Novels Stories free PDF Download | Matrubharti

अच्छाईयां - २६ 
by Dr Vishnu Prajapati
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भाग – २६ सूरज जैसे जैसे गुलाबो की बाते सुनता गया वैसे वैसे कुछ कडीयाँ जोड़ने लगा | ये डी.के जो सालो से हमारे देशमें ड्रग्स भेजता है और ...

मनचाहा - 13
by V Dhruva
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निशा- ओह..! थेंक्यू चन्टु.. love u beta...♥️ दीदी कहने के लिए वरना आजकल के बच्चे सीधा आंटी बोल देते है। सेतुभाभी- अच्छा ये बताओ क्या लेंगे? ठंडा, गरम या ...

दहलीज़ के पार - 21
by Dr kavita Tyagi
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अक्टूबर के प्रथम सप्ताह मे ‘दहलीज के पार' साप्ताहिक—पत्र प्रकाशित हो गया। पत्र की कुछ प्रतियाँ डाक के द्वारा गरिमा के पास पहुँचायी गयी और गाँव साक्षर स्त्रियो को ...

मनचाहा - 12
by V Dhruva
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निशा अंकल और आंटी के साथ हमारे पास आई। भरत अंकल (निशा के पापा)- कैसे हो सब बेटा? दिशा- सब एकदम अच्छे हैं मेरे सिवा। गायत्री आंटी (निशा की ...

दहलीज़ के पार - 20
by Dr kavita Tyagi
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चिकी जिस गाँव मे रहती थी, वह गाँव वैसे तो दक्षिणी दिल्ली की सीमा के अन्दर आता था, किन्तु विकास की दृष्टि से वह स्थान अभी तक गाँव से ...

जिंदगी कुछ हसीं कुछ ग़मगीन - 3
by Nilakshi Vashishth
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पिछले अंक में आपने पढ़ा की कैसे इतनी मुश्किलों का सामना कर क भी कनिका का पूरा परिवार साथ खड़ा हुआ था और इसमें जिसने सबसे ज्यादा साथ दिया ...

अच्छाईयां – २५
by Dr Vishnu Prajapati
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भाग – २५ इन्स्पेक्टर तेजधार की हुई मुलाक़ात से सूरज एक नई उलझन में फंस चुका था | तेजधार क्या ड्रग्स का धंधा करता होगा ? उसने मुझे ही ...

नया सवेरा - (सवेरे का सूरज) - 10
by Yashvant Kothari
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अन्ना के पास बहुत सा समय खाली रहता। करने को कुछ विशेप नहीं था। ऐसे में वो स्वयं में खो जाती। कुछ न कुछ सोचती रहती। कमरे में अकेली ...

मनचाहा - 11
by V Dhruva
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निशा के घर पहुंचने में थोड़ी देर हो गई थी। वैसे तो हमारा घर सिविल लाइन मे है और निशा का घर मोडल टाउन में तो पहुंच ने मे ...