दोस्तों आज मैं आपको एक प्यारी सी कहानी सुनाने जा रहा हूं। आशा करता हूं आप सबको पसंद आएगी।एक प्यारी सी बच्ची थी। जिसका नाम था स्विटी बहुत प्यारी और नटखट थी । माता सुशिलाबेन और पिता राजेश भाई बस तीनों अपने छोटे से परिवार में बहुत खुश हे लेकिन राजेश भाई के पास अच्छी नौकरी नहीं थी। बहुत मेहनत के बाद शहर में नौकरी लगी । उसके पापा की शहर में नौकरी लगने पर सब शहर रहने जाने वाले हैं।पर स्विटी को किटी को भी साथ ले जाना है पर राजेश भाई मना कर रहे हैं कि उसका ख्याल कौन रखेगा । वेसे में आपको बता दूं किटी उनकी पालतु बिल्ली का नाम है। स्विटी किटी से बहुत प्यार करती है और हमेशा उसे अपने साथ ही रखती । उनके बिच का प्यार देखनेवाला है। बहुत जिद के आखिरी में राजेश भाई मान जाते हैं क्योंकि उन्हें भी पता है कि स्विटी किटी के बिना नही रह सकती। उन दोनों के बीच एक ऐसा रिश्ता बन गया था कि उनकी आत्मा एक हो चुकी है।शहर जाने के बाद सभी लोग नये घर में रहने लगे। वेसे मेने आपको अभी बताया नहीं कि स्विटी 10 साल की है और चौथी कक्षा में पढ़ती। अब शहर में आने पर स्विटी की पढ़ाई का नुक़सान न हो इसलिए जल्द से जल्द स्विटी के लिए एक अच्छा स्कुल खोजना था । राजेश भाई ने अपने सहकर्मियों से जानकारी लेकर एक स्कूल फाइनल किया। अब स्विटी स्कूल में एडमिशन करवाना था तो दूसरे दिन ही स्विटी का दाखिला चौथी कक्षा में करवाया । अब स्विटी स्कूल में एडमिशन करवाना था तो दूसरे दिन ही स्विटी का दाखिला चौथी कक्षा में करवाया अब वो रोज स्कूल जाने लगी। स्कूल का रास्ता थोड़ा दूर होने की वजह से सुशिला बेन रोज स्विटी को स्कूल लाने और ले जाने जाती थी । उनको शहर में आए आज छे महीने हो चुके थे। सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था राजेश भाई की नौकरी में बहुत तरक्की हो रही थी। पर दुख हमेशा अपना रास्ता चुन ही लेता है। उन्हें तो पता भी नहीं था कि उनकी जिंदगी में तूफान आने वाला है।
आज दोपहर के साडे पाच बजे है राजेश भाई घर पर नहीं आये है और सुशिला बेन उनकी चिंता कर रही है। चिंता में वह भूल ही गई। पर किटी स्विटी के न आने पर यहां वहां भाग रही थी। ऐसे करते करते वह घर के बाहर निकल गई।
वहां मां के न आने पर स्विटी स्कूल के बाहर खड़ी होकर रो रही थी।
दुसरी ओर वहां सुशिला बेन अपने पति को फोन लगा रही बहुत बार न लगने के बाद उनके फोन पर किसी अंजान नंबर से फोन आता है और उठाने पर पता चलता है कि राजेश भाई का एक्सिडेंट हुआ है और उन्हें होस्पिटल ले जाया जाता है।
सुशिला बेन भी वहां जाती है। वहां स्कूल में स्विटी थोड़ा चल कर स्कूल के आगे निकल आई थी और घर भी काफी नजदीक था। तभी वहां कुछ लफंगे लड़के आ जाते हैं।और स्विटी को बहलाने लगते हैं। यह लड़के अक्सर स्विटी को स्कूल से आते जाते देखते थे। पर उसके साथ उसकी मां नहीं थी तो मौका पाकर स्विटी को अपने साथ चलने पर मनाने के लिए कहते हैं कि उसकी मां ने भेजा है। तो वो झट से मान गई। उन्होंने उसे शरबत में नींद की दवा मिलाकर उसे पिला दिया और वह चार लोग उसके कपड़े उतारने लगे । वह सुमसाम जगह होने के कारण वहां कोई आता जाता नहीं
था । वह चार लोग बारी बारी से उसके शरीर के साथ ग़लत काम करने लगे। किटी ने जब स्विटी को देखा तो वह चार लोग वही उसके शरीर पर पड़े हुए थे और स्विटी अपनी आखरी सांसे ले रही थी। किटी बार बार स्विटी के पास जा रही थी पर वो लोग उसे जाने नहीं दे रहे थे। वो नन्ही जीव तो क्या ही कर सकती थी। तभी एक लड़के किटी को एक दंडा उठाकर जोर से मारा वो तो यही पे मर गयी।
दुसरी ओर राजेश भाई भी कोमा में चले गए। और स्विटी ने अपनी प्यारी किटी के वही दम तोड दिया।
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