**माफिया की दीवानगी - सीजन 2**
**(ऑथर नोट: हेलो मेरे प्यारे रीडर्स! 😍😍 पिछले पार्ट का क्लिफहैंगर ने सबको रात भर जगाया होगा न? अब पार्ट 11 में वो सवालों का जवाब मिलेगा—Rehaan बच गया या नहीं? दिल थामकर पढ़ना। कमेंट में बताना मत भूलना—क्या लग रहा है, आगे क्या होगा? लाइक, शेयर और फॉलो जरूर करें। हैप्पी रीडिंग! 📖❤️)**
**भाग 11: खून और वादे**
जंगल में गोली की गूंज अभी भी हवा में तैर रही थी।
चारों तरफ सन्नाटा छा गया था।
Rehaan की गन अभी भी गरम थी।
उसकी सांसें तेज चल रही थीं।
खून उसके हाथों पर था—किसका?
Vikram Rao जमीन पर गिरा हुआ था।
उसकी छाती से खून बह रहा था।
उसकी आंखें खुलीं थीं, लेकिन जीवन जा चुका था।
Rehaan ने एक पल को देखा—Kabir की लाश अभी भी वहीं पड़ी थी।
उसने आंखें बंद कीं और धीरे से कहा,
"भाई... तूने अपना वादा निभा लिया।"
फिर वो तेजी से घर की तरफ दौड़ा।
दरवाजा बंद था।
Rehaan ने धक्का दिया।
"Aira! Aira!"
अंदर से Aira की कांपती आवाज आई।
"Rehaan...?"
Rehaan ने कहा,
"हां... मैं हूं। खोलो।"
Aira ने दरवाजा खोला।
उसके चेहरे पर आंसू थे।
वो Rehaan को देखते ही दौड़कर उससे जा लगी।
"तुम... तुम जिंदा हो!"
Rehaan ने उसे अपनी बाहों में कसकर पकड़ा।
"हां... मैं हूं। सब खत्म हो गया। Vikram मर चुका है।"
Aira ने रोते हुए पूछा,
"Kabir...?"
Rehaan ने सिर झुका लिया।
"वो... वो नहीं रहा। लेकिन उसने हमें बचा लिया।"
Aira रो पड़ी।
"वो... वो हमारा था... वो हमारा भाई था..."
Rehaan ने उसे और कसकर गले लगाया।
"हां... वो हमारा था। हमेशा रहेगा।"
दोनों एक-दूसरे से चिपके रहे।
Rehaan ने Aira के पेट पर हाथ रखा।
"हमारा बच्चा... वो अब सुरक्षित है।"
Aira ने Rehaan के सीने पर सिर रखा।
"Rehaan... मुझे अब बस तुम चाहिए। बस हम तीनों।"
Rehaan ने उसके माथे पर चुंबन दिया।
"और कुछ नहीं चाहिए।"
**कुछ घंटे बाद**
Kabir की लाश को घर के पास ही दफनाया गया।
Rehaan ने उसकी कब्र पर एक पत्थर रखा।
उस पर लिखवाया—
"भाई, तूने गुनाह धो लिया।
अब आराम से सो।"
Aira ने कब्र पर फूल रखे।
"तुम्हें कभी नहीं भूलेंगे।"
Rehaan ने Aira का हाथ थामा।
"अब हमारा नया जीवन शुरू होगा। कोई दुश्मन नहीं। कोई राज नहीं।"
Aira ने मुस्कुराकर कहा,
"और बच्चा... वो जल्दी आएगा।"
Rehaan ने उसके पेट को सहलाया।
"हां... हमारा छोटा सा राजकुमार या राजकुमारी।"
**रात को**
दोनों बिस्तर पर थे।
Rehaan ने Aira को अपनी बाहों में लिया।
"आज रात... सिर्फ हम।"
Aira ने उसके सीने पर हाथ रखा।
"तुम्हारा दिल... आज बहुत तेज धड़क रहा है।"
Rehaan ने उसके कान में फुसफुसाया,
"क्योंकि मैं डर गया था... कि मैं तुम्हें खो दूंगा।"
Aira ने उसकी आंखों में देखा।
"तुम कभी नहीं खोओगे। मैं तुम्हारी हूं। हमेशा।"
Rehaan ने उसे गहराई से किस किया।
उस चुंबन में सारा डर, सारा दर्द, सारा प्यार था।
Aira ने जवाब दिया—उतनी ही गहराई से।
Rehaan ने उसके पेट पर हाथ रखा।
"ये हमारा बच्चा... वो हमारी ताकत है।"
Aira ने मुस्कुराकर कहा,
"और हम उसकी ताकत होंगे।"
दोनों एक-दूसरे में खो गए।
उस रात, पहाड़ों में सिर्फ उनका प्यार था।
कोई गोली नहीं।
कोई दुश्मन नहीं।
बस... वो दोनों और उनका अनजन्मा बच्चा।
**लेकिन...**
सुबह होने से पहले, Rehaan का फोन बजा।
एक अनजान नंबर।
Rehaan ने उठाया।
दूसरी तरफ से एक ठंडी, गहरी आवाज आई।
"Rehaan Malik... Vikram मर गया। लेकिन खेल अभी खत्म नहीं हुआ।"
Rehaan का दिल धक् से रह गया।
"कौन हो तुम?"
आवाज हंसी।
"मैं वो हूं... जिसे तुम भूल गए थे।
तुम्हारी मां का पुराना दोस्त।
और... तुम्हारे बच्चे का असली खतरा।"
Rehaan की सांस रुक गई।
"तुम... क्या कह रहे हो?"
आवाज ने कहा,
"तुम्हें पता चलेगा... बहुत जल्द।
अब तक सिर्फ शुरुआत हुई है।"
फोन कट गया।
Rehaan ने Aira की तरफ देखा—वो सो रही थी।
उसके चेहरे पर शांति थी।
Rehaan ने धीरे से कहा,
"अभी नहीं... अभी नहीं।
हम अभी खुश हैं।
लेकिन ये... ये खत्म नहीं हुआ।"
उसने Aira को करीब खींचा।
"मैं तुम दोनों को बचाऊंगा।
चाहे कितने भी दुश्मन आएं।"
आगे क्या होगा?
नया दुश्मन... Rehaan की मां से जुड़ा?
क्या बच्चे का जन्म खतरे में पड़ेगा?
या ये सिर्फ एक और झूठ है?
अगला पार्ट... दिल थामकर इंतजार करो।
क्योंकि अब हर मोड़ पर कुछ बड़ा होने वाला है।
Thankyou 🥰🥰
(फ्रेंड्स, दसवां पार्ट कैसा लगा? क्या आप भी रुक नहीं पा रहे? कमेंट में बताओ—कौन है ये नया दुश्मन? अगला पार्ट बहुत जल्दी आएगा। लाइक, शेयर और फॉलो जरूर करें! ❤️)