शापित मुहर - 4 Shanaya khan द्वारा थ्रिलर में हिंदी पीडीएफ

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शापित मुहर - 4

Ethan कुछ समझने की कोशिश ही कर रहा था कि अचानक...
उसके कानों में स्त्री स्वर गूँजा—
"धारक की पहचान पूर्ण..."
"रक्त अनुबंध स्थापित..."
"प्रथम दृष्टि प्रदान की गई..."
सुनहरी रोशनी धीरे-धीरे रात के अंधेरे में विलीन होने लगी।
हवा में तैरती राख एक-एक करके गायब हो गई।
सड़क फिर वैसी ही दिखाई देने लगी...
मानो कुछ हुआ ही न हो।
लेकिन Detective Ethan Carter जानता था—
अभी जो उसने देखा...
वह कोई भ्रम नहीं था।
उसकी कलाई पर बंधा काला बैंगल जल रहा था।
धक...
धक...
धक...
ऐसा लग रहा था मानो उसके भीतर कोई दिल धड़क रहा हो।
"आह...!"
Ethan दर्द से घुटनों के बल बैठ गया।
उसकी नसें तन गईं।
सिर के भीतर किसी ने हजारों घंटियाँ एक साथ बजा दी हों।
"इसे... उतारो...!"
उसने पूरी ताकत से बैंगल खींचा।
लेकिन वह त्वचा का हिस्सा बन चुका था।
Aiden लड़ाई से थका हुआ उसकी ओर बढ़ा।
"मत छूइए!"
"वो... निकल नहीं रहा!"
Ethan चीखा।
"क्योंकि अब वो आपका है।"
"मुझे नहीं चाहिए!"
"Relic आपकी इच्छा नहीं पूछते।"
इतना कहते ही Ethan की आँखों के सामने सब कुछ धुंधला होने लगा।
सड़क पिघलने लगी।
इमारतों की दीवारों पर काली दरारें उभर आईं।
स्ट्रीट लाइटों से पीली रोशनी नहीं...
बल्कि काला धुआँ टपकने लगा।
"ये... क्या हो रहा है...?"
Ethan पीछे हट गया।
उसने सड़क पर चलते एक बुज़ुर्ग आदमी को देखा।
अगले ही पल...
उस आदमी के पीछे एक बिना चेहरे की काली आकृति खड़ी दिखाई दी।
वह उसके कान में कुछ फुसफुसा रही थी।
पलक झपकते ही...
दृश्य गायब हो गया।
सामने फिर वही साधारण आदमी था।
Ethan की साँस अटक गई।
"मैं... पागल हो रहा हूँ?"
Aiden ने सिर हिलाया।
"नहीं।"
"आप पहली बार Veil को देख रहे हैं।"
"Veil?"
"दो दुनियाओं के बीच की परत।"
"जहाँ इंसान नहीं..."
"...श्राप चलते हैं।"
Ethan ने उसकी ओर देखा।
"ये सब पहले क्यों नहीं दिखता था?"
Aiden ने Ethan की कलाई पर बंधे बैंगल की ओर इशारा किया।
"क्योंकि पहले आपकी तीसरी आँख बंद थी।"
"और अब?"
"अब उसे जबरन खोल दिया गया है।"
Ethan कुछ समझने की कोशिश ही कर रहा था कि अचानक...
उसके कानों में वही स्त्री स्वर फिर गूँजा—
"धारक की पहचान पूर्ण..."
"रक्त अनुबंध स्थापित..."
"प्रथम दृष्टि प्रदान की गई..."
"कौन हो तुम?"
Ethan अनायास बोल पड़ा।
Aiden चौंक गया।
"आपने क्या कहा?"
"तुमने नहीं सुना?"
"क्या?"
"कोई लड़की... मुझसे बात कर रही है।"
Aiden के चेहरे का रंग बदल गया।
"आवाज़... अभी से?"
उसने धीमे से बुदबुदाया,
"...ये सामान्य नहीं है।"
अचानक...
Ethan की आँखों के सामने एक और दृश्य उभरा।
एक विशाल भूमिगत कक्ष...
चारों ओर लोहे की जंजीरों में बंधी दर्जनों विचित्र वस्तुएँ...
एक तलवार...
एक टूटा हुआ मुकुट...
एक रक्तरंजित मुखौटा...
एक काली घंटी...
और कमरे के बीचों-बीच...
एक वृद्ध व्यक्ति घुटनों के बल बैठा था।
उसकी आँखें बंद थीं।
लेकिन जैसे ही Ethan ने उसे देखा...
उस वृद्ध ने भी अपनी आँखें खोल दीं।
सीधे उसकी ओर।
और मुस्कुराया।
दृश्य टूट गया।
Ethan लड़खड़ाकर पीछे हट गया।
"वो... वो कौन था?"
Aiden ने उसकी बाँह पकड़ ली।
"क्या देखा आपने?"
Ethan ने काँपती आवाज़ में सब बताया।
Aiden कुछ सेकंड तक बिल्कुल शांत रहा।
फिर पहली बार उसके चेहरे पर घबराहट साफ दिखाई दी।
"असंभव..."
"क्या हुआ?"
"आपने..."
Aiden ने धीमे स्वर में कहा,
"...Relic Vault देखा है।"
"वो क्या है?"
"एक ऐसी जगह..."
"...जिसके बारे में दुनिया के ज़्यादातर Relic Bearers भी नहीं जानते।"
इसी क्षण Aiden की जेब में रखा छोटा-सा पुराना फ़ोन कंपन करने लगा।
उसने स्क्रीन देखी।
कोई नंबर नहीं था।
केवल एक पंक्ति लिखी थी—
BLACK LOTUS : ASSET ACTIVATED
Aiden की साँस अटक गई।
"धत्..."
Ethan ने पूछा,
"क्या हुआ?"
Aiden ने फ़ोन उसकी ओर घुमाया।
"उन्होंने जान लिया है।"
"किसने?"
"Black Lotus Syndicate."
"ये कौन हैं?"
Aiden ने गहरी साँस ली।
"वे लोग जो दुनिया की हर श्रापित वस्तु खरीदना चाहते हैं..."
"...और अगर खरीद न सकें..."
"...तो उसके धारक को मार देते हैं।"
अचानक...
सड़क के दूसरी ओर खड़ी एक काली SUV की हेडलाइट जल उठी।
उसकी खिड़की के पीछे कोई बैठा था।
सिर्फ उसकी उँगलियाँ दिखाई दे रही थीं...
जिनमें काले पत्थर की एक अंगूठी चमक रही थी।
वह व्यक्ति कुछ सेकंड तक Ethan को देखता रहा।
फिर मुस्कुराया।
SUV बिना आवाज़ किए अंधेरे में गायब हो गई।
Aiden के होंठों से धीमे शब्द निकले—
"बहुत देर हो चुकी है..."
"अब शिकार शुरू हो चुका है।"
ठंडी हवा रात की सुनसान सड़क पर सीटी बजाती हुई गुजर रही थी।
काली SUV गायब हो चुकी थी...
लेकिन उसका एहसास अब भी हवा में बाकी था।
Aiden की निगाहें उसी दिशा में टिकी थीं जहाँ कुछ क्षण पहले वह खड़ी थी।
उसकी मुट्ठियाँ अनजाने में भींच गईं।
"...उन्होंने इतनी जल्दी हमें ढूंढ लिया।"
Ethan ने उसकी ओर देखा।
"तुम बार-बार 'उन्होंने' कह रहे हो। आखिर हैं कौन ये लोग?"
Aiden ने जवाब देने से पहले चारों ओर नज़र दौड़ाई।
जैसे उसे यकीन करना हो कि कोई सुन नहीं रहा।
"यह सड़क अब सुरक्षित नहीं है।"
"मुझे जवाब चाहिए।"
"और अगर यहीं रुककर जवाब दिया..."
Aiden हल्का-सा मुस्कुराया।
"...तो शायद सवाल पूछने के लिए आप ज़िंदा नहीं बचेंगे।"
"तुम हमेशा इतनी अजीब बातें करते हो?"
"नहीं।"
Aiden ने शांत स्वर में कहा।
"कभी-कभी उससे भी ज़्यादा अजीब।"
Ethan ने गहरी साँस छोड़ी।
"कमाल है..."
"आज सुबह तक मैं सिर्फ़ एक मर्डर केस सुलझा रहा था।"
"और अब..."
उसने अपनी कलाई पर बंधे काले बैंगल को घूरा।
"...मुझे एक पागल लड़का बता रहा है कि कोई गुप्त संगठन मुझे मारना चाहता है।"
Aiden ने उसकी बात का बुरा नहीं माना।
"विश्वास मत कीजिए।"
"लेकिन मेरे साथ चलिए।"
"क्यों?"
"क्योंकि आज रात आपके पास दूसरा विकल्प नहीं है।"
करीब बीस मिनट बाद...
दोनों Westbridge के पुराने औद्योगिक इलाके में पहुँचे।
टूटी हुई फैक्ट्रियाँ...
जंग लगे कंटेनर...
और चारों ओर पसरा सन्नाटा।
Ethan ने भौंहें सिकोड़ लीं।
"तुम मुझे यहाँ क्यों लाए हो?"
Aiden ने सामने खड़ी एक पुरानी तीन मंज़िला इमारत की ओर इशारा किया।
उसके बोर्ड पर धूल जमी थी।
CROSS ANTIQUES
"ये..."
Ethan ने पढ़ा।
"...एंटीक की दुकान?"
"ऊपर से।"
Aiden ने दरवाज़ा खोला।
"अंदर की कहानी अलग है।"
दरवाज़ा खुलते ही धूल की गंध पूरे कमरे में फैल गई।
चारों ओर पुरानी घड़ियाँ...
मूर्तियाँ...
तलवारें...
लकड़ी के बक्से...
और टूटे हुए दर्पण रखे थे।
Ethan ने एक प्राचीन कांस्य मूर्ति उठाने के लिए हाथ बढ़ाया।
"इसे मत छूइए।"
Aiden की आवाज़ अचानक तेज़ हो गई।
Ethan ने तुरंत हाथ पीछे खींच लिया।
"अब क्या?"
"हर पुरानी चीज़ Relic नहीं होती..."
Aiden ने मूर्ति की ओर देखते हुए कहा।
"...लेकिन जब तक यकीन न हो जाए..."
"...किसी चीज़ को हाथ मत लगाइए।"
Ethan ने व्यंग्य से कहा,
"बहुत बढ़िया।"
"अब मुझे सामान छूने से भी डरना पड़ेगा।"
पहली बार Aiden हल्का हँसा।
"डरना अच्छी आदत है।"
"यहाँ ज़िंदा रहने में मदद करती है।"
वह दुकान के पीछे गया और एक पुरानी अलमारी हटाई।
उसके पीछे लोहे का मोटा दरवाज़ा छिपा था।
दरवाज़े पर कई गोल धातु के ताले लगे थे।
बीच में वही अजीब भाषा उकेरी हुई थी...
जो Emily के शरीर पर दिखाई दी थी।
Aiden ने अपनी कलाई का बैंगल दरवाज़े से छुआ।
टक...
सभी ताले अपने-आप खुलने लगे।
Ethan अवाक रह गया।
"ये... फिंगरप्रिंट लॉक नहीं था?"
"नहीं।"
"तो?"
"रक्त पहचान।"
दरवाज़ा धीरे-धीरे खुला।
अंदर उतरती संकरी सीढ़ियाँ दिखाई दीं।
नीचे हल्की नीली रोशनी चमक रही थी।
दोनों नीचे पहुँचे।
Ethan की आँखें फैल गईं।
यह कमरा किसी गुप्त संग्रहालय जैसा था।
दीवारों पर सैकड़ों फ़ाइलें।
दुनिया का विशाल नक्शा।
नक्शे पर लाल, काले और सुनहरे पिन लगे हुए थे।
एक दीवार पर अख़बारों की कतरनें थीं—
"वाराणसी में रहस्यमयी सामूहिक मृत्यु।"
"इस्तांबुल संग्रहालय से प्राचीन अंगूठी चोरी।"
"क्योटो मंदिर में बिना कारण लगी आग।"
"राजस्थान के किले से पाँच पर्यटक लापता।"
हर घटना को लाल धागों से जोड़ा गया था।
Ethan धीरे-धीरे फुसफुसाया—
"ये..."
"...तुम अकेले कर रहे हो?"
Aiden ने सिर हिलाया।
"पिछले पाँच साल से।"
"पुलिस को क्यों नहीं बताया?"
Aiden की आँखों में एक अजीब थकान उतर आई।
"क्योंकि पुलिस उस अपराधी को गिरफ्तार नहीं कर सकती..."
"...जो इंसान ही नहीं है।"
कमरे में कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया।
अचानक...
कमरे के बीच रखे पुराने रेडियो से खरखराहट की आवाज़ आई।
क्र्र्र्र...
क्र्र्र...
Aiden तुरंत सतर्क हो गया।
"पीछे हटिए।"
रेडियो अपने-आप चालू हो गया।
उसमें से किसी आदमी की धीमी आवाज़ सुनाई दी—
"रिकॉर्ड नंबर... 17..."
"यदि तुम यह संदेश सुन रहे हो..."
"...तो इसका अर्थ है कि Black Lotus फिर से सक्रिय हो चुका है।"
आवाज़ अचानक टूटने लगी।
"उनका अगला लक्ष्य..."
"...धारक नहीं..."
"...बल्कि—"
संदेश बीच में ही बंद हो गया।
कमरे की सारी लाइटें एक साथ बुझ गईं।
अंधेरा।
पूर्ण अंधेरा।
फिर...
Ethan की नई खुली दृष्टि ने कुछ देखा।
छत के कोने में...
एक बच्चा बैठा था।
लगभग दस साल का।
सफेद स्कूल यूनिफॉर्म।
लेकिन उसका चेहरा...
पूरी तरह काला।
वह धीरे-धीरे मुस्कुराया।
और फुसफुसाया—
"उन्होंने मुझे भी बचाने में देर कर दी थी..."
Ethan का दिल ज़ोर से धड़कने लगा।
"ए... Aiden..."
उसने काँपते हुए ऊपर इशारा किया।
Aiden ने तुरंत तलवार प्रकट की।
लेकिन...
उसे कुछ दिखाई नहीं दिया।
उसने Ethan की ओर देखा।
"क्या दिखाई दे रहा है?"
Ethan की आवाज़ काँप रही थी।
"एक... बच्चा..."
Aiden का चेहरा गंभीर हो गया।
"नहीं..."
"ये अच्छा संकेत नहीं है।"
"क्यों?"
Aiden ने धीरे से कहा—
"क्योंकि मैं उसे नहीं देख पा रहा..."
"...और इसका मतलब है कि आपकी Relic आपको ऐसी चीज़ें दिखा रही है..."
"...जो मेरी पहुँच से भी बाहर हैं।"
उसी क्षण Ethan के कानों में वही रहस्यमयी स्त्री स्वर फिर गूँजा—
"प्रथम परीक्षा आरंभ..."
"पहला शिकार चुन लिया गया है।"
और कमरे की दीवार पर लगा विश्व का नक्शा...
अपने-आप चमकने लगा।
उस पर केवल एक स्थान लाल रंग में धड़क रहा था—
वाराणसी, भारत।