन्म. 600 साल पुराना जन्म. जब 1419 में वो बाला नामका राजकुमार था, मेक्स धरमपुत्र नामका अंगरक्षक था और रोय बांगडु महाराज नामका नर्तक था. उस जन्म में भी तीनो को तीन राजकुमारीओं— मधु (क्रिती शेनोन), माला (पूजा हेगडे) और मीना (क्रिती खरबंदा)— से प्यार था, लेकिन राजकीय दुश्मनों की वजह से उनका प्यार अधूरा रह गया था. हेरी को अपना पीछला जन्म याद आ जाता है लेकिन किसी और को नहीं, तो अब वो इस मुहिम में लग जाता है की सबको उनका पीछला जन्म याद आ जाए लेकिन एसा करने में सब गडबड होती जाती है. Novels फिल्म रिव्यू - मयूर पटेल फिल्म रिव्यू – ‘ठग्स ओफ हिन्दोस्तान’… दर्शको को वाकइ में ठग लेगी ये वाहियात फिल्म कई सालों से ये होता चला आ रहा है की दिवाली के त्योहार पर रिलिज हुई... More Likes This ट्रिपलेट्स भाग 1 द्वारा Raj Phulware नेहरू फाइल्स - भूल-80 द्वारा Rachel Abraham Dhurandhar - Movie Review द्वारा Ashish पती पत्नी और वो - भाग 1 द्वारा Raj Phulware टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? - 9 द्वारा Ayesha फिल्म समीक्षा द डिप्लोमेट द्वारा S Sinha सिल्वरस्क्रीन के गोल्डन ब्वॉयज़ - 1 द्वारा Prabodh Kumar Govil अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी