बर्फ का जादू नमक वाला खिलौना Shilpa exam tips द्वारा बाल कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

Featured Books
  • Room no. 407 - 1

    Part 1 दुनिया में दो तरह की डरावनी कहानियाँ होती हैं।एक, जिन...

  • दो पतियों की लाडली पत्नी - 43

    दृश्य – कॉलेज नोटिस बोर्ड | सुबहकॉलेज के नोटिस बोर्ड के सामन...

  • शैतान गढ़ अंधेरे की दुनिया - 1

    इंट्रोडक्शनशैतान गढ़ यह एक ऐसा शहर है जहां सारे छोटे बड़े भू...

  • डर

    अध्यात्म का बहुत सीधा और सरल अर्थ है—ख़ुद को जानना। (‘अधि +...

  • Muhabbat Ek Sabaq - 16

    "अम्मी आप फ्री हैं" ?? आज रूटीन के मुताबिक़ शहरयार वॉक करने...

श्रेणी
शेयर करे

बर्फ का जादू नमक वाला खिलौना



*बर्फ का जादू - नमक वाला खिलौना*

सर्दी की सुबह थी। बेटा आरव किचन में आया और बोला, "मम्मी फ्रीजर में बर्फ जमी है। इससे खेलें?"

मम्मी बोली, "खेलेंगे बेटा। पर आज खेल के साथ साइंस भी करेंगे। मम्मी की लैब चालू है।"

आरव बोला, "बर्फ से साइंस? वो तो ठंडी-ठंडी होती है मम्मी।"

मम्मी हंसी, "हां बेटा। और ठंड में भी एक गरम वाला जादू छुपा है। चल दिखाती हूं।"

*एक्सपेरिमेंट शुरू - बर्फ को धागे से बांधो*

*सामान चाहिए:*
1. एक कटोरी में बर्फ के 2-3 टुकड़े
2. थोड़ा सा नमक - रसोई वाला

आरव ने पूरे मोहल्ले के बच्चों को बुला लिया। सबने बर्फ पर नमक डाला और धागा चिपकाया। सब चिल्ला रहे थे, "मम्मी देखो जादू!" 

मम्मी ने सबको समझाया, "बेटा ये जादू नहीं है। ये विज्ञान है। पढ़ोगे तो तुम भी जादूगर बन जाओगे।" 

सब बच्चे ताली बजाने लगे। किचन में जश्न हो गए 


👑 मम्मी ने बर्फ का टुकड़ा प्लेट में रखा। ऊपर से चुटकी भर नमक छिड़क दिया। 

आरव बोला, "मम्मी नमक से बर्फ पिघल जाएगी।"

मम्मी बोली, "बस यही तो जादू है बेटा। अब ये धागा देख।" मम्मी ने धागे को बर्फ के ऊपर रख दिया। ठीक नमक वाली जगह पर।

"अब 30 सेकंड गिनो बेटा। एक... दो... तीन..."

आरव गिन रहा था। 30 तक पहुंचते ही मम्मी बोली, "बस! अब धागे को ऊपर खींचो।"

आरव ने धीरे से धागा खींचा। और क्या देखता है... बर्फ का टुकड़ा धागे से चिपका हुआ हवा में लटक गया!

आरव चिल्लाया, "मम्मी ये कैसे हो गया? बर्फ तो धागे से चिपकती ही नहीं!"

मम्मी बोली, "बेटा ये जादू नहीं, साइंस है। देखो कैसे हुआ।"

*साइंस क्या बोलती है?*

मम्मी ने एक और टुकड़ा लिया। बोली, "बेटा बर्फ 0 डिग्री पर पिघलती है। पर जब हम नमक डालते हैं ना, तो बर्फ और ठंडी हो जाती है। -5 डिग्री, -10 डिग्री।"

"नमक बर्फ को छूते ही उसके ऊपर की पतली परत को पिघला देता है। पानी बन जाता है।"

आरव बोला, "हां मम्मी, धागे के नीचे पानी दिख रहा था।"

मम्मी बोली, "बस! वही पानी धागे को गीला कर देता है। 30 सेकंड बाद वो पानी फिर से जम जाता है। क्योंकि नमक की वजह से बर्फ और ठंडी हो गई थी।"

"और जब पानी जमता है, तो धागे को अपने अंदर कैद कर लेता है। जैसे सीमेंट ईंट को पकड़ लेता है। इसीलिए धागा बर्फ से चिपक गया।"

आरव बोला, "तो मम्मी नमक बर्फ को पिघलाता भी है और जमाता भी है?"

मम्मी ने उसका गाल खींचा, "हां बेटा। इसीलिए सर्दी में सड़क पर नमक डालते हैं। बर्फ पिघल जाती है और गाड़ी फिसलती नहीं।"

*मम्मी का सबक*

मम्मी ने बर्फ को धागे से खोलकर दिखाया। बोली, "देखा बेटा? मुश्किल दिखने वाली चीज भी थोड़े से नमक से हल हो जाती है।"

"जिंदगी में भी जब कोई काम अटक जाए ना, तो थोड़ा `नमक` डाल दो। मतलब थोड़ी अक्ल, थोड़ी तरकीब। रास्ता खुल जाएगा।"

आरव बोला, "मम्मी ये तो सबसे ठंडा जादू है।"

मम्मी बोली, "नहीं बेटा। ये सबसे गरम वाली साइंस है। क्योंकि इसमें दिमाग का इस्तेमाल हुआ है। और याद रखना, बर्फ भी पिघलती है... बस सही नमक मिलना चाहिए।"

आरव ने बाकी बर्फ के टुकड़ों पर भी नमक डालकर धागा चिपकाना शुरू कर दिया। पूरा किचन जादूगर की दुकान बन गया।

*मम्मी हार नहीं मानती। और मम्मी के हाथ की बर्फ भी नहीं फिसलती!*