प्यार? एक अनकहा एहसास...!! पार्ट 3 Anita द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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प्यार? एक अनकहा एहसास...!! पार्ट 3

वैसे,हम दोनों भाई बहन, मॉम डैड बस इतने ही। 

मगर हमारे पूरे फैमिल की बात 
करे तो बहुत बड़ी फैमिल है जॉइन फैमिली। 
एक ताऊ जी उनकी फैमिली चाचाजी उनकी फैमिली... और दो बुआ...

जब सब किसी फेस्टिवल मे मिलते 
है तो पुरा माहौल बन जाता हैं। 
जैसे कोई फंक्शन हो। 

खूब एंजॉय करते है हम सब मिल 
कर । 

विधि : त्योहारों मे मिलते हो, मतलब
सब मिल कर नहीं रहते। 

अंश : सब साथ ही रहते है पर ताऊजी के दो बेटे लंदन मे रहते है जिनकी शादी हो चुकी हैं तो अपनी फैमिली के साथ वही रहते है। 
तो वो कभी कभी ही आते हैं। 

चाचा का लड़का मेरी तरह पढ़ाई 
के लिए हॉस्टल मे रहता दो बहने 
बड़ी है जिनकी शादी हो गयी है।  
तो वो दोनों फेस्टिवल में आती रहती 
हैं। 
बाकी ताऊजी ताईजी, चाचा चाची, 
और पापा मम्मी हम सब एक साथ
रहते हैं हमारे जयपुर वाले घर मे। 

बहुत बड़ा घर है हमारा जयपुर में, 
वही हमारा फैमिली बिजिनेस् जो
पापा और चाचाजी मिल कर 
संभालते हैं। 

ह्म्म्म..!! 
बहुत अच्छा लगता होगा ना तुम सब
जब साथ मिलते हो। 

हा..!! 
और गाव में खेती भी हैं। 

अच्छा.... हा..!! अंश ने जवाब दिया। 

और तुम्हारे घर में कौन है..?? 
अंश ने विधि से पूछा। 

मै मम्मी और पापा बस और 
दादा दादी बड़े पापा के पास गाव 
में रहते हैं। 
वो वही खेती संभालते हैं। 
उनके दो बेटे है जिनकी शादी हो 
चुकी है। 
आते हैं कभी कभी हम से
मिलने या छुट्टियों में हम सब जातें 
हैं वहा। 

दोनों बातें हि कर रहे थे की तभी 
फिर से जोर से बिजली चमकी। 

चलो अंश अभी नही तो बारिश आगयी तो भीग जायेंगे यह कहते 
विधि अंश को वहा से उठा कर ले गयी तभी जोर से बारिश शुरू हो गयी। 

वो दोनों दौड़ते हुए वही पास लगी
चाय की टिपरि पर आकर रुक गए। 

दोनों ने चाय पी थोड़ी देर में बारिश
कम हो गयी तो दोनों वहा से निकल गये। 

अंश ने विधि को उसके कॉलेज में छोड़ दिया और वो अपने कॉलेज के
रास्ते चला गया। 

अब वे रोज मिलने लगे और कुछ दिनों में विधि के पापा ने भी विधि को उसका मोबाईल लौटा दिया। 

वक़्त के साथ प्यार ओर गहरा होनें लगा और वक़्त कैसे गुजर गया पता भी ना चला। 

आज विधि का बर्थ डे था। 
अंश ने सुबह ही विधि को विश् किया था और बाहर जाने का प्रोग्राम बनाया था। 

आज बस स्टॉप पर अंश लेने आने वाला था तो तयारी कर के विधि ने
पहले मम्मी से आशीर्वाद लिया फिर पापा से और बाय कह कर बाहर
निकल गयी। 

रास्ते में ही अंश अपनी बाईक लेकर खड़ा था विधि को देख कर अंश बस उसे देखता ही रह गया। 

आज वो व्हाइट सूट और रेड ओढ़नी में गजब की सुंदर लग रही थी उपर से उसके कान के झुमके और लंबे लहराते बाल... 

अंश बस दीवानों की तरह देख रहा 
था विधि कब चलके उसके पास पहुँच
गयी अंश को पता भी ना चला। 

विधि अंश के सामने आते ही उसके चेहरे के सामने हाथ हिलाते हुए... 
हैलो...!! कहा खोये हो इतने गौर 
से किसे देख रहे हो। 

अंश : "तुम्हे और किसे"...!!! 
गजब लग रही हो... किस करने का
मन हो रहा है, ले लू एक... 
प्लीज.... 
विधि : चलो आगे देखो आये बड़े किस करने वाले। 

अंश : उसमे क्या प्यार करता हु तुमसे एक किस तो बनती हैं। 

विधि : नहीं..!! यहाँ सब हैं और रास्ते पर कौन किस करता है..?? वो भी
हेलमेट पहन कर। 
कहते हुए विधि हँसने लगी। 


अंश : मै..!! और कौन..?? 

विधि : नहीं चलो यहाँ से जल्दी नही तो कोई देख लेगा। 
अंश : तुम्हारा यही रहता है हमेशा चलो। 
अरे... यहाँ देखो वो तुम्हारे सूट पर
कुछ लगा है। 

विधि : कहा..?? 
अंश : अरे पीछे... 
विधि देखने के लिए जरा सा पलट गई
तभी अंश ने झट से हेलमेट निकाल कर विधि के गालों पर किस कर दी। 

विधि जोर से चिल्लाने लगी, 
अंश...!! 

अंश : हँसते हुए, क्यों क्या हुआ..?? 
विधि : कुछ नहीं ये हुआ... और विधि ने भी अंश के गालों पर किस कर दी। 

दोनों हँसने लगे और वहा से निकल
गये। 

आज विधि का बर्थ डे था तो आज अंश विधि को लेने उसके बस स्टॉप पर आया था कहीं बाहर ले जाने के लिए। 



विधि : वैसे आज कहाँ ले जा रहे 
हो..?? 

अंश : कहीं भी... तुम्हे कभी बताया 
है जो आज बताऊ..?? 

विधि : हा..!! ये भी सच है। 
ले चलो अब जहाँ मन करें। 
अब जब ऐसे इंसान से प्यार किया है
तो अब कुछ ना कर सकते हैं ना कह
सकते हैं... और दोनों हँसने लगे।। 

अंश : कह सकती हो कुछ भी और
गलती करू तो डांट भी सकती हो, 
ये बन्दा अब बस तुम्हारा हैं तुम जो
कहोगी बस वही होगा। 

विधि : सच में कितने अच्छे हो तुम
कभी कभी तो मुझे खुद पर यकीन 
ही नहीं होता की सच में तुम मेरे
हो सिर्फ मेरे।। 
हा कभी गुस्सा करते हो पर उस गुस्से में भी मुझे प्यार ही नजर आता है... तुम जैसे भी हो बहुत अच्छे लगते हो।। 

यह कह कर विधि ने अंश को कस के पकड़ लिया। 
देखा कितनी अच्छी चॉइस है मेरी..!! 

अंश : जी.. मैडम देखा... 

अंश ने बाईक एक थियेटर के सामने रोक दी। 

विधि : ओह्ह..!! तो मूवी देखनी थी..!! 

अंश : नहीं..!! दिखानी थी तुम्हें, 
मुझे देखनी होतीं तो अकेला ही 
आता ना तुम्हें क्यों लेकर आता।। 
अब चलो देखो तुम्हारे फेवरेट हीरो 
की हैं।। 

विधि : हा..!! थैंक्स कह कर विधि
अंश के गले लग गयी।।। 

आज स्पेशल् दिन है तो कुछ स्पेशल् 
होगा ना। 
वैसे तुमने घर में क्या बताया..?? 
यही के किसी लड़के के साथ घूमने
जा रही हु। 
अंश ने हँसते हुए कहा। 

विधि : हा..!! मरना है मुझे ऐसा कह
के, ऐसा कहु तो पापा मुझे कहीं बाहर क्या अब तो कॉलेज भी बंद कर देगें।।

अंश : अगर कभी पता चला तो..!! 
तो क्या करोगी और फिर मेरा क्या होगा 
मै तो मर जाऊगा।। 
कहते हुए अंश हँसने लगा।। 

तुम्हे मजाक लगता हैं यह सब और 
यह सोच कर भी मुझे रोना आता है। 
अंश अब मै तुम्हारे बिना नहीं रह 
सकती। 
एक दिन भी तुम्हें ना देखु तो मेरा
दिल नहीं लगता और अगर पापा ने 
मिलने से मना कर दिया तो पता नहीं 
मेरा क्या होगा।

कहते हुए विधि की आँखों मे आँसू आ गये।। 

अंश : मै भी कहा अब तुम्हारे बिन रह पाऊगा, पगली मैं तो मजाक कर रहा 
था और तुम रोने लग गयी। 
कहते हुए अंश ने विधि को गले लगा लिया। 
गले लग कर विधि और जोर से 
रोने लगी।।

अरे हमें मूवी भी देखनी है...यही रोती
रहोगी या मूवी भी देखोगी।। 


दोनो ने मूवी देखने के बाद एक रेस्टोरेंट 
मे जाकर खाना खाया। 
अंश ने वही केक ऑर्डर किया और वही उसका बर्थडे सेलिब्रेट किया। 

विधि आज बहुत खुश थी। 

विधि : थैंक्यू अंश..!! 
आज मै बहुत खुश हु, आज तुमने 
मुझे जो खुशी दी है उसे मै सारी 
उम्र नही भूल सकती। 
कहते हुए विधि ने अंश के गालों पर
किस कर दिया। 

अंश : थैंक्स किस लिए विधि, 
अब तुम मेरी हो और तुम्हारी हर 
ख़ुशी मेरी ख़ुशी है ये कुछ नही मै तो
तुम्हे दुनिया की हर ख़ुशी देना चाहता हूँ। 
ये सेलिब्रेशन तो अब हर साल होगा
और इससे भी बढ़िया। 
और अंश ने विधि के माथे को चूम
लिया।। 

अंश : तुम जब घर आओगी तब देखना, सब कितना प्यार करेगे 
तुम्हें...और मेरी मम्मी तो सबसे 
ज्यादा वो बहुत प्यारी है बिल्कुल तुम्हारी तरह। 

विधि : कब ले चलोगे फिर अपने घर 
और तुम यहाँ पास थोड़ी रहते हो जो
जब मन में आये चल दिए। 

अंश : हा...!! मगर शादी के बाद तो
आओगी ना तब तो लेकर ही जाऊगा
हमेशा के लिए अपने साथ। 
मगर उसे अभी वक़्त हैं पहले पढ़ाई खत्म करनी है और बाद में जाऊगा
लंदन भाई के पास वही जॉब करूगा। 

विधि : मतलब..!! तब तक में यहाँ वेट करू..??? 
और मेरे पापा ने कहीं और शादी कर दी तो..फिर..?? 
फिर कैसे मना करुगी उन्हें क्या  
कहुगी।। 

अंश : कुछ बताने की जरूरत नहीं है। 
ये तुम्हारा आखिरी साल हैं और मेरा भी। 
इंजिनियरिंग खत्म होने के बाद मै पापा से बात कर लुगा वो मान जायेंगे
हमारी शादी को। 

विधि : मगर अंश...तुम और मै दोनों
अलग माहौल में पले बढ़े हैं अलग कास्ट वाले.... 
मेरे पापा नहीं मानेंगे मुझे तो कभी कभी बहुत डर लगता हैं...
वहा सब लोग मुझे एक्सेप्ट करगे भी या नहीं मै भी कैसे अड्जस्ट कर पाऊगी पता नहीं..!! 
तुम्हारी इतनी बड़ी फैमिली है और मै
घर मे अकेली रहती आयी हु तो.. 
मै कैसे...?? 

अंश : अरे... 
अभी से टेंशन ना लो...सब ठीक ही
होगा मुझे पता है। 
अंश ने विधि का हाथ अपने हाथ में लेते हुए कहा।। 

विधि.. आई होप..!! ऐसा ही हो, 
सब ठीक ही हो।। 

अंश.. हा..!! सब ठीक होगा अब चलो जल्दी से खाना खत्म करो, 
तुम्हे घर भी जाना है। 
वैसे रात की पार्टी का क्या प्लान है, 
मुझे तो बुलाओगी ही ना। 
कहते हुए अंश हँसने लगा।। 
विधि... तुम्हे तो हर बात पर बस मजाक ही सुझता हैं और यहा सोच सोच के मेरी हालत खराब हो रही हैं।। 

दोनों ने फिर खाना खाया और
दोनों खाना खाकर बाहर निकले।। 

अंश ने विधि को...विधि के घर के 
पास वही बस स्टॉप पर छोड़ दिया जहाँ से पिक किया था।। 

विधि घर पहुँची तो सब ने विधि को
चौका दिया। 
अंदर आते ही सबने पहले उसे बर्थ डे विश् किया। 

उसने अंदर आकर देखा तो मम्मी ने 
पार्टी की सारी तयारी कर ली थी। 

आज दादा दादी के साथ बड़े पापा के
दोनों लड़के मतलब उसके दोनों भाई और भाभी भी साथ आये थे। 
सब को देख कर विधि को बहुत ख़ुशी
हुई। 
उसने अंदर आते ही पहले दादा दादी 
और भैया भाभी के पैर छुयें और 
आशीर्वाद लिया। 

उसे तो सब ने चौका दिया.. विधि
बिल्कुल नहीं जानती थी की मम्मी
ने आज उसके बर्थ डे पर इतना बढ़िया अरेंजमेंट् किया है।। 

शाम होते ही सभी मेहमान आने
लगे विधि के फ्रेंड्स को भी बुलाया
गया था सब बहुत खुश थे मगर विधि
अंश को ही मिस कर रही थी। 
इतने लोगों के बीच भी वो अकेला
महसूस कर रही थी। 

ब्लेक ड्रेस में विधि गजब की सुंदर लग 
रही रही थी सब की निगाह विधि पर थी और विधि कही और किसी ओर
के ख्यालों में गुम थी...तभी निशा
और बाकी फ्रेंड्स भी विधि के पास
आते हैं, और.. 
Happy Birthday...विधि..!! 

ये हैलो..!! कहाँ खोयी हो...
निशा ने चुटकी बजाते हुए कहा। 
तो सब दोस्त हँसने लगे... 

विधि :  कहीं नहीं ऐसे ही....!! 

थैंक्यू  फ्रेंड्स..!! 
थैंक्स निशा..!! निशा को हग करते हुए विधि ने कहा।। 

निशा : अंश को मिस कर रही हो ना..??  निशा ने धीरे से विधि के कान में कहा। 

हा यार..!! सच में.. 
काश.!! वो भी यहाँ होता तो कितना अच्छा होता ना सब के साथ मिल कर वो भी खुश होता और मेरी ख़ुशी डबल हो जाती। 
मगर क्या करे... 

निशा : कोई नहीं बाद में मिलवा लेना, 
चल अब सब तेरे वेट कर रहे हैं। 

विधि निशा के साथ पार्टी हॉल में आयी विधि ने केक काटा तो सब ने
मिल कर विधि को मिस किया। 

सब ने मिल कर पार्टी एंजॉय की...विधि भी अपने भाभी और भैया के साथ खुश थी। 

रात को सब के जाने के बाद विधि भी अपने कमरे मे चली गयी। 



क्रमश:...........