रात के लगभग दस बज रहे थे। लोधी रोड स्थित CBI Special Crime Division के office से बाहर निकलते हुए शक्ति ने अपनी SUV स्टार्ट की। पिछले छह घंटों से चल रहे operation ने उसे थका दिया था, लेकिन उसका दिमाग अब भी trafficking case में उलझा हुआ था। शक्ति ने उस समय साधारण कुर्ती और जींस पहन रखी थी और उसने अपने बालों का जुड़ा बनाया हुआ था। तभी उसके फोन की घंटी बज उठी। उसकी नज़र बगल वाली सीट पर रखे फोन पर गई। स्क्रीन पर उभरता हुआ नाम देखते ही उसके चेहरे पर हल्की-सी मुस्कान तैर गई।

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Shakti ke Shiv - 1

रात के लगभग दस बज रहे थे। लोधी रोड स्थित CBI Special Crime Division के office से बाहर निकलते शक्ति ने अपनी SUV स्टार्ट की। पिछले छह घंटों से चल रहे operation ने उसे थका दिया था, लेकिन उसका दिमाग अब भी trafficking case में उलझा हुआ था। शक्ति ने उस समय साधारण कुर्ती और जींस पहन रखी थी और उसने अपने बालों का जुड़ा बनाया हुआ था।तभी उसके फोन की घंटी बज उठी। उसकी नज़र बगल वाली सीट पर रखे फोन पर गई। स्क्रीन पर उभरता हुआ नाम देखते ही उसके चेहरे पर हल्की-सी मुस्कान तैर गई।बिना देर ...और पढ़े

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Shakti ke Shiv - 2

शक्ति अपनी गाड़ी से शांति विहार एक्सटेंशन पहुँची। वहाँ एक सुनसान सी सड़क पर उसने गाड़ी रोक दी ! अपने खास खबरी का इंतज़ार करने लगी!बस कहीं-कहीं जलती स्ट्रीट लाइट्स की हल्की रोशनी अंधेरे को चीरने की कोशिश कर रही थी। चारों तरफ सन्नाटा पसरा था!अपनी गाड़ी की हेडलाइट दो बार फ्लैश की। खामोशी को तोड़ते हुए किसी ने धीरे से खिड़की पर दस्तक दी।शक्ति ने नज़र उठाई—और बिना एक शब्द कहे दरवाज़ा खोल दिया।वह व्यक्ति गाड़ी में बैठा था। गाड़ी की हल्की रोशनी में भी उसका चेहरा साफ दिखाई दे रहा था।शक्ति: “डिटेल में बताओ, रवि।”रवि ने गहरी ...और पढ़े

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Shakti ke Shiv - 3

कुशल कुछ पल चुप खड़ा रहा। शक्ति भी अपनी गाड़ी स्टार्ट कर वहाँ से निकल चुकी थी। कुशल उसके से थोड़ा परेशान था। उसे समझ आ गया था कि पैसों वाली बात उसने गलत तरीके से उठाई, लेकिन अपने बॉस के कहने की वजह से उसे वह सवाल करना पड़ा था। फिर भी उसके मन में कहीं न कहीं एक हल्की-सी बेचैनी रह गई थी।उधर शक्ति तेज़ी से गाड़ी चलाते हुए रवि द्वारा बताई गई लोकेशन की ओर बढ़ रही थी। बारिश अब हल्की हो चुकी थी, लेकिन आसमान में अब भी बादल छाए हुए थे।कुछ समय बाद वह ...और पढ़े

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Shakti ke Shiv - 4

शक्ति की नज़र कुछ सेकंड के लिए उस अंधेरे corridor पर टिक गई जहाँ से सब शुरू हुआ था।“Agar sirf ek part hai… to baaki network kahan hai?”थोड़ी देर खामोशी रही।“Aur sabse बड़ा सवाल—ye Shivay kaun hai?”उसकी आँखों में अब तक का सबसे गहरा doubt था।उस बंद पड़ी फैक्ट्री से बाहर निकली। बाहर अब हल्की ठंडी हवा चल रही थी और आसमान में सुबह होने के संकेत साफ़ दिखने लगे थे।उसने चलते-चलते अपना फोन निकाला और किसी को call लगाया।पूरी bell बजने के after, जब call कटने ही वाला था, तभी सामने से किसी ने उसे receive किया।शक्ति की ...और पढ़े

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Shakti ke Shiv - 5

शक्ति कुछ कहने ही वाली थी कि तभी उसकी jeans की pocket में रखा phone बज उठा।उसने तुरंत phone पर नाम flash हो रहा था—Dr. Chirag Mehta.शक्ति ने बिना देर किए call receive कर लिया।दूसरी तरफ से चिराग की gentle voice सुनाई दी—“Miss Shakti, कहाँ हैं आप?”शक्ति ने एक बार सामने खड़े कुशल और उसके boss की तरफ देखा, फिर जवाब दिया—“मैं बाहर हूँ… क्या हुआ? इस वक्त call किया, कोई बात है क्या?”चिराग की आवाज़ इस बार थोड़ी serious थी—“हाँ। आज हमारे hospital के trustee… और medical field के एक बहुत बड़े doctor यहाँ आ रहे हैं। मैं ...और पढ़े

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Shakti ke Shiv - 6

चिराग ने गहरी साँस लेते हुए रिपोर्ट शिवाय की ओर बढ़ा दी।"Sir... please, once have a look."शिवाय प्रताप सिंह बिना कुछ कहे रिपोर्ट अपने हाथ में ली और ध्यान से पढ़ने लगे।कमरे में कुछ पल के लिए गहरा सन्नाटा छा गया।रिपोर्ट पढ़ते हुए उनकी नज़रें एक-एक पन्ने पर ठहरती रहीं।तभी चिराग ने शांत स्वर में कहना शुरू किया—"Physically, ये बिल्कुल ठीक हैं। लेकिन मानसिक रूप से पिछले कई सालों से unresolved trauma से जूझ रही हैं। इन्हें अक्सर flashbacks आते हैं... और इन्हीं की वजह से severe anxiety develop हो चुकी है।"शक्ति चुपचाप सामने बैठी रही।चिराग आगे बोला—"ये जानबूझकर ...और पढ़े

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Shakti ke Shiv - 7

उधर…दिल्ली के बाहरी इलाके में स्थित Royal Crest Palace।शिवाय प्रताप सिंह इस वक्त अपने कमरे में रखे बड़े, गहरे रंग के leather couch पर आराम से बैठे थे।कमरे में हमेशा की तरह सन्नाटा था।उनके सामने कुशल राठौड़ खड़ा था और अगले कुछ दिनों की मीटिंग्स और बिज़नेस प्लान्स के बारे में बता रहा था।तभी मेज़ पर रखा शिवाय का फ़ोन बज उठा।उन्होंने स्क्रीन पर नज़र डाली।"Shivani Calling..."शिवाय के होंठों पर अनायास हल्की मुस्कान आ गई।उन्होंने कॉल रिसीव की।"कहाँ हैं आप, बड़े भाई सा?" दूसरी तरफ़ से शिवानी की चहकती हुई आवाज़ आई।शिवाय ने सहज स्वर में कहा—"दिल्ली में हूँ, ...और पढ़े

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Shakti ke Shiv - 8

उधर...शाम ढल चुकी थी।वाराणसी शहर अपनी रौनक में डूबा हुआ था। घाटों पर आरती की तैयारियाँ चल रही थीं|उसी शहर के बाहरी हिस्से में कई गाड़ियों का एक काफ़िला तेज़ी से आगे बढ़ रहा था।सबसे आगे चल रही काली SUV की पिछली सीट पर शिवाय प्रताप सिंह शांत भाव से बैठे खिड़की के बाहर देखते जा रहे थे।उनके पीछे की गाड़ियों में शिवानी, रुद्र, कामाक्षी और कार्तिक बैठे थे।शिवानी पूरे रास्ते खिड़की से बाहर झाँकते हुए उत्साहित होकर कभी घाटों की तरफ इशारा करती, तो कभी पुरानी इमारतों को देखकर मुस्कुरा उठती।"भाई सा को देखिए…" उसने हँसते हुए कहा, ...और पढ़े

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Shakti ke Shiv - 9

रात के लगभग साढ़े नौ बजे थे।सिंह परिवार के घर की ऊपरी मंज़िल पर बना स्टडी रूम हमेशा की शांत था। दीवारों पर सजी किताबें, बीच में रखी विशाल सागौन की मेज़ और खिड़की के बाहर पसरा बनारस का सन्नाटा पूरे कमरे को एक गंभीर वातावरण दे रहा था।शिवाय प्रताप सिंह खिड़की के सामने खड़े बाहर देख रहे थे। उनके चेहरे पर हमेशा की तरह वही ठहराव था, लेकिन आँखों में वर्षों से अधूरी एक तलाश साफ़ झलक रही थी।तभी दरवाज़े पर हल्की-सी दस्तक हुई।"Come in"दरवाज़ा खुला और कुशल अंदर आया।"बड़े भाई सा..."कुशल का शिवाय से कोई ख़ून का ...और पढ़े

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Shakti ke Shiv - 10

सुबह के ठीक आठ बजे...उसी समय मुख्य प्रवेश द्वार से शक्ति अंदर दाख़िल हुई।उसके साथ अलिशा भी थी।दोनों के पर वही गंभीरता थी, जो किसी नए मिशन की शुरुआत से पहले दिखाई देती है।जैसे ही शक्ति अंदर पहुँची, ड्यूटी पर मौजूद सभी पुलिसकर्मियों ने एक साथ सलामी दी।"जय हिंद, मैडम!""जय हिंद।"शक्ति ने शांत स्वर में जवाब दिया और बिना रुके सीधे कॉन्फ़्रेंस रूम की ओर बढ़ गई।अंदर ACP विक्रम सिंह और उनकी पूरी टीम पहले से मौजूद थी।शक्ति ने मेज़ पर रखी केस फ़ाइल उठाई और सभी अधिकारियों पर एक नज़र डाली।"आज से इस केस की असली जाँच शुरू ...और पढ़े

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