गरीब किसान की मेहनत और राम की लगन Tejpal Singh Meena द्वारा आध्यात्मिक कथा में हिंदी पीडीएफ

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गरीब किसान की मेहनत और राम की लगन

मोहन एक गरीब परिवार का सीधा वक्ति हैं वह उत्तर प्रदेश मुरादाबाद के एक छोटे से गांव अमरपुर में रहता है मोहन के परिवार में चार सदस्य रहते हैं उसकी पत्नी सरोज जो घर का सारा काम करती है और मोहन के साथ खेत में भी हाथ बताती हैं उनके दो छोटे-छोटे बच्चे भी एक लड़का रामू लड़की शीतल दोनों अपने दोस्तों दो अपने दोस्तोंके साथ सरोज अपने दोनों बच्चों को बड़ी दुलार से पलटी है वह समाज के बारे में बच्चों को ज्ञान भी देती हैं दोनों बच्चों के दोस्त विद्यालय में पढ़ने जाते हैं वे दोनों भी विद्यालय में जनने के लिए अपने दोस्तों की तरह पढ़ाई करना चाहते हैं रामू के पिता एक छोटे और गरीब किसान है रामू के पिता मोहन अपनी छोटी सीखेती बाड़ी मैं दिन-रात मेहनत करते है रामू और शीतल की पढ़ाई के लिए चिंतित रहते हैं जिससे कि वे दोनों अच्छेस्कूल में पढ़ाई-लिखाई कर सके मोहन सोचता है कि मैं ज्यादा-से-ज्यादा ज्यादा दिन-रात जिससे कि दो अपने दोनों बच्चों को विद्यालय भेज सकूं जिससे रामू और शीतल अच्छे से पढ़ाई लिखाई करें कोई अफसर और बड़े आदमी बन सकेइनके गरीबी दूर हो सके मोहनने सोचा आज के इस समय में पढ़ाई-लिखाई बहुत जरूरी है बच्चे समाज की रीति रिवाज से निकलकर आ गए बड़े एक कोई अवसर बनेबड़े मोहन ने रामू और शीतल को गांव में एक बड़े प्राइवेट विद्याएडमिशन एडमिशन करा दिया दोनों दोनों बच्चे खुशी खुशी स्कूल जाने लगे और मेहनत से अच्छेसे पढ़ने लगे मोहन और उसकी पत्नी सरोज दिन रात कड़ी मेहनत करनेलगे जिंससे उनके बच्चेस उन्हें कोई परेशानी ना हो रामू और शीतल दोनोंमिलकर पढ़न दोनों स्कूल और क्लास में फर्स्ट आते थे दोनों की मेहनत देखकर मोहन और सरोज खुश होते थे धीरे-धीरे समय के साथ रामू और शीतल की पढ़ाई पूरी हो गई रामू आगे की पढ़ाईके लिए शहर गया वहां उसने मन लगा तैयारी की वाहन शहर के एक सरकारी विद्यालयम उसका नंबर आ गया सिलेक्शन हो गया वहां उस प्रिंसिपल प्रधानाचार्य का पदमिल गया मोहन मोहन को इस बात का पता लगा वह खुशी से पागलहो गया और पूरे गांव मैं लड्डू बटवारा अब मोहन के पूरे गांव में वाह वाह होने लगी अब मैं मोहन की मेहनत पुरे गांव में रंग लाई अब उसकी पारिवारिक स्थिति अच्छी हो गई उसने सोचा कि अब दोनों बच्चों का विवाह कर दिया जाए और दोनों बच्चों काववाह कर दिया अब पूरा परिवार सुखम रहने लगा रामू के पास अब इतना पैसा हो गया उसने गांव में कई बीघा जमीन भी खरद ली और गांव से बाहर खेतमे एक अच्छा-सा आलीशान मकान बनाया अब मोहन बूढ़ा हो गया वहचहता था कि उसके घर में पोती पोता है वह उन्हेंखिला सके उसने अपने मन की बात राम मुझे कहीं रामू ने अपने पिताक बात ध्यान दिया कुछ समय बाद रामू के पोता एक बच्चा हो लड़का हुआ मोहन कुशवाहा का पता लगा तो वह बहुत खुश हूं खुशहुआ अब वह पूरी तरह से निश्चितह गया उसकीपत्नी सरोज पोता पोती खिलाती रहती दिन रात खुशी से रहते इस कहानी समय यह सीख मिलती है कि जीवन में बिना मेहनत कुछ भी नहीं है मेहनत जरूर करनी चाहिए