Ghost hunters - 16 Rishav raj द्वारा डरावनी कहानी में हिंदी पीडीएफ

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Ghost hunters - 16



हवा अब पहले जैसी नहीं रही थी। उसमें ठंड के साथ एक गंध भी थी जली हुई चीज़ों की जैसे कहीं कुछ बहुत पहले जलाया गया हो पेड़ के पास खड़े चारों लोग अब समझ चुके थे कि ये मामला साधारण नहीं है।

आरव ने धीरे से डिब्बे को वापस जमीन पर रखा लेकिन इस बार उसे ढका नहीं

आरव- ये किसी ने बाँधा है और बिना कारण कोई इतना मजबूत बंधन नहीं करता।

कबीर की नजर अब पेड़ के तने पर थी। उसने उँगलियों से हल्का सा छुआ फिर तुरंत हाथ पीछे खींच लिया

कबीर- यहाँ सिर्फ आत्मा नहीं है यहाँ मंत्रों के निशान हैं

मीरा ने हैरानी से देखा

मीरा- मतलब कोई तांत्रिक?

कबीर ने सीधे जवाब नहीं दिया। वो धीरे-धीरे पेड़ के चारों ओर घूमने लगा कुछ सेकंड बाद वो एक जगह रुक गया।

कबीर- यहाँ

सब उसकी तरफ बढ़े पेड़ के पीछे मिट्टी थोड़ी अलग थी जैसे वहाँ कभी कुछ रखा गया हो आरव ने बिना वक्त गंवाए मिट्टी हटानी शुरू की।

कुछ ही देर में एक और चीज़ सामने आई इस बार एक पुरानी, काली पड़ी हुई लकड़ी की पट्टी जिस पर कुछ उकेरा हुआ था मीरा ने झुककर देखा लेकिन तुरंत पीछे हट गई

मीरा- ये ये symbols

उसकी आवाज धीमी हो गई

मीरा- ये normal नहीं हैं

कबीर अब पूरी तरह गंभीर हो चुका था

उसने धीरे से उन निशानों पर उँगली फेरी और आँखें बंद कर लीं कुछ पल के लिए सब शांत हो गया

फिर उसने आँखें खोलीं

कबीर- ये तांत्रिक बंधन है और वो भी बहुत पुराना

रोहित के गले से आवाज मुश्किल से निकली

रोहित- किसने किया होगा ये ?

कबीर- कोई ऐसा जो सिर्फ आत्मा को भगाना नहीं चाहता था बल्कि उसे कैद करना चाहता था

आरव- क्यों?

कबीर ने पेड़ की तरफ देखा

कबीर- क्योंकि वो आत्मा जाने लायक नहीं थी

हवा अचानक और भारी हो गई, मीरा ने धीरे से कहा

मीरा- मतलब वो खतरनाक है?

कबीर- बहुत

उसी पल पेड़ के तने पर हल्की दरार सी उभरी जैसे अंदर से कोई दबाव दे रहा हो रोहित पीछे हट गया

रोहित- ये बाहर आ जाएगा?

आरव ने सख्ती से कहा

आरव- अगर हमने सही कदम नहीं उठाया तो हाँ

कुछ सेकंड की खामोशी के बाद मीरा ने एक और सवाल पूछा

मीरा- जिसने इसे बाँधा था वो कहाँ है?

कबीर हल्का सा मुस्कुराया लेकिन इस बार उसकी मुस्कान में कोई हल्कापन नहीं था दूर खेतों की तरफ एक आकृति कुछ सेकंड के लिए दिखाई दी लंबा कद सफेद कपड़ेऔर स्थिर खड़ा हुआ फिर वो गायब हो गया मीरा ने धीमे स्वर में कहा

मीरा- हमने उसे पहले भी देखा है

आरव की आवाज अब ठंडी थी

आरव- तो ये साफ है

उसने डिब्बे की तरफ देखा फिर पेड़ की तरफ

आरव- ये लड़ाई सिर्फ एक आत्मा से नहीं है

कबीर ने बात पूरी की

कबीर- ये एक अधूरा अनुष्ठान है

हवा में फिर वही फुसफुसाहट गूँजी “…वापस… रख दो…”
लेकिन इस बार उस आवाज में गुस्सा था और कहीं न कहीं डर भी


जमीन पर रखा खुला डिब्बा उसके अंदर बंधी हुई वो चीज और पेड़ पर उभरती हल्की दरारें—ये सब अब एक ही बात कह रहे थे ये मामला साधारण नहीं है

आरव कुछ देर तक चुप खड़ा रहा उसकी नजरें उस लकड़ी की पट्टी और डिब्बे के बीच घूम रही थीं वो हर चीज को जोड़ने की कोशिश कर रहा था

मीरा धीरे से बोली

मीरा- अगर ये तांत्रिक बंधन है तो इसे तोड़ना या संभालना हमारे standard protocol में नहीं आता

कबीर ने इस बार मज़ाक नहीं किया

कबीर- और अगर हमने गलत कदम उठाया तो ये चीज़ सिर्फ रोहित तक सीमित नहीं रहेगी

रोहित के चेहरे पर डर फिर से साफ दिखने लगा

रोहित- मतलब?

आरव ने उसकी तरफ देखा उसकी आवाज शांत थी, लेकिन इस बार उसमें एक सख्त सच्चाई थी

आरव- मतलब ये कि अगर ये पूरी तरह मुक्त हो गया तो ये सिर्फ तुम्हें नहीं पूरे इलाके को affect कर सकता है

कुछ सेकंड के लिए सब चुप हो गए दूर कहीं कुत्ते के भौंकने की आवाज आई और तुरंत बंद हो गई
मीरा ने धीरे से कहा

मीरा- ये बढ़ रहा है 

आरव ने गहरी सांस ली उसने एक बार फिर पेड़ की तरफ देखा फिर डिब्बे की तरफ और फिर अपने हाथ की घड़ी पर नजर डाली

उसने फैसला कर लिया था

आरव- हम इसे यहीं रोकेंगे लेकिन अपने तरीके से नहीं

कबीर ने उसकी तरफ देखा

कबीर- आखिर मान ही लिया

आरव ने जेब से अपना कम्युनिकेटर निकाला कुछ सेकंड तक वो चुप रहा जैसे शब्द चुन रहा हो फिर उसने कॉल कनेक्ट किया दो सेकंड की खामोशी फिर दूसरी तरफ से आवाज आई।

आवाज- बोलो

आरव की आवाज अब पूरी तरह प्रोफेशनल थी

आरव- कोड ब्लैक लोकेशन भेज रहा हूँ

कुछ पल के लिए दूसरी तरफ खामोशी रही फिर वही आवाज

आवाज- कन्फर्म करो

आरव- तांत्रिक बंधन अननोन एंटिटी एंकर एक्टिव है और डिस्टर्ब हो चुका है

इस बार जवाब तुरंत नहीं आया लगभग पाँच सेकंड बाद

आवाज- तुम लोग वहाँ से हट जाओ

आरव- नेगेटिव फैमिली एक्सपोज्ड है हम साइट छोड़ नहीं सकते

कबीर हल्का सा मुस्कुराया जैसे उसे पहले से पता था कि यही जवाब होगा

दूसरी तरफ से आवाज थोड़ी सख्त हो गई

आवाज- तुम्हें अंदाज़ा है तुम किसमें पड़ रहे हो?

आरव- अब है

कुछ पल की खामोशी फिर जवाब आया

आवाज- बैकअप टीम भेजी जा रही है

कॉल कट गया, मीरा ने तुरंत पूछा

मीरा- कौन आ रहा है?

आरव ने सीधे जवाब नहीं दिया

आरव- वो लोग जो ऐसे मामलों को खत्म करते हैं या दबा देते हैं

रोहित ने घबराकर कहा

रोहित- दबा देते हैं?

कबीर ने इस बार हल्के लेकिन सच्चे लहजे में कहा।

कबीर- हर चीज़ को बचाया नहीं जाता।

हवा अचानक फिर से ठंडी हो गई।

पेड़ की टहनियाँ एक साथ हिल उठीं जैसे किसी ने अंदर से जोर लगाया हो मीरा ने डिवाइस की स्क्रीन देखी।

मीरा- ये react कर रहा है इसे पता चल गया है

उसी पल पेड़ के तने पर दरार और गहरी हो गई अंदर से एक बहुत धीमी लेकिन खुरदुरी आवाज निकली

“…मत… बुलाओ…”

रोहित के पैरों तले जमीन जैसे खिसक गई

रोहित- ये बोल रहा है

आरव की नजर अब पेड़ पर जमी थी

आरव- ये डर रहा है

कबीर ने धीरे से जोड़ा

कबीर- या फिर वो जो आ रहा है उससे डर रहा है
दूर सड़क की तरफ से गाड़ियों के आने की बहुत हल्की आवाज सुनाई दी

धीरे-धीरे वो आवाज बढ़ने लगी मीरा ने सिर उठाया

मीरा- वो लोग आ गए

हवा और भारी हो गई पेड़ अब लगातार हिल रहा था जैसे उसके अंदर कुछ जाग रहा हो और इस बार डर सिर्फ उस आत्मा का नहीं था डर आने वालों का भी था