इस कहानी में पूर्वी, जो एक बच्ची है, अपने जन्मदिन पर बुधिया द्वारा दिए गए आम के पौधे का मजाक बनाती है और उसे वापस कर देती है। स्कूल में टीचर द्वारा पेड़-पौधों के महत्व को समझाने के बाद, पूर्वी को अपनी गलती का एहसास होता है। वह अपनी दादी के साथ बुधिया के घर जाकर उससे माफी मांगती है। बुधिया भी उसे माफ कर देती है और फिर वे अच्छी दोस्त बन जाती हैं। बुधिया, जो पढ़ाई में रुचि रखती है, पूर्वी के साथ पढ़ने लगती है। उनकी टीचर संगीता बुधिया की प्रतिभा को पहचानती हैं और उसके पिता से उसे स्कूल में भर्ती कराने के लिए कहती हैं। पहले तो उसके पिता पढ़ाई को लेकर चिंतित होते हैं, लेकिन अंततः पूर्वी और उसके परिवार के समर्थन से वे सहमत हो जाते हैं। कहानी दोस्ती, माफी और शिक्षा के महत्व को दर्शाती है। बुधिया Asha Rautela द्वारा हिंदी लघुकथा 24k 2.8k Downloads 10.7k Views Writen by Asha Rautela Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बुधिया आज स्कूल में जब टीचर ने पेड़-पौधों का महत्त्व समझाया तो पूर्वी को अपनी गलती का अहसास हुआ कि एक सप्ताह पहले अपने जन्मदिन पर जब उसके माली की बेटी बुधिया ने उसे आम का पौधा उपहार में दिया तो उसने उसका कितना मजाक बनाया था। सचमुच उससे कितनी बड़ी गलती हो गई More Likes This पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी