यह कहानी राज और जेनी के बीच की प्रेम कथा है। राज को हर समय जेनी की याद सताती है और वह पछताता है कि उसने उसे कॉल क्यों नहीं किया। वह कई सवालों में उलझा रहता है, जैसे जेनी कैसा है, क्या वह नाराज है, या किसी मुसीबत में है। राज को जेनी के वादे पर भरोसा है कि वे एक दिन मिलेंगे। राज अपनी और जेनी की पहली मुलाकात को याद करता है, जो उसके रिश्तेदार रानू के निर्माणाधीन मकान पर हुई थी। उस दिन राज रानू से मिलने गया था, और जेनी ने गेट खोला। दोनों एक-दूसरे के लिए अनजान थे। रानू ने मजाक में कहा कि जेनी चाय नहीं बनाएगी? जेनी ने जवाब दिया कि मेहमान भगवान का रूप होते हैं और चाय बनाने चली गई। इसके बाद, राज और रानू चाय का आनंद लेने के लिए नीचे आए, जहाँ जेनी की तारीफें हो रही थीं। इस मुलाकात ने उनके बीच एक बुनियाद रखी, लेकिन राज को अभी भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि उनकी मोहब्बत का क्या अंजाम होगा। पहला एस. एम .एस. Lakshmi Narayan Panna द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 35.7k 10.3k Downloads 15.7k Views Writen by Lakshmi Narayan Panna Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण राज को हर पल जेनी की याद सताती है और तब राज को पश्चाताप होता अपने आप पर की उस दिन उसने जेनी को कॉल क्यों नही किया जब वादा किया था तो करना चाहिए था । न जाने क्या हुआ किस हाल में है कहीं उसका मोबाइल फिर से तो नही खराब हो गया अगर ऐसा है तो किसी दोस्त के मोबाइल या पब्लिक टेलीफोन बूथ से तो बात कर ही सकती थी । क्या जेनी उससे अब तक नाराज है कहीं ऐसा तो नही जेनी किसी मुसीबत में हो और अपनी तकलीफ राज से बता कर उसे दुखी नही करना चाहती इसी तरह के सवाल राज को बेचैन किये रहते हैं । फिर भी राज को जेनी के वादे पर यकीन है । जब भी वह उस दिन को याद करता है जब जेनी और राज ने एक दूसरे से वादा किया था कि वे जीवन मे कम से कम एक बार जरूर मिलेंगे । तब उम्मीद की एक नई किरण दिखती है कि एक न एक दिन उनकी मोहब्बत अपने अंजाम तक जरूर पहुंचेगी । यह कैसा रिस्ता है राज और जेनी के बीच प्यार है या सिर्फ वासना , यदि वासना थी तो राज और जेनी को बहुत सारे मौके मिलें तब क्यों नही कोई कदम बढ़ाया प्यार है तो कैसा जो फासले बढ़ने पर बढ़ रहा है प्यार अपने अंजाम तक तो बहुत पहले ही पहुंच चुका होता । राज याद करता है उस दिन को जब....… Novels पहला एस एम एस राज को हर पल जेनी की याद सताती है और तब राज को पश्चाताप होता अपने आप पर की उस दिन उसने जेनी को कॉल क्यों नही किया जब वादा किया था तो करना चाहिए था ।... More Likes This प्यार की परीभाषा - 1 द्वारा Rishav raj Ishq ka Ittefaq - 1 द्वारा Alok चांदनी रात का वादा द्वारा kajal jha Life is not Easy For me - 1 द्वारा Priya kashyap सीप का मोती - 1 द्वारा manasvi Manu जिस्म नहीं… इजाज़त चाहिए - 1 द्वारा Anshu Gupta Obsession - 1 द्वारा Bharti 007 अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी