मिस फाइटर प्लेन - 4 antima द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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मिस फाइटर प्लेन - 4

नैना :  पानी पीने के बहाने क्लास से बाहर निकल जाती है | 

ईशानी मन में भगवान को कहती है 

ईशानी : भगवान जी प्लीज इस बार बचा लेना अगली बार पक्का पढ़ लूंगी।

नैना स्टाफ रूम के बाहर खड़ी होकर 

नैना : may I come in sir 

प्रोफेसर शुक्ला : yes come in 

नैना : सर आपको मालती मैम बुला रही है 

प्रोफेसर शुक्ला : ठीक है मैं आता हु 

प्रोफेसर शुक्ला स्टाफ रूम से बाहर चले जाते है इसी तरह नैना दूसरे प्रोफेसर को भी किसी ना किसी बहाने से स्टाफ रूम से बाहर निकाल देती है।

नैना ईशानी को इशारा कर देती है जो पहले ही क्लास से बाहर आ गई थी नैना का इशारा समझ कर ईशानी जल्दी से स्टाफ रूम में चली जाती है ईशानी स्टाफ रूम के बाहर ही खड़े होकर नजर रखती है कही कोई आ न जाये 

ईशानी जल्दी से अलमारी खोल कर पेपर ढूंढने लग जाती है उसे पेपर मिल जाता है वो पेपर का फोटो लेने लगती है तभी बाहर से नैना ईशानी को आवाज देती है 

नैना : जल्दी कर सर आ रहे है 

ईशानी जल्दबाजी में पेपर का फोटो लेकर वापस पेपर को उसके जगह रख कर जल्दी से बाहर निकल जाती है इतने में प्रोफेसर उनके पास आ जाते है जो स्टाफ रूम के बाहर ही खड़ी थी 

प्रोफेसर : तुम दोनों यहां क्या कर रही हो 

नैना ( घबराते हुए )  : सर वो.. वो हम आपको ही ढूंढ रहे थे आपको मालती मैम ने नहीं प्रीति मैम ने बुलाया था मेरे मुँह से गलती से मालती मैम का नाम निकल गया।

प्रोफेसर : ठीक है अपनी क्लास में जाओ 

ईशानी ओर नैना राहत की साँस लेती है।

नैना : बाल - बाल बच गए आज तो कसम से मर ही जाते वो भी कुते की मौत 

ईशानी : हा यार यार पेपर ढूंढते टाइम डर के मारे मेरी तो जान निकली जा रही थी 

नैना : तूने पेपर की फोटो तो ले ली ना 

ईशानी : हा मेरी माँ ले ली 

क्लास में आकर दोनों फोटो देखने लगती है 

नैना   ( हैरानी से ) हे भगवान यह क्या किया तूने यह कैसा फोटो लिया है इसमें तो कुछ भी साफ नहीं दिख रहा 

ईशानी बेचारा सा मुंह बनाते हुए कहती है 

ईशानी : sorry यार जल्दबाजी में फोटो ब्लर क्लिक हो गई मेरे हाथ ही इतने हिल रहे थे घबराहट के मारे 

नैना : उल्लू की फटी एक बार देख तो लेती फोटो सही तो आई है या नहीं सारी मेहनत पर पानी फिर गया तूने पेपर तो वापस सही से रख दिया था ना 

ईशानी : हा पेपर तो सही से रख दिया था 

( ईशानी खुद की बेवकूफ भरी गलती पर उदास चेहरा बना लेती है जिसे नैना देख लेती है ) 

नैना : अब पछताने से क्या फायदा जब चिड़िया चुग गई खेत 

ईशानी : तो क्या करूं सब मेरी बेवकूफी की वजह से हुआ है 

नैना : अरे यार अब तू ऐसे मुंह लटका कर मत बैठ जो हुआ सो हुआ अभी भी अपने पास दो दिन है इन दो दिनों में जितना पढ़ने में आता है उतना तो पढ़ ही लेंगे पासिंग मास्क तो आ ही जायेंगे अब हंस भी जा 

ईशानी मुस्कराते हुए कहती है 

ईशानी : ओह ज्ञान की देवी ये ज्ञान पहले भी दे सकती थी यह सब करना ही नहीं होता अगर प्रोफेसर को थोड़ा भी शक हुआ ना तो दोनों काम से जायेंगे वैसे भी प्रोफेसर ने दोनों को स्टाफ रूम के बाहर देख लिया था तो सीधा शक हमारे ऊपर ही जाएगा 

नैना : अरे यार तू इतना नेगेटिव क्यों सोचती है कुछ नहीं होगा 

अच्छा माफ करदे मेरी मां अब कभी ऐसी गलती नहीं करेंगे अब सिर्फ पढ़ाई करेंगे