**माफिया की दीवानगी - सीजन 2**
**(ऑथर नोट: हेलो मेरे प्यारे रीडर्स! 😍😍 आज का पार्ट थोड़ा अलग है—Rehaan का बचपन। बहुत से आपने पूछा था कि Rehaan इतना खतरनाक और पावरफुल कैसे बना? तो आज उसके बचपन की वो कहानी जो उसकी जिंदगी की नींव बनी। रोमांस, इमोशंस और पुरानी यादों का मिश्रण रहेगा। कमेंट में बताना मत भूलना—Rehaan का बचपन पढ़कर कैसा लगा? लाइक, शेयर और फॉलो जरूर करें। हैप्पी रीडिंग! 📖❤️)**
**भाग 13: Rehaan का बचपन – वो साल जो कभी भुलाए नहीं जाते**
Rehaan Malik—आज जिसे शहर का सबसे खतरनाक और पावरफुल माफिया लीडर माना जाता है, उसकी कहानी 28 साल पहले एक छोटे से गांव से शुरू हुई थी।
उस वक्त Rehaan का नाम था—रेन।
उम्र सिर्फ 8 साल।
घर था—एक पुरानी हवेली, जहां दीवारों पर दरारें थीं, लेकिन प्यार से भरा हुआ।
मां—सरिता—एक साधारण औरत, जो सुबह-सुबह रसोई में चाय बनाती और रेन को गोद में लेकर कहानियां सुनाती।
"रेन बेटा, तू बड़ा होकर दुनिया जीतेगा। लेकिन याद रखना—दुनिया जीतने से पहले दिल जीतना।"
पिता—Veer Malik—एक छोटे शहर के बिजनेसमैन। बाहर से सख्त, अंदर से बहुत नरम।
रेन को पिता से डर भी लगता था और प्यार भी।
पिता उसे गोद में उठाकर कहते,
"बेटा, दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं—जो डरते हैं, और जो डराते हैं। तू कभी मत डरना।"
रेन को पिता की ये बात हमेशा याद रहती।
**उस दिन की याद**
रेन की 9वीं बर्थडे थी।
मां ने घर पर छोटा-सा केक बनाया था।
पिता ऑफिस से जल्दी आए।
उनके हाथ में एक छोटा-सा गिफ्ट था—एक सिल्वर चेन, जिसमें एक छोटा-सा ताला लगा था।
"ये ताला तेरे दिल का है, बेटा। इसे कभी किसी को मत खोलना... सिवाय उस लड़की के, जो तेरी जिंदगी बनेगी।"
रेन ने हंसते हुए चेन पहन ली।
"पापा, मैं कभी किसी को दिल नहीं दूंगा।"
पिता ने मुस्कुराकर कहा,
"एक दिन तू खुद समझ जाएगा।"
उस रात, जब रेन सो रहा था, घर के बाहर से आवाजें आईं।
मां ने उसे जगाया।
"रेन, चुपचाप उठ। हमें जाना है।"
रेन ने देखा—मां की आंखें नम थीं।
पिता बाहर थे, हाथ में बंदूक।
"क्या हुआ, पापा?"
Veer ने उसे गोद में उठाया।
"कुछ नहीं, बेटा। बस... एक खेल खेलना है।"
लेकिन वो खेल... मौत का खेल था।
उस रात, रघुवीर सिंह के आदमियों ने घर पर हमला किया।
Veer ने लड़ाई लड़ी, लेकिन संख्या ज्यादा थी।
मां ने रेन को पीछे के दरवाजे से निकाला।
"रेन, भाग! जंगल में छुप जा। कभी पीछे मत देखना।"
रेन रोते हुए भागा।
पीछे से मां की चीख सुनाई दी।
फिर गोली की आवाज।
जंगल में रेन छुपा रहा।
उसकी छोटी-सी उम्र में पहली बार मौत का मतलब समझ आया।
सुबह जब वो घर लौटा...
घर जल चुका था।
मां और पिता दोनों... नहीं थे।
रेन ने चीखकर रोया।
उसके हाथ में वही सिल्वर चेन थी—ताला अभी भी बंद था।
उस दिन से Rehaan Malik बना।
नाम बदल गया।
दिल बंद हो गया।
वो छोटा-सा बच्चा जो कहानियां सुनकर सोता था... अब वो इंसान बन गया जो कहानियां खत्म करता था।
**आज**
Rehaan बालकनी में खड़ा था।
उसके गले में वही सिल्वर चेन थी—अभी भी ताला बंद।
Aira उसके पास आई।
"Rehaan... तुम्हारी चेन... ये बहुत पुरानी लगती है।"
Rehaan ने चेन को छुआ।
"ये मेरी मां ने दी थी।
कहा था—इसे सिर्फ उस लड़की को खोलना, जो मेरी जिंदगी बनेगी।"
Aira ने उसकी आंखों में देखा।
"और... तुमने कभी नहीं खोला?"
Rehaan ने मुस्कुराकर कहा,
"नहीं।
क्योंकि वो लड़की... तू है।
लेकिन मैंने सोचा था... मेरी जिंदगी कभी किसी की नहीं बनेगी।
फिर तू आई।"
Aira ने चेन को छुआ।
"तो... क्या अब खोलोगे?"
Rehaan ने धीरे से ताला खोला।
अंदर एक छोटा-सा पेपर था।
उस पर मां की लिखावट—
"रेन, अगर तू ये पढ़ रहा है... तो समझ लेना—तेरी जिंदगी में प्यार आएगा।
उसे कभी मत छोड़ना।
तू मेरा बेटा है... तू जीतेगा।"
Rehaan की आंखें भर आईं।
उसने Aira को गले लगाया।
"मां... तुम सही थीं।
मेरी जिंदगी... आ गई है।"
Aira ने उसे और कसकर पकड़ा।
"और अब... हम तीनों जीतेंगे।"
उस रात, Rehaan ने चेन Aira के गले में पहना।
"अब ये ताला... हमेशा खुलेगा।
क्योंकि मेरी जिंदगी... तू है।"
Aira ने रोते हुए कहा,
"और मैं तुम्हारी।
हमेशा।"
दोनों ने एक-दूसरे को इतनी गहराई से किस किया कि लगा जैसे सारी दुनिया रुक गई हो।
लेकिन बाहर...
रघुवीर सिंह की कार दूर से जा रही थी।
उसने फोन पर कहा,
"अब असली खेल शुरू होगा।
Rehaan का बच्चा... मेरा होगा।"
आगे क्या होगा?
रघुवीर सिंह का पहला बड़ा हमला?
Rehaan और Aira का प्यार... कितना मजबूत होगा?
या बच्चे का जन्म... खतरे में पड़ जाएगा?
अगला पार्ट... इतना इंटेंस होगा कि आप रुक नहीं पाओगे।
Thankyou 🥰🥰
(फ्रेंड्स, Rehaan का बचपन और मां का राज कैसा लगा? कमेंट में बताओ—क्या लगता है, रघुवीर सिंह अब क्या करेगा? अगला पार्ट बहुत जल्दी आएगा। लाइक, शेयर और फॉलो जरूर करें! ❤️)