देहरादून-
Famoud Bar Club
देहरादून का फेमस बार क्लब, यहां पर ऐसा कोई काम नहीं था, जो नहीं होता था। स्मगलिंग, ड्रग्स डीलिंग और भी ऐसे बहुत से इल्लीगल काम होते थे। बाहर से देखने में यह बार नॉर्मल लगता था। लोग यहां पर आकर चिल आउट करते थे, मस्ती करते थे, गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड टाइम स्पेंड करते थे, लोग ड्रिंक करते थे, बट इसकी सच्चाई कुछ ओर ही थी। यहां पर इल्लीगल काम इतनी सफाई से किए जाते थे कि किसी को कानो कान खबर नहीं होती थी।
यह बार क्लब इतना बड़ा था कि यहां पर स्पेशल गेस्ट को वीआईपी रूम प्रोवाइड किया गया था। उस बार क्लब के छोटे से कॉरिडोर से होते हुए साइड में एक रूम था। जिसके अंदर कुछ लड़कियां कपड़े चेंज कर रही थी। रात की शिफ्ट की कुछ यंग वेटर्स थी। जिनके लिए वहां पर ड्रेस सेलेक्ट करके पहले से ही रखे जाते थे और उन पर ऑलरेडी उनके नाम की स्लिप लगा दी जाती थी।
लड़कियां आपस में हंसते हुए ड्रेस पहन रही थी। उनके लिए जो ड्रेस रखी गई थी ,वह रिवलिंग थी, जिसमें उनकी बॉडी का सिर्फ कुछ हिस्सा ढाका था और बाकी सब कुछ रिवीलिंग था।
यहां के रूल्स कुछ अनाेईंग थे। लेकिन कोई भी वेटर या बार डांसर मना नहीं करती थी, क्योंकि सैलरी अच्छी थी। कुछ मजबूरी के कारण यहां काम करती थी, तो कुछ फैशन के लिए और कुछ को यहां पर काम करना पसंद था।
उनमें से एक कम उम्र की लड़की, जिसकी उम्र 19 साल की थी। वह दिखने में बेहद खूबसूरत, मासूम, जैसे वह इस घिनौनी भयानक दुनिया के बारे में नहीं जानती हो। वह आज पहली बार दुनिया का यह दूसरा रूप देख रही थी। उसकी मासूम सी आंखें सबको देखकर घबरा रही थी।
उसके नाम की स्लिप, जो ड्रेस पर पेस्ट थी, वह ड्रेस इतनी छोटी थी कि सिर्फ उस लड़की की चेस्ट और उसकी लोअर बॉडी का कुछ हिस्सा ही कवर हो सकता था। उसने आज से पहले कभी भी ऐसे कपड़े नहीं देखे थे। उसकी आंखों में आंसू आ जाते हैं।
उस लड़की की आंखों में आंसू देखकर उसके साथ की लड़की ने कहा, "अभी तुम न्यू हो ना, इसलिए तुम्हें यह सब कुछ अजीब लग रहा है। लेकिन धीरे-धीरे यहां पर काम करते हुए तुम्हें इन सब चीजों की आदत हो जाएगी। तुम्हें इस माहौल में खुद को डालना ही होगा। यहां पर हर कोई अपनी ज़रूरतें पूरी करने के लिए आता है। तुम भी यहां पर पैसों के लिए हो। उस मासूम सी 19 साल की लड़की ने अपना सिर घूमाकर उस लड़की की तरफ देखा, जो उसे यह नसीहत देखते हुए आई लाइनर लगा रही थी, मिरर में देखकर। उसने भी कुछ ऐसे ही कपड़े पहने हुए थे, जो दिखने में भद्दे लग रहे थे। लेकिन कई आंखों को यह कपड़े सुकून देने वाले थे।
वह 19 साल की लड़की कुछ भी नहीं बोल रही थी। मजबूरन उसे वह कपड़े सबके सामने ही चेंज करने थे। उसने जल्दी-जल्दी वह कपड़े पहने, लेकिन शर्म से वह इतनी लाल पड़ गई थी कि नजर तक उसकी नहीं उठ रही थी। उसका अभी दिल कर रहा था कि यहां से दूर भाग जाए, पर नाइट शिफ्ट शुरू हो चुकी थी और अब उन्हें बाहर जाना था, लोगों को ड्रिंक सर्व करने के लिए। उसके साथ की कुछ और भी लड़कियां थी, जो उसे खींच कर ले जाते हुए बोली, "हमें मैनेजर का नोटिस आया है, गेस्ट आ चुके हैं और हमें उन्हें ड्रिंक सर्व करने जाना है।
अगर हम लेट हो गए तो मैनेजर हमारी सैलरी कट कर लेगा।" यह सुनकर वह 19 साल की लड़की घबरा जाती है। वह अपने कांपते हुए पैरों को आगे बढ़ा रही थी। आज उसकी मासूमियत उससे जुदा होने वाली थी। इस कम उम्र में ही वह ऐसा कुछ देख रही थी, जो शायद कोई भी लड़की नहीं देखना चाहती।
उसके हाथ में एक ट्रे थमा दी जाती है। उसके नाजुक से हाथों ने उसे ट्रै को पकड़ा और वहां मौजूद आदमियों को देखकर वह सहमी हुई सी, अपनी नाजुक सी पलकों को झुकाते हुए, उसने अपने कदम उनकी तरफ बढ़ा दिए। एक-एक टेबल पर वह ड्रिंक की बोतल ध्यान से रख रही थी। बीच में एकआदमी ने उसका हाथ पकड़ लिया, जिससे वह लड़की इतना ज्यादा घबरा गई कि उसके हाथ से ड्रिंक छुटने ही वाली थी और उसे आदमी ने उस 19 साल की लड़की को खींच कर अपनी लैब पर बैठा लिया और फिर बोला, "लगता है, यहां पर न्यू हो तुम, आज ज्वाइन किया है क्या?"
उसे आदमी का लहजा बदतमीजी वाला था। वह जानबूझकर उस 19 साल की लड़की के बदन को छू रहा था। उसकी नीयत का अंदाजा उसकी आंखों और उसकी हरकतों से साफ पता चल रहा था। वह 19 साल की लड़की जल्दी से खड़ी हो गई और वहां से भाग गई।
यह देखकर वह आदमी हंसने लगा। वहां पर मौजूद हर आदमी लड़कियों को देखते हुए अपनी चेस्ट को सहलाता, तो कभी उन्हें आंखों से इशारा करता। लड़कियां भी पैसों के लिए उन्हें सेड्यूस कर रही थी। वह प्रोफेशनल थी और यहां का माहौल, शायद उन्हें काफी अरसा हो गया था, यहां काम करते हुए।
एक लड़की अपनी कैट वॉक के साथ ड्रिंक की बोतल को उस बदतमीज आदमी के पास लेकर आई और उसे देते हुए अपनी सेक्सुअल आवाज में बोली, "सर उम्मीद है कि आपको मजा आ रहा होगा। अगर आपको कोई भी तकलीफ हो रही है, तो आप मुझे बताइए। उस मासूम नन्ही की जान को छोड़ दे। आज उसका पहला दिन है और धीरे-धीरे एक दिन वह भी आप की गोद में आकर खुद बैठ जाएगी। हम उसे ट्रेन कर रहे हैं।"
वह बदतमीज आदमी, उस लड़की को देखते हुए उसकी स्किन पर उसके हाथ से वाइन की बोतल लेते हुए अपने होठ रखकर वहां पर किस करने लगता है।
वही वह 19 साल की लड़की एक कोने में खड़ी होकर अपने मुंह को जोर से दबाकर फूट-फूट कर रो रही थी। उसकी आंखों से झर झर आंसू बह रहे थे। जिस तरीके से वह आदमी उसे देख रहा था, उसे छू रहा था, उस लड़की को खुद से घिन होने लगी थी। वहां मौजूद हर एक आदमी अपनी आंखों से उसका रेप कर रहा था।
"मम्मा मम्मा." सिसकते हुए वह रोने लगी। तभी किसी ने एकदम से उसके बाल पकड़ लिए और गुस्से से खींचकर थप्पड़ उस लड़की के गाल पर मारते हुए बोला, "तुम यहां पर बैठकर रो रही हो। अगर आज चंपाकली ने वक्त रहते उस कस्टमर के गुस्से को शांत नहीं किया होता, तो तुम्हारी वजह से हमें कितना बड़ा नुकसान हो जाता।
वह हमारा एक रेगुलर कस्टमर है। अगर उसे गुस्सा आ गया होता तो उसके गुस्से को हम कंट्रोल नहीं कर पाते। तुम्हारी वजह से हमें आज क्या-क्या नहीं टॉलरेट करना पड़ता। थैंक गॉड चंपाकली ने सही वक्त पर उस आदमी को हैंडल कर लिया।"
वही वह 19 साल की लड़की के गालों पर पांचों उंगलियां छप गई थी और उसके आंसुओं से उस आदमी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। वह यहां का मैनेजर था।
मैनेजर को देखते हुए उस 19 साल की लड़की ने सर नीचे करके रोते हुए कहा, "सर, वह मुझे टच कर रहा था, मैं तो यहां पर वेटर हूं, मेरा काम सिर्फ ड्रिंक सर्व करना है।
इस पर उस मैनेजर ने गुस्से से उस लड़की को डांटते हुए बोला, "तुम्हें किसने कहा, कॉन्ट्रैक्ट पेपर्स में सारी कंडीशंस लिखी हुई है, हमारा काम है, कस्टमर को खुश करना।
अगर तुम उस कस्टमर को खुश करती तो तुम्हें एक्स्ट्रा बोनस मिलता है, हो सकता है कि वह आदमी तुम्हें कुछ ऐसा दे देता, जिससे तुम्हें पैसों में हेल्प हो जाती। ऐसे क्लाइंट्स को अपने हाथ से कभी जाने मत दो, हो सके तो उन्हें अपने जाल में फंसा लो।"
उस मैनेजर की यह बातें सुनकर उस 19 साल की लड़की का दिमाग ब्लैक हो गया था कि वह यहां पर सिर्फ वेटर का काम करने आई थी। लेकिन यहां पर उसे यह क्या ही देखने को मिल रहा है।
उस 19 साल की लड़की ने मैनेजर को देखते हुए बोला, "लेकिन मुझसे यह सब नहीं होगा।"
उसे मैनेजर ने गुस्से से लड़की के बालों को पकड़ते हुए, एक-एक शब्द पर जोर देते हुए बोला, "अगर तुम यह सब कुछ नहीं कर सकती, तो यहां से दफा हो जाओ।
तुम्हें कोई पैसा और बोनस नहीं मिलेगा।" वो 19 साल की लड़की घबराते हुए अपने कदम पीछे ले लेती है, क्योंकि वह यहां पर खुद भी काम नहीं करना चाहती थी। वह अभी अपने कदम आगे की तरफ बढ़ा रही थी कि पीछे से उस मैनेजर की आवाज सुनाई दी, "मैंने सुना है कि तुम्हारा भाई हॉस्पिटल में एडमिट है, तुम्हें अर्जेंटली उसके ऑपरेशन के लिए 15 लाख रुपए चाहिए।"
यह सुनकर उस लड़की के कदम ठहर गए और उसकी आंखों से आंसू बहने लगे। वह इतनी मजबूर हो गई थी कि अब ना तो उसके कदम आगे बढ़ रहे थे, ना ही वह इस दलदल में आना चाहती थी।
उस मैनेजर के होठों पर जहरीली मुस्कान आ गई। उसने उस लड़की की तरफ अपने कदम बढ़ाते हुए कहा, "15 लाख रुपए तुम्हें कोई भी नहीं देगा, तुम्हें उसके लिए कुछ करना पड़ेगा। तुम सही जगह पर आई हो, अगर तुम्हें अर्जेंटली पैसे चाहिए। लेकिन उसके लिए तुम्हें वह सब कुछ करना पड़ेगा, जो मैं तुमसे कहता हूं। हमें तुम्हारी जैसी यंग लड़कियों की जरूरत है, क्योंकि तुमसे कस्टमर हैप्पी रहते हैं।
फ़ना, तुम्हें पैसे चाहिए ना, अपने भाई के ऑपरेशन के लिए।"
उस 19 साल की लड़की का नाम फ़ना था। फ़ना अपना सर झुका कर खड़ी हुई थी और मैनेजर के शब्दों को सुनकर उसका दिल तार तार हो गया था। गले से आवाज नहीं निकल रही थी। इसलिए उसने सिर्फ अपना सिर्फ हां में हिला दिया। उसे मैनेजर ने फ़ना के कंधों पर हाथ रखते हुए कहा, "वेरी गुड, फ़ना, गुड गर्ल की तरह अपना काम करो और ट्रस्ट में, तुम्हारे भाई के ऑपरेशन के लिए तुम्हें पैसे जल्द ही मिल जाएंगे।"
फ़ना ने अपने कंधे पर उस मैनेजर का हाथ देखा। मजबूर फ़ना अब और कर ही क्या सकती थी। इसलिए वह अपने कदम वापस उस दलदल की तरफ बढ़ाने लगती है। वही मैनेजर उसे जाते हुए देखकर खतरनाक तरीके से हंसने लगता है।
फ़ना के अंदर कॉन्फिडेंस की कमी थी। वह लोगों से बात करना नहीं जानती थी। उसे दुनियादारी की कोई खबर नहीं थी। उसे कोई कुछ भी बोल देता था, वह कर लेती थी। इतनी छोटी सी उम्र में उसने बहुत कुछ देख लिया था। लोगों के घिनौने चेहरे भी उसकी आंखों के सामने आने लगे थे। जब अपने ही धोखा दे दे, तो हम दूसरों से क्या उम्मीद कर सकते हैं।
फ़ना हिम्मत करके ड्रिंक की ट्रै उठाती है और उसके बाद वह एक-एक कर सबके टेबल की तरफ जा रही थी। उस बदतमीज आदमी ने एक बार फिर से फ़ना की तरह अपनी सरसरी निगाहें दोड़ाई।
फ़ना फिर से घबरा गई और उसने उस आदमी को अवॉइड किया। वहां पर मौजूद हर किसी की नजरे फ़ना पर थी क्योंकि फ़ना वहां पर न्यू लड़की थी और वह इतनी खूबसूरत थी कि सभी की नजर एक-एक करके उस पर जा रही थी।
उनकी आंखों में वह हवस का सिलसिला, फ़ना के पल पल के साथ बढ़ता जा रहा था।
तभी फ़ना के पास एक लेडी आई
और उसने फ़ना के कान में आकर कुछ ऐसा कहा, जिसे सुनकर फ़ना के चेहरे का रंग उड़ गया। फ़ना उस लेडी की तरफ देखते हुए अपनी धीमी सी आवाज में बोली, "देखिए, मैं कैसे करूंगी, आज मेरा फर्स्ट डे है।"
उस लड़की ने फ़ना को देखते हुए मुस्कुरा कर कहा, "तुम्हारे लिए यह बेटर ऑपच्यरुनिटी है और तुम इतनी खूबसूरत हो कि तुम्हारे हुस्न पर कोई भी फ़िदा हो सकता है।"
फ़ना को किसी को ना करना नहीं आता था। कॉन्फिडेंस नहीं था उसके अंदर, इतनी मासूम थी कि वह उस लड़की की बातों में आ जाती है। फिर वह अपने कदम एक रूम की तरफ बढ़ाने लगती है। उसने अपने हाथ में उस रूम नंबर को देखा, रूम नंबर 6 था।
फ़ना उस कमरे में जाने से पहले कुछ करना चाहती थी। इसलिए उसने डरते हुए उस रूम की तरफ देखा, वहां से उसे इतनी ठंडी वाइब आ रही थी कि उसके पैर आगे बढ़ ही नहीं रहे थे।
फ़ना ने अपनी शॉर्ट स्कर्ट के बीच में एक कॉइन छुपा कर रखा था। उसे वह अपने हाथ में रखती है और उसके बाद उसे टॉस करती है और आंखें बंद करके वह अपने मन मे बडबडाते हुए बोली, "प्लीज, आप मुझे गाइड करें कि मुझे अंदर जाना चाहिए या नहीं जाना चाहिए। अगर हेड आया तो मैं अंदर जाऊंगी और अगर टेल आया तो मैं वापस लौट जाऊंगी।"
उस कॉइन को चूमने के बाद फ़ना अपना सारा फैसला उस कॉइन पर छोड़ देती है और जब उसने उस कॉइन को अपने हाथों में टॉस किया और आंखें खोल कर देखा तो हैरान हो गई थी। फ़ना ने वापस से उस कॉइन को अपनी पॉकेट में रखा और फिर ट्रे को लेकर फ़ना ने धीरे से उस रूम के डोर को ओपन किया। अंदर सन्नाटा था। शायद अंदर मीटिंग चल रही थी। वहां पर मौजूद लोग इतने लंबे-लंबे और बड़े-बड़े थे कि फ़ना डर गई थी। 6, 6 फुट से भी लंबे आदमियों को एक साथ देखकर फ़ना की सांस थम गई थी।
सबने बिजनेस सूट पहन रखा था। वहां पर कोई प्राइवेट मीटिंग हो रही थी। फ़ना ड्रिंक की बोतल लेकर अंदर गई और उसने वह ड्रिंक की बोतल टेबल पर जैसे ही रखनी चाही।
उसकी नजर एक आदमी पर गई। जिसकी हाइट 6 फुट 2 या 3 इंच के करीब होगी। उसने ब्लैक कलर का थ्री पीस सूट पहन रखा था। उसकी आंखों पर शेड्स थे, उसके राइट हैंड में ब्रांडेड वॉच थी। उस आदमी की वाइब कुछ ऐसे थी कि उसके सामने मानो सभी झुके हुए थे।
उसे आदमी ने एक नजर फ़ना की तरफ देखा। फ़ना घबरा गई और उसके हाथ से वह ड्रिंक की बोतल छुट कर टेबल पर गिर गई और टेबल पर, जो कॉन्ट्रैक्ट के पेपर रखे हुए थे, वह खराब हो गए।
फ़ना का दिल धक से रह गया। उसी वक्त वह 6 फुट 3 इंच का आदमी खड़ा हुआ और उसने गुस्से से फ़ना के बाल पकड़ लिए और जोर से उसका सिर्फ टेबल पर दे मारा। फ़ना की चीख निकल गई और उस आदमी के हाथ यही नहीं रुके। सभी उस आदमी का गुस्सा देखकर डर गए थे, क्योंकि यहां पर मौजूद कोई भी नहीं था, जो उसके सामने बोल सके।
वह इंर्पोटेंट पेपर्स थे और आज ही डील फाइनल करनी थी, जो इस लड़की की वजह से खराब हो चुकी थी। वह आदमी गुस्से से उस लड़की के बाल पकड़कर उसे घसीटते हुए रूम से बाहर ले गया। फ़ना जोर-जोर से चिल्ला कर हेल्प के लिए चीख रही थी।
लेकिन फ़ना की उस दर्द भरी चीख को, वहां मौजूद हर एक शख्स ने अनसुना कर दिया था।
सभी के माथे पर पसीने की बूंदे थी कि इस लड़की ने बहुत बड़ी गलती कर दी। जिसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।
उस लड़की की चीखें पूरे बार क्लब में गूंज रही थी। लेकिन कोई भी जैसे मानो सुन ही नहीं रहा था।
वह लड़की गिड़गिड़ाते हुए बोली, "प्लीज सर, मुझे माफ कर दीजिए, मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। मैंने यह जानबूझकर नहीं किया।" लेकिन फ़ना के एक भी शब्द का असर नहीं हो रहा था, उसे आदमी पर। वह आदमी उसे घसीटते हुए बार क्लब से बाहर ले गया।
बार के मैनेजर के भी माथे पर पसीना आ गया था और वह भी फ़ना को बचाने के लिए आगे नहीं आया। क्योंकि इस आदमी से पंगा लेना उनके बस की बात नहीं थी।
उस 6 फुट 3 इंच के आदमी ने फ़ना को कार के अंदर फेंक दिया। फ़ना कार से बाहर निकलने के लिए तड़प रही थी।
उस आदमी ने खींच कर फ़ना के गाल पर एक जोरदार थप्पड़ मारा। फ़ना का सिर घूम गया और होठों के कोने से खून बहने लगा। फ़ना दोबारा उस लेदर सीट से उठकर कार की विंडो पर जोर जोर से हाथ मारकर हेल्प के लिए चिल्लाने लगी।
कार लॉक हो चुकी थी। उस आदमी ने गुस्से से फ़ना के बाल पकड़े और उसका ग्लास विंडो से लगाकर प्रेस करने लगा। वह कुछ बोल नहीं रहा था, लेकिन उसका गुस्सा इतना भयानक था कि आज जीते जी फ़ना को यमराज नजर आ रहे थे।
उस शख्स ने फ़ना को कार की विंडो के अगेंस्ट प्रेस कर रखा था। फ़ना हिल डुल नहीं पा रही थी। उसका गाल बिल्कुल ही उस विंडो से चिपक गया था।
फ़ना की आंखों से झर झर आंसू बह रहे थे। कुछ 10 मिनट बाद ही कार रुक गई और उस आदमी ने फ़ना के बाल पकड़े और उसे कार से जबरदस्ती बाहर निकाला। फ़ना उसके पैरों को पकड़ते हुए बोली, "सर, मुझे माफ कर दीजिए, मुझसे गलती हो गई। मैं कभी आपको दोबारा नजर नहीं आऊंगी।" लेकिन वह आदमी फ़ना की एक भी नहीं सुनता।
वह फ़ना को घसीटते हुए होटल रूम के अंदर ले गया और उसने फ़ना को रूम के अंदर फेंक दिया। फ़ना धम्म से जमीन पर गिर गई। उस आदमी ने गुस्से से डोर बंद कर दिया। फ़ना पीछे की तरफ खिसकते हुए गिड़गिड़ाने लगी। "मुझे माफ कर दीजिए सर, मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई, नो, प्लीज no।" उसे आदमी ने फ़ना को देखा और गुस्से से उसने अपनी पैंट से बेल्ट निकाली और उसके बाद उस कमरे में सिर्फ फ़ना की चीखें सुनाई दे रही थी। फ़ना अधमरी सी हो गई। उस आदमी ने फ़ना को उठाकर गुस्से से बेड पर पटक दिया। वह अभी भी खुद को बचाने की कोशिश कर रही थी। अपने नाजुक से शरीर को सिकोड़ते हुए वह छटपटा रही थी। तभी उस आदमी ने उस के कपड़ों को उसके बदन से अलग कर दिया और बेड के नीचे फेंक दिया। उसने फ़ना के हाथों को बेल्ट से बांध दिया। वह अब कुछ भी नहीं कर पा रही थी। वह बस अपनी गर्दन ना में हिलाते हुए रोए जा रही थी। उस आदमी ने जैसे ही अपने शर्ट के बटन खोलने स्टार्ट किए, फ़ना को ऐसा लगा, जैसे आज वह कहीं की नहीं रह जाएगी। वह खुद की इज्जत को बचाने के लिए उस आदमी से भीख मांग रही थी।
लेकिन वह 6 फुट 3 इंच का आदमी 19 साल की फ़ना पर रहम नहीं खाता। उसने फ़ना के पैरों पर अपनी पकड़ इतनी टाइट कर रखी थी कि फ़ना हिल डुल भी नहीं पा रही थी। उसने फ़ना के मुंह को दूसरी तरफ कर दिया।
मिलते है अगले chapter me