do dilo ka intezar Dheeraj kumar Kashyap द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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do dilo ka intezar



दो दिलों का इंतज़ार
एक छोटे से गाँव में मोहित नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत मेहनती और शांत स्वभाव का था। उसके पिता किसान थे और मोहित खेती में उनकी मदद करता था। मोहित का सपना था कि वह अपने परिवार के लिए एक अच्छा घर बनाए और अपने माता-पिता को खुश रखे।
उसी गाँव में रिया नाम की एक लड़की रहती थी। रिया पढ़ाई पूरी करके शहर में नौकरी करना चाहती थी। वह बहुत समझदार और दयालु थी। गाँव के सभी लोग उसे पसंद करते थे।
मोहित और रिया की पहली मुलाकात गाँव की पुरानी लाइब्रेरी में हुई। रिया एक किताब ढूँढ़ रही थी, लेकिन उसे वह किताब नहीं मिल रही थी। मोहित ने उसकी मदद की और किताब निकालकर उसे दे दी।
रिया ने मुस्कुराकर कहा, “आपको हर किताब का पता कैसे मालूम है?”
मोहित ने हँसकर कहा, “क्योंकि मैं यहाँ अक्सर आता हूँ। किताबें मेरी सबसे अच्छी दोस्त हैं।”
रिया ने कहा, “तो आज से मैं भी आपकी दोस्त।”
मोहित कुछ नहीं बोल पाया, लेकिन उसके चेहरे पर मुस्कान आ गई।
इसके बाद दोनों अक्सर लाइब्रेरी में मिलने लगे। वे घंटों बातें करते। रिया अपने सपनों के बारे में बताती और मोहित अपने परिवार के बारे में। धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे।
एक दिन रिया ने कहा, “मुझे शहर में नौकरी मिल गई है। मुझे अगले महीने जाना होगा।”
यह सुनकर मोहित कुछ देर चुप रहा। उसके दिल में डर पैदा हो गया कि कहीं रिया उससे दूर न हो जाए।
उसने बस इतना कहा, “तुम अपने सपने पूरे करने जरूर जाना। मैं तुम्हें कभी रोकूँगा नहीं।”
रिया ने पूछा, “और अगर मैं बहुत दूर चली गई तो?”
मोहित ने मुस्कुराकर कहा, “दूरी प्यार को खत्म नहीं करती, अगर दिल पास हों।”
रिया की आँखों में आँसू आ गए।
कुछ दिनों बाद रिया शहर चली गई। शुरुआत में दोनों रोज फोन पर बात करते थे। फिर काम बढ़ने लगा और बातचीत कम होने लगी। कई बार रिया थक जाती और फोन नहीं कर पाती। मोहित उसे समझता था, लेकिन अंदर से उसे उसकी बहुत याद आती थी।
एक साल बीत गया।
मोहित ने अपनी मेहनत से खेती के साथ एक छोटा व्यवसाय भी शुरू कर लिया। उसने धीरे-धीरे पैसे बचाए और अपने माता-पिता के लिए नया घर बनवाया।
उधर रिया ने भी शहर में मेहनत करके अच्छी नौकरी हासिल कर ली थी। लेकिन उसके मन में गाँव और मोहित की याद हमेशा रहती थी।
एक दिन रिया अचानक गाँव वापस आई। वह सीधे उसी पुरानी लाइब्रेरी में गई जहाँ उनकी पहली मुलाकात हुई थी।
मोहित वहाँ पहले से बैठा था।
रिया को देखते ही वह खड़ा हो गया।
रिया ने मुस्कुराकर पूछा, “तुमने मेरा इंतज़ार किया?”
मोहित ने कहा, “हाँ। क्योंकि मैंने तुमसे कहा था कि दूरी प्यार को खत्म नहीं करती।”
रिया की आँखों से आँसू निकल आए। उसने कहा, “मैंने भी तुम्हें कभी अपने दिल से दूर नहीं किया।”
मोहित ने उसका हाथ पकड़कर कहा, “क्या अब तुम हमेशा के लिए मेरे साथ रहोगी?”
रिया ने मुस्कुराकर जवाब दिया, “अगर तुम मेरा हाथ कभी नहीं छोड़ोगे, तो मैं भी तुम्हारा साथ कभी नहीं छोड़ूँगी।”
दोनों ने एक-दूसरे को देखा। उनके बीच एक साल की दूरी थी, लेकिन उस पल ऐसा लगा जैसे वे कभी अलग हुए ही नहीं थे।
कुछ समय बाद दोनों परिवारों की सहमति से उनकी शादी हो गई। रिया ने गाँव में बच्चों के लिए एक छोटा पढ़ाई केंद्र शुरू किया और मोहित ने अपना व्यवसाय बढ़ाया।
दोनों ने मिलकर अपने सपनों का घर बनाया।
सच्चा प्यार वह नहीं जो हमेशा पास रहने का वादा करे, बल्कि वह है जो दूर रहकर भी भरोसा बनाए रखे।
अगर चाहें तो मैं �⁠एक और 600 शब्दों की राजा-रानी वाली प्रेम कहानी भी लिख सकता हूँ।