सुरक्षा का अनोखा विचार
यह एक काल्पनिक कहानी है। इसका उद्देश्य केवल एक तकनीकी विचार और नागरिक सुरक्षा से जुड़े संभावित समाधान को कहानी के माध्यम से प्रस्तुत करना है। कहानी में वर्णित पात्र घटनाएँ और संवाद कल्पना पर आधारित हैं। इसमें बताए गए उपकरण और तकनीक भविष्य की एक अवधारणा (Concept) के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं न कि वर्तमान में उपलब्ध या सिद्ध तकनीक के रूप में
एक दिन सम्राट अकबर के राज्य से कुछ परिवार दूर-दराज़ के प्रदेशों की यात्रा पर निकले। कई दिन तक सब कुछ ठीक रहा लेकिन लौटते समय घने जंगल और पहाड़ी रास्तों से गुजरते हुए कुछ लोग अपने परिवार से बिछड़ गए। किसी का रास्ता भटक गया किसी का सामान खो गया और कुछ लोग कई दिनों तक अपने घर का रास्ता नहीं ढूँढ़ पाए।
यह समाचार पूरे राज्य में फैल गया। लोगों में डर का माहौल बन गया। कोई भी अपने परिवार को लेकर दूर यात्रा करने का साहस नहीं कर रहा था।
अगले दिन अकबर ने दरबार बुलाया।
सम्राट अकबर ने कहा
क्या हमारे राज्य में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं हो सकती कि यदि कोई व्यक्ति कहीं खो जाए या किसी संकट में फँस जाए तो उसके परिवार और सैनिकों को तुरंत उसकी जानकारी मिल जाए
पूरा दरबार मौन था।
तभी बीरबल आगे आए और बोले
जहाँपनाह, यदि भविष्य में ऐसा एक छोटा सुरक्षा उपकरण बनाया जाए जिसे हर नागरिक अपने साथ रख सके, तो यह समस्या बहुत हद तक समाप्त हो सकती है। यह उपकरण लॉकेट घड़ी, ब्रेसलेट या किसी भी छोटे रूप में हो सकता है।
अकबर ने पूछा
लेकिन यदि उस व्यक्ति के पास न मोबाइल हो और न सिम, तब यह कैसे काम करेगा
बीरबल मुस्कुराए और बोले
जहाँपनाह, आज भले ही यह कठिन लगे, लेकिन आने वाले समय में ऐसी तकनीक विकसित हो सकती है जो बिना मोबाइल और बिना सिम के भी किसी उपलब्ध संचार व्यवस्था, जैसे भविष्य के सैटेलाइट या किसी राष्ट्रीय आपातकालीन नेटवर्क से जुड़कर सहायता का संदेश भेज सके। संकट की घड़ी में केवल एक बटन दबाते ही उस व्यक्ति की लोकेशन और सहायता का संदेश उसके परिवार, सैनिकों, वैद्यों और सुरक्षा अधिकारियों तक पहुँच सकता है।
अकबर ने पूछा,
ऐसे उपकरण में क्या-क्या होना चाहिए?
बीरबल ने उत्तर दिया,
जहाँपनाह, यह छोटा होगा लेकिन उपयोगी होगा। इसमें एक सहायता बटन, स्थान ज्ञात करने की व्यवस्था (लोकेशन प्रणाली), संचार प्रणाली, लंबे समय तक चलने वाली बैटरी, चेतावनी देने वाली प्रकाश या ध्वनि व्यवस्था तथा मजबूत और जलरोधी शरीर होगा, ताकि हर परिस्थिति में काम कर सके।
अकबर ने फिर पूछा,
इससे राज्य को क्या लाभ होगा?
बीरबल बोले,
जहाँपनाह, इससे बच्चे सुरक्षित रहेंगे, महिलाएँ निडर होकर यात्रा करेंगी, बुज़ुर्ग बिना भय के घर से निकल सकेंगे और यदि कोई व्यक्ति रास्ता भटक जाए या संकट में फँस जाए, तो सहायता समय पर पहुँच सकेगी।
अकबर ने प्रसन्न होकर कहा,
बीरबल, तुमने केवल एक समस्या का समाधान नहीं बताया, बल्कि भविष्य के सुरक्षित राज्य की कल्पना प्रस्तुत की है।
बीरबल ने विनम्रता से उत्तर दिया,
जहाँपनाह, किसी भी राज्य की सबसे बड़ी उसके नागरिकों की सुरक्षा होती है। अच्छे विचार ही भविष्य की महान खोजों का आधार बनते हैं।
शिक्षा:
समस्याओं से घबराने के बजाय उनके समाधान के बारे में सोचना ही सच्ची बुद्धिमानी है। भविष्य की बड़ी खोजें अक्सर एक छोटे से विचार से शुरू होती हैं।