वेदांश राठौर एक ऐसी शख्सियत जो मुंबई ही नहीं बल्कि पूरी एशिया में अपना सिक्का जमाए हुए है। बिज़नेस वर्ल्ड में एक नाम गूंजता है .. वेदांश राठौर। इनकी दूसरी ओर सबसे खतरनाक पर्सनेलिटी "VR " उर्फ "Vectory of Risk" जिसका सही मायनों में अर्थ ही है – "जीत के लिए किसी भी हद तक जाना" फिर चाहे मौत ही क्यों न आ जाए। एक ऐसा शख्स जिसके लिए किसी की भी फीलिंग्स मायने नहीं रखती।
Mafia's Obsessed Love - 1
वेदांश राठौर एक ऐसी शख्सियत जो मुंबई ही नहीं बल्कि पूरी एशिया में अपना सिक्का जमाए हुए है। बिज़नेस में एक नाम गूंजता है .. वेदांश राठौर।इनकी दूसरी ओर सबसे खतरनाक पर्सनेलिटी "VR " उर्फ "Vectory of Risk" जिसका सही मायनों में अर्थ ही है – "जीत के लिए किसी भी हद तक जाना" फिर चाहे मौत ही क्यों न आ जाए। एक ऐसा शख्स जिसके लिए किसी की भी फीलिंग्स मायने नहीं रखती।वहीं दूसरी ओर है बेहद ही मासूम सी श्री आर्या जो रहती है.. UP के एक छोटे से गांव में अपने चाचा और चाची के साथ... ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 2
America, New York एक ऐसा शहर जो अपनी खूबसूरती के साथ-साथ बिजनेस के लिए भी अत्यंत लोकप्रिय है। इसी के बीचो-बीच एक खूबसूरत चमचमाती खड़ी building के टॉप फ्लोर, जो security से पूरी तरह घिरा हुआ है। बाहर खड़े ये security guard किसी robot की तरह हैं, जैसे इन्हें अभी अपने Boss के आर्डर मिले और ये किसी की भी पलभर में सांसे रोक दें। इसी टॉप फ्लोर के एक कमरे में एक round couch पर एक आदमी पैर के ऊपर दूसरा पैर चढ़ाई बैठा है ।जिसके एक हाथ में drink का ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 3
India, " अरे तुम्हारी प्रॉब्लम क्या है? तुमने अपनी age देखी है।29 के हो चुके और 30 के होने वाले हो, आखिरकार कब करोगे तुम शादी?" एक औरत जो अपने सामने खड़े उस शख्स से कह रही थी । "मॉम मुझे नहीं करनी अभी कोई शादी-वादी" वो शख्स अपनी गहरी और ठंडी आवाज में कहता है। उसके इतना बोलते ही वह औरत उस शख्स से कहती हैं... "आखिरकार क्या खराबी है ?उस लड़की में बोलो ..."इस पर वह लड़का चिढ़ते हुए बोलता है...मैंने कहा न मोम मुझे नहीं करनी कोई शादी.. ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 4
अब तक आपने पढ़ा "भाई" भाई कब आए।" तभी उसके आसपास बैठे वह लड़की और लड़का दोनों एक साथ उसकी कमर में मुक्का मारते हुए बोलते हैं... "भाई रात आए ।" अब आगे राठौर विला... अब तक वेदांश सीडीओ से नीचे आ चुका था, की तभी अजीत जो अपने एक हाथ में पराठे का रोल लिए था। वह अपनी जगह से खड़ा होता है और सीधे जाकर वेदांश के गले लगते हुए बोलता है... "I miss you bhai"" मैंने आपको बहुत मिस करा।" उसकी हरकत पर सभी अपना सर ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 5
अब तक आपने पढ़ा "Good morning श्री दी।" श्री हां इस लड़की का नाम श्री है पर वह बोलती है... "good morning नियम तुम जाग गए।" अभी श्री ने इतना बोला ही था कि... वह औरत जो अभी-अभी वहां आई थी चिल्ला कर बोलती है..."वाह.. महारानी अब क्या यही खड़े-खड़े टाइम गवांती रहेगी जा जाकर नाश्ता लगा।" इस पर श्री बोलती है... "जी चाचा जी अभी लगाती हूं।" इतना बोलकर वह वहां से किचन में चली जाती है । इधर बाहर नियम को उस औरत पर बहुत गुस्सा आता है। जो उसकी मां ही थी ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 6
अभी तक अपने पड़ा...उसने इतना कहा ही था कि एक थप्पड़ आकर उसके गाल पर पड़ता है साथ ही गुस्से से भरी आवाज आती है... "मनहूस कहीं की तेरे मां बाप तो मर गए और तुझे बोझ को हमारे ऊपर छोड़ गए ।" अब आगे .... श्री के आंसु आ जाते है... अपने और अपने मम्मी पापा के बारे में ऐसा सुनकर श्री अपना चेहरे को ऊपर उठा कर देखती है। ये थप्पड़ उसकी चाची ने ही उसे मारा था , जो अभी भी उसे ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 7
अब तक अपने पढ़ा....विधि जी की बात सुनने के बाद सब अपना सिर हां में हिला देते है, वहीं मिहिर और अजित इन तीनों की तो अलग ही खिचड़ी पक रही थी । ऊपर से ये सब सुनने का बाद तो तीनों का मुंह ही बन जाता है क्योंकि तीनों को ही अक्षिता पसंद नहीं थी। अब सभी की निगाहें वेदांश पर टिक जाती है जो वहीं खड़ा , पेंट की पॉकेट में दोनों हाथ डाले आपने एक्सप्रेसनलेस चेहरे के साथ उन्हें ही देख रहा था।अब आगे....वेदांश कुछ नहीं कहता उसके लिए ये शादी सिर्फ एक डील थी ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 8
अब तक ....ठीक उसी वक्त, कहीं दूर स्टेशन पर एक ट्रेन रुकती है…और उस ट्रेन में चढ़ती है श्री कांपते हाथों से टिकट पकड़कर, चेहरे पर डर और उम्मीद दोनों लिए।ट्रेन धीरे-धीरे चल पड़ती है…ट्रेन की खिड़की से बाहर झांकते हुए श्री धीरे से फुसफुसाती है —“अब जो भी होगा… वो भगवान भरोसे।"आगे.....श्री आपने मन में अभी ये सोची ही रही थी कि उसे याद आता है उसने तो अभी तक अपनी friend को बताया ही नहीं वह दिल्ली आ रही है .... वो जल्दी से अपना फोन निकलती है और कॉल लिस्ट चेक करने लगती है । ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 9
अब तक ...ट्रेन की दूसरी तरफ एक कोने में एक औरत किसी से फोन पर लगातार बात कर रही और बोल रही थी.... "अरे... तुम क्या जानो ... निरंजन ... क्या माल मिला है मुझे... एक बार देख लिया तो देखते ही रह जाओगे बहुत खूबसूरत है वो अगर हमारे कोठी पर आ जाए तो मुंबई की शान बन जाएगी..." एक औरत जो किसी लड़की की तरफ देखते हुएडेविल स्माइल के साथ फोन के दूसरे तरफ के आदमी से बोल रही थी।आगे .... वह औरत बार बार श्री की ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 10
सोफे के बीचों बीच एक खूबसूरत लड़की बैठी है । जिसने रेड कलर वन पीस स्ट्रीप ड्रेस जो केबल तक आ रही थी पहनी हुई है । उसके बॉल खुले हुए है जो कंधों तक आ रहे । हैवी न्यूड मेकअप के साथ न्यूड रेड लिपस्टिक उसकी निगाहें उसके फोन पर टिकी है । जैसे ही केबिन का दरवाजा खुलता है ... वह लड़की अपनी निगाहें उठा के उस तरफ देखती है । सामने से आ रहे शख्स को देखकर अपनी जगह से मुस्कुराते हुए उठती है और बोलती है ... "कैसे हो वेदांश ? " ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 11
जिस पर कुछ पल अक्षिता वेदांश को देखते ही रह गई... वह वेदांश की बातों का मतलब निकाल रही जो अभी-अभी वेदांश ने उससे कही कि वह शादी नहीं करेगा। "क्या मतलब था उसका? वह मेरे से शादी नहीं करेगा। " अक्षिता अभी-अभी अपने मन में चल रही बातों को खुद से कह रही थी.. वेदांश केविन के बाहर जा चुका था। जैसे ही अक्षिता को वेदांश की बातों का मतलब समझ आता है वह दांत पीसते हुए गुस्से से कहती है.... "ऐसा कभी नहीं होगा और मैं तुम्हारी शादी किसी और के साथ कभी नहीं होने दूंगी ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 12
इधर दूसरी तरफ वेदांश घर आता है काफी रात हो चुकी थी सब सो गए थे । राठौर विला चारों तरफ सिक्योरिटी गार्ड खड़े थे ।वह अपनी कार से उतरकर सीधा लिविंग एरिया में आता है। सामने मनीष जी बैठे हुए अपने फोन में कुछ कर रहे थे। वह सिर उठाकर देखते हैं, सामने ही कुछ दूरी पर वेदांश खड़ा होता है। वह बोलते है ... “खाना खाया?” हां...वेदांश सिर हिलाकर जवाब देता है। और “आपने, मॉम ने खा लिया क्या?” " हां खा लिया उन्हें दवाई की वजह से नींद आ रही ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 13
कोई प्रोग्राम था शायद उन लड़कियों को डांस टीचर की जरूरत थी श्री को क्लासिकल डांस आता था इसलिए प्रोग्राम नहीं होता तब तक उनकी डांस प्रैक्टिस श्री ही करा रही थी इससे उसे कुछ अर्निंग भी हो रही थी।मगर एक शाम ....आगे ...कुछ दिनों से श्री ने डांस को ही अपना प्रोफेशन बना लिया था। अब बहुत सारे बच्चे उससे क्लासिकल डांस सीखने मंदिर आते थे। वाकेई उसकी डांस स्किल "काबिल–ए–तारीफ" थी।कनिष्का भी श्री के लिए खुश थी उसे तो सच में यकीन ही नहीं हो रहा था मासूम सी दिखने वाली श्री के पास ऐसा हुनर भी ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 14
उन होठों पर खेलती उस मुस्कुराहट को देख अनायास ही वेदांश को अपना गला सूखता हुआ महसूस हुआ मगर चेहरे का रंग तो तब उड़ा जब कुछ जुल्फे उन होठों को छूती है... न... जाने.... कैसी आग लगाई थी उन जुल्फों ने वेदांश के अंदर... कि उसके हाथों की मुट्ठी कुछ इस कदर भींची जैसे आज उन जुल्फों का आज नामोनिशान ही मिटाकर मानेगा...।अब आगे ....वेदांश के हाथों की मुट्ठी बुरी तरह भींची हुई थी। उसके जबड़े आपस में कसे हुए थे। लेकिन क्यों?... शायद इसका जवाब तो उसके पास भी नहीं था...धीरे–धीरे कर श्री अपनी आंखे खोलती है... ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 15
और हमारा आखिरी फैसला यही है कि तुम उससे शादी करोगे... मुझे कोई excuse नहीं सुनना है अब तुम्हारे से ... " कहते हुए मनीष जी गुस्से से वेदांश को देखने लगते है... वेदांश भी उन्हें अपने भावहीन चेहरे के साथ देख रहा था..तभी पीछे से किसी के चिल्लाने की आवाज आती है...." हां.. आपने बिल्कुल सही कहा मामा जी... शादी के मामले में नो excuse वैसे भी जब तक इनकी शादी नहीं होती... हमारी तो भूल ही जाओ... और हां... में तो चाहता हूं.. भाई की शादी किसी मासूम सी प्यारी सी क्यूट सी लड़की से हो... जो ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 16
"जो तुमने क्या है मिस आर्या इसका हर्जाना तुम्हे भुगतना पड़ेगा..." कहते हुए वह अंदर आ जाता है ।ऐसे ये दो दिन भी निकल जाते है। और आ ही गया वो दिन... सुबह सुबह चारों तरफ चहल पहल थी क्योंकि आज थी शिवरात्रि..."अरे यार तुम्हे और कितना टाइम लगने वाला है plz जल्दी करो न... वैसे भी आज बहुत भीड़ होगी मंदिर में.."एक लड़की जो मिरर के सामने खड़ी होकर अपने बालों का बन बना रही थी। एक कमरे के दरवाजे की तरफ देख उसने तेज आवाज में कहा...उसकी नजर बार बार उस दरवाजे पर आकर रुक रही थी। ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 17
उसकी चीख सुन वो तीनों जल्दी से उसकी तरफ देखते है जिसके चेहरे की हवाइयां उड़ी पड़ी थी। जैसे कुछ ऐसा देखा जिसकी वो कल्पना भी नहीं कर सकता...मिहिर, जीवन और शायना हड़बड़ाते हुए अजीत की तरफ देखते है... जो ड्राइविंग शीट पर बिना पलक झपकाए सामने देख रहा था। जीवन अजीत के एक शोल्डर पर हाथ रख उसके गाल को छूते हुए बोला ..." भाई तुझे क्या हुआ यहीं चुड़ैल पिशाचनी के दर्शन हो गए जो तू ऐसे रिएक्शन दे रहा है जैसे... किसी लड़के ने तुझे किस कर दिया हो..।" बिन बुलाई आफत बकलोल महाराज उधर देख" ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 18
इधर... वेदांश फोन पर बात करता हुआ आगे बढ़ रहा था वह इस वक़्त मंदिर के दूसरे कॉरिडोर में था। यहां काफी शांति थी ज्यादातर लोग पूजा के लिए मंदिर के मेन एरिया में जा चुके थे।बस कुछ लड़कियां जो डांस प्रैक्टिस कर रही थी। उन्हें आज शाम एक प्रोग्राम अटेंड करना था इसलिए.. फिलहाल अभी पूजा शुरू होने की अनाउसमेंट नहीं हुई थी... ठंडी ठंडी हवाएं चल रही थी।इस बीच वेदांश बहुत सीरियस होकर बात कर रहा था। उसने बिल्कुल ध्यान ही नहीं दिया.. की आगे कोई है भी.. अचानक वह किसी से टकरा जाता..."आह"... एक लड़की की ...और पढ़े
Mafia's Obsessed Love - 19
मंदिर के मेन एरिया में एक बड़ा सा शिवलिंग रखा था।सभी उससे कुछ दूरी पर बैठे थे। जहां पूजा सभी तैयारी हो चुकी थी। श्री पंडित जी के कहने पर एक बार खुद से सारे सामान को देख रही थी... ऐसा नहीं था कि पूजा राठौर फैमिली करा रही है.. तो वो बहुत अमीर है और ये सब नहीं कर सकते....ऐसा कुछ नहीं था पंडित जी ने खुद ये काम श्री को सौंपा था, और विधि जी को भी इससे कोई प्रॉब्लम नहीं थी वो तो बस श्री का मासूम चहरा देखने में बिज़ी थी। उन्हें श्री की सादगी ...और पढ़े