कहानी "कुंए को बुखार" में, अंकल अपने भतीजे रोहन से कहते हैं कि उन्हें कुंए का बुखार नापना है। रोहन अपने दोस्त कमल को यह बताता है, जो पहले इस बात पर हैरान होता है कि क्या कुंए को भी बुखार हो सकता है। वे सभी कुंए की ओर जाते हैं, जहाँ कमल हरे टमाटर के पौधे के बारे में पूछता है। अंकल बताते हैं कि हरे टमाटर पकने पर लाल हो जाते हैं। जब कमल एक लाल टमाटर तोड़कर खाने की कोशिश करता है, तो अंकल उसे रोकते हैं और बताते हैं कि उस पर कीटनाशक का जहर लगा हुआ है। इस तरह कहानी में कुंए के बुखार के बहाने से बच्चों को खेती और सुरक्षा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। कुंए को बुखार Omprakash Kshatriya द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 2.9k Downloads 9.7k Views Writen by Omprakash Kshatriya Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कमल शहर से गाँव आया हुआ था. उस का दोस्त रोहन गाँव में रहता था. जब उसे पता चला कि रोहन के कुंए को बुखार है. आज उस की जाँच की जाना है तब रोहन और कमल ने क्या किया वे इस के लिया कहाँ गए और क्या-क्या किया जानने के लिए कहानी पढ़े. More Likes This धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी