ROYAL HERITAGE HOTEL
सूनसान सड़क
रात के लगभग दस बज रहे थे।
तेज़ बारिश हो रही थी।
अर्जुन की कार एक सुनसान पहाड़ी सड़क पर धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी।
अचानक…
**धड़ाम!**
कार बंद हो गई।
अर्जुन ने कई बार इंजन स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन कार चालू नहीं हुई।
उसने मोबाइल निकाला।
**नेटवर्क नहीं था।**
चारों तरफ सिर्फ अंधेरा…
बारिश…
और पेड़ों के हिलने की आवाज़।
तभी **बिजली चमकी।** ⚡
बिजली की तेज़ रोशनी में अर्जुन ने सड़क के किनारे कुछ देखा…
**एक पुराना, टूटा हुआ होटल।**
उसके ऊपर लगा बोर्ड हवा में हिल रहा था—
**“रघुनाथ होटल”**
और तभी…
होटल की दूसरी मंज़िल की एक खिड़की में **किसी की परछाईं दिखाई दी।**
और कुछ दूरी पर अर्जुन को एक पुरानी इमारत दिखाई दी।
उसके ऊपर एक टूटा हुआ बोर्ड लगा था—
ROYAL HERITAGE HOTEL
अर्जुन ने राहत की साँस ली।
“कम से कम आज रात रुकने की जगह तो मिल गई…”
उसे नहीं पता था…
कि उस होटल में बिताई जाने वाली यह रात…
उसकी ज़िंदगी की सबसे खतरनाक रात बनने वाली थी।
अजीब होटल
अर्जुन होटल के अंदर पहुँचा।
रिसेप्शन पर एक बूढ़ा आदमी बैठा था। उसकी आँखें अजीब तरह से अर्जुन को देख रही थीं।
अर्जुन बोला—
“मुझे आज रात के लिए एक कमरा चाहिए।”
बूढ़े आदमी ने धीरे से पूछा—
“तुम… अकेले हो?”
अर्जुन हँस पड़ा।
“हाँ, क्यों? यहाँ भूत-वूत तो नहीं हैं?”
बूढ़े आदमी के चेहरे से मुस्कान गायब हो गई।
कुछ सेकंड तक उसने अर्जुन को चुपचाप देखा।
फिर बोला—
“नाम?”
“अर्जुन।”
उसने एक पुरानी रजिस्टर बुक खोली।
अर्जुन ने उसमें अपना नाम लिखा।
तभी उसकी नज़र रजिस्टर के पुराने पन्नों पर गई।
वहाँ दर्जनों नाम थे।
लेकिन कई नामों के आगे लाल रंग से लिखा था—
**CHECK OUT — NOT FOUND**
अर्जुन ने पूछा—
“इसका क्या मतलब है?”
बूढ़ा आदमी तुरंत रजिस्टर बंद कर देता है।
“पुराने रिकॉर्ड हैं…”
फिर उसने एक चाबी निकाली।
चाबी पर लिखा था—
**1**
अर्जुन ने चाबी को देखा।
“कमरा नंबर 1?”
बूढ़े आदमी का हाथ काँपने लगा।
“हाँ…”
फिर वह धीरे से बोला—
“एक बात याद रखना…”
अर्जुन उसकी तरफ देखने लगा।
“रात को अगर कोई दरवाज़ा खटखटाए…”
बूढ़े आदमी ने धीमी आवाज़ में कहा—
**“दरवाज़ा मत खोलना।”** 👁️🏨🌧️
**कमरा नंबर 1**
अर्जुन लंबा गलियारा पार करते हुए कमरे तक पहुँचा।
गलियारे में कई बल्ब खराब थे। कुछ जगह पूरी तरह अंधेरा था।
**कमरा नंबर 1…**
होटल के सबसे आखिरी कोने में था।
अर्जुन ने चाबी लगाई।
दरवाज़ा धीरे-धीरे खुला।
**क्रीईईईक…**
कमरे में धूल थी।
एक पुराना बिस्तर।
एक लकड़ी की अलमारी।
एक बड़ा आईना।
और दीवार पर लगी एक बंद घड़ी।
अर्जुन ने घड़ी देखी।
उसमें समय रुका हुआ था—
**1:01**
अर्जुन मुस्कुराया।
“लगता है मालिक डराने का पूरा इंतज़ाम करके बैठा है।”
उसने अपना बैग रखा।
मोबाइल चार्जिंग पर लगाया।
फिर कैमरा निकाला।
वह अपने वीडियो के लिए रिकॉर्डिंग करने लगा—
“दोस्तों, आज मैं एक बहुत पुराने होटल में हूँ। मुझे **कमरा नंबर 1** मिला है। और होटल मालिक के अनुसार…”
अर्जुन अचानक रुक गया।
कैमरे की स्क्रीन पर…
उसके पीछे लगे **आईने में एक लड़की खड़ी दिखाई दे रही थी।** 👤
लेकिन जब अर्जुन ने तुरंत पीछे मुड़कर देखा…
**कमरे में कोई नहीं था।**
अर्जुन हँसते हुए बोला—
“रात में दरवाज़ा नहीं खोलना है।”
अचानक…
**कैमरा अपने आप बंद हो गया।**
अर्जुन ने उसे दोबारा चालू किया।
लेकिन बैटरी…
**100 प्रतिशत से सीधे…**
**1 प्रतिशत।**
और फिर…
**फोन बंद।**
कमरे में अचानक सन्नाटा छा गया।
अर्जुन ने धीरे से अपना सिर उठाया।
तभी…
**टक… टक… टक…**
दरवाज़े पर किसी ने दस्तक दी। 🚪👤
**पहली आवाज़**
रात के 12 बज चुके थे।
बाहर बारिश बंद हो चुकी थी।
पूरा होटल शांत था।
अर्जुन बिस्तर पर लेटा हुआ था।
तभी…
**टक…**
अर्जुन ने आँख खोली।
कुछ सेकंड बाद—
**टक… टक…**
दरवाज़े पर दस्तक हुई।
अर्जुन उठकर बैठ गया।
उसे बूढ़े मालिक की बात याद आई—
**“रात को अगर कोई दरवाज़ा खटखटाए… दरवाज़ा मत खोलना।”**
अर्जुन कुछ देर चुप रहा।
फिर दरवाज़े के दूसरी तरफ से एक धीमी आवाज़ आई—
**“अर्जुन… दरवाज़ा खोलो…”**
पहली आवाज़**
उसे बूढ़े मालिक की बात याद आई—
**“रात को कोई दरवाज़ा खटखटाए… दरवाज़ा मत खोलना।”**
बाहर से एक लड़की की आवाज़ आई—
“कृपया… दरवाज़ा खोलो…”
अर्जुन चुप रहा।
फिर आवाज़ आई—
“मैं बहुत देर से यहाँ फँसी हूँ…”
अर्जुन धीरे-धीरे दरवाज़े के पास गया।
“कौन हो तुम?”
कुछ सेकंड तक कोई जवाब नहीं आया।
फिर लड़की ने कहा—
“मेरा नाम… **रिया** है।”
अर्जुन ने पूछा—
“तुम्हारा कमरा कौन सा है?”
बाहर से जवाब आया—
**“कमरा नंबर 1…”**
अर्जुन का चेहरा सफेद पड़ गया।
वह धीरे-धीरे पीछे हट गया।
उसने कमरे के अंदर चारों तरफ देखा।
और फिर उसकी नज़र दरवाज़े पर लगे नंबर पर गई—
**1**
वह खुद…
**कमरा नंबर 1 में खड़ा था।**
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