Hero - 8 Ram Make द्वारा पत्रिका में हिंदी पीडीएफ

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Hero - 8



जतिन अपनी आंखें खोलता है। और उठता है। और तंबू से बाहर आकर कहता है। "अब समय आ गया।" फिर जतिन उन सियारों की लाश की तरफ बढ़ता है। और उनके पास जाकर रुक जाता है। जतिन अपने दोनों पेट anger wolf और killer eagle को बुलाता है। अपने सामने इतनी सारी सियारों की लाशों को देखकर दोनों के मुंह में पानी आ जाता है।


और फिर जतिन दोनों से कहता है। "इन सारी लाशों को खा लो।" जतिन से इस तरह के आदेश को सुनकर दोनों सियारों की लाशों के ऊपर टूट पड़ते हैं। उन्होंने उन सभी सियारों की लाशों को 5 मिनट के अंदर अंदर ही खा लिया। उन्हें देखकर जतिन कहता हैं। "बिल्कुल भूखे नंगे ही थे क्या।" इतना कहकर जतिन दोनों को वापस बुला लेता है। फिर जतिन एक पेड़ के पास जाकर रुकता है। और उस पेड़ के ऊपर अपने मुक्के को मारते हुए कहता है।

"Body Bust"

उसके मुक्के का उस पेड़ के ऊपर किसी भी प्रकार का कोई असर ना देखकर जतिन निराश हो जाता है। और कहता है। "क्या यह सिर्फ जीवित प्राणियों के ऊपर ही काम करता है।"

लेकिन जतिन body bust की पूरी शक्ति से अनजान था। वह यह नहीं जानता था कि यह कितनी खतरनाक स्किल है। फिर जतिन अपने आप को दिलासा देते हुए कहता हैं। "नहीं नहीं यह काम करेगा। यह जरूर काम करेगा।" इतना कह कर जतिन अपनी मुट्ठी में दोबारा से शक्ति को इकट्ठा करता है । और उस पेड़ को पर दोबारा मारते हुए कहता है।

"Body Bust"

जतिन इस प्रक्रिया को बार-बार दोहरा रहा था। लेकिन उसे इससे किसी भी प्रकार का कोई भी अच्छा संकेत नहीं मिला था। लेकिन फिर भी जतिन इस प्रक्रिया को बार-बार कर रहा था। जतिन के ऐसा करते-करते सुबह हो गई। जतिन फिर उगते हुए सूरज को देखते हुए कहता है। "एक दिन मैं भी तेरी ही तरह इस संसार को रोशन करूंगा।" फिर विनय तंबू से बाहर आता है। और जतिन से कहता हैं। "emperor बाहर खड़े-खड़े क्या कर रहे हो।"


जिस पर जतिन पीछे मुड़कर विनय की तरफ देखते हुए कहता है।" कुछ नहीं जल्दी उठ गया था। तो सूरज को देख रहा था। वो कहते हैं ना सुबह सुबह सूरज को देखने से आंखें ठीक होते हैं।" जिस पर विनय कहता हैं। "हा चलो मैं भी देखता हूं।" जिस पर जतिन हँसते हुए कहता है। "हां बंदर बंदरिया का खेल चल रहा है इधर।" फिर विनय कहता हैं। "Emperor तुम भी ना।" फिर विनय भी जतिन के बगल में जाकर सूरज को देखते हुए कहता है। "Emperor तो फिर आज का क्या प्लान है।" जिसपे जतिन कहता है। "आज का प्लान है। हम जैकल माउंटेन को पार करेंगे। और ब्लैक माउंटेन पर जाकर काले कोवो को मारके स्पिरिट शेल्टर को अपने कब्जे में लेंगे।" फिर जतिन विनय से पूछता है। 


"अरुण अभी तक नहीं उठा।" जिस पर विनय कहता है। "नहीं।" फिर जतिन कहता है। "उसको सोने दो तब तक मैं खाने का इंतजाम करता हूं।" तभी विनय जतिन से पूछता है। "emperor मैं भी चलूं।" जिस पर जतिन कहता है। "नहीं  विनय तुम यही रुको क्योंकि जंगली सियारों का कोई भरोसा नहीं है। अरुण को अकेला पाकर वे उसके ऊपर हमला भी कर सकते हैं।" तभी अरुण तंबू में से निकलते हुए कहता है। "इतना कमजोर लगा लिया क्या।" जिस पर जतिन कहता है। "अरुण मैं तुम्हें कमजोर नहीं लगा रहा हूं लेकिन मुझे तुम्हारी फिक्र है।" फिर अरुण कहता हैं। "भाई मेरी फिक्र करना छोड़ किसी ऐसी को ढूंढ जो तेरी फिक्र करें।" फिर जतिन अरुण से कहता है। "देख अरुण जिंदगी का क्या भरोसा कहां से क्या आए और कौन मार जाए तो इससे अच्छा है। खुद की फिक्र करो।" जिस पर अरुण कहता है। साला सिंगल था और सिंगल ही मरेगा।" जिस पर जतिन कहता हैं। "


भाई मै सिंगल ही हूँ जतिन सिंगल।" तभी अरुण की नजर जहां पर जंगली सियारों का ढेर था। वहां पर जाती है। और उसे देखते हुए कहता हैं। "जंगली सियार कहां गए।" जतिन भी उसी तरफ देखते हुए अपने मन में कहता है। "यार कुछ तो बचा लेता।" अरुण की बात सुनकर विनय कहता है। "देख भाई मुझे नहीं पता मुझसे पहले तो emperor उठा था।" फिर दोनों जतिन की तरफ देखने लग जाते हैं। उनको अपनी तरफ ऐसे देखते हुए जतिन कहता हैं। "तुम क्या सोच रहे हो यह जंगली सियार सारे मैंने खा लिए। पागल हो क्या मुझसे नहीं खाया जाता इतना।" जतिन की बात सुनकर अरुण कहता है। "हम यह नहीं कह रहे हैं कि यह जंगली सियार तुमने खा लिए है। हम यह कह रहे तुम हमसे पहले उठे तो तुम्हें कुछ पता होगा।" जिस पर जतिन कहता है। "अच्छा ऐसे तो शायद यह हो सकता है कि हम रात को जब सो रहे थे। तो कोई आया होगा। और इन सब को ले गया होगा। या फिर कोई जंगली जानवर आया और इन सभी सियारों को खा गया होगा।"


जतिन की बात सुनकर अरुण कहता है। "इतने सारे सियारों को खाना वह भी एक रात में नामुमकिन है।" जिस पर जतिन कहता हैं। "देख भाई मुझे नहीं पता। कहां गए क्यों गए किसने खाए और किधर खाए। मैं जब उठा तो वो यहां नहीं थे।" जतिन की बात सुनकर विनय कहता है। "देखो कहां गए उससे हमें कोई लेना देना नहीं है। लेकिन अब हम खाएंगे क्या?" जिस पर जतिन कहता है। "और शिकार कर लेंगे सियारों की कमी थोड़ी ना है इधर।" जिस पर अरुण कहता है।" और अब हम उन सियारों को कहां ढूंढेगे।" तभी विनय कहता है। "ढूंढेगे नहीं मिल गए।" जिस तरफ विनय देख रहा था। जतिन भी उसी तरफ देखते हुए कहता है। "आज तो इनका शिकार में बिना कवच के करूंगा।" इतना कहकर जतिन उन सियारों की तरफ भागना शुरू कर देता है। अपनी तरफ बढ़ते हुए जतिन को देखकर वे सियार डर गए थे। क्योंकि उन्हें कल का दिन याद आ गया था। तो वे पहाड़ी के अंदर अलग अलग होकर भागने लगे। तभी जतिन चिल्ला कर कहता है। "आज तो तुम बच कर नहीं जाओगे।" इतना कहते के साथ जतिन अपनी रफ्तार बढ़ा लेता है। और एक सियार के पास जाकर जतिन उसे मुक्का मार कर कहता है। 


"Body Bust" मुक्का लगते के साथ वो सियार काला पड़कर फट जाता है। जतिन अपनी body bust skill का प्रयोग करते करते सभी सियारों को मार रहा था। तभी विनय जतिन के पीछे से चिल्लाकर कहता हैं। "भाई एक को वैसे मार ले पेट में चूहे दौड़ रहे हैं।" फिर जतिन कहता हैं। "अरे यह तो मैंने सोचा ही नहीं।" फिर जतिन एक सियार के पास जाकर उसको पकड़ लेता है। और उसको हवा में उछाल देता है। जैसे ही वह सियार जमीन पर गिरा। जतिन उसकी छाती पर मुक्का मारता है। उस मुक्के से उस सियार की खाल और मांस दोनों फट चुके थे। फिर जतिन जतिन उस सियार की छाती में हाथ डालता है। और उसकी एक हड्डी को पकड़ कर बाहर निकाल लेता है। वह हड्डी लाल खून से लिपटी हुई थी। और आगे से बहुत नुकीली थी। जतिन उसको अपने हाथ में पकड़ते हुए एक सियार की तरफ भगा देता है। वह हड्डी आगे से इतनी नुकीली थी। 


कि उस सियार के माथे को छेद देती है। जिससे उस सियार की मौत हो जाती है। इस तरह के दृश्य को देखकर विनय कहता है। "सच में यह emperor जितना मैंने सोचा था। उससे कई गुना ज्यादा खतरनाक है। यह किसी भी चीज को हथियार मैं बदल सकता है। शुक्र है भगवान का मैंने समय रहते इस को सब कुछ बता दिया। वरना मैं किस तरह की मौत मरता वह तो यमराज ही जाने।" विनय की बात सुनकर अरुण कहता हैं। "मैं जतिन को बचपन से जानता हूं। वह तुम्हे मारता नहीं बल्कि तुम्हें इतना दर्द देता। जितना कि आज तक किसी ने सहा हो। और वह तुम्हारे हर हिस्से को छोटा-छोटा करके काट देता।" अरुण की बात सुनकर विनय की रीढ़ की हड्डी में ठंडक पहुंच गई थी। लेकिन तभी अरुण कहता है। "


इतना क्यों डर रहे हो ऐसा हुआ तो नहीं है।" अरुण की यह बात सुनकर विनय को थोड़ी राहत महसूस हुई। फिर अरुण कहता हैं। "चलो अब जतिन के पास चलते हैं।" फिर दोनों जतिन के पास चले जाते हैं। फिर जतिन कहता है। "जल्दी से लकड़ियों को इकट्ठा करो। और मैं तब तक खाना बनाता हूं। खाना खाने के बाद हम जल्द से जल्द जैकल माउंटेन को छोड़कर ब्लैक माउंटेन के लिए चल देंगे।" जिस पर दोनों हां में गर्दन हिलाते हैं। फिर जल्दी से जतिन खाना बनाता है। 

और खाना खाकर तीनों ब्लैक माउंटेंस के लिए चल पड़ते हैं। उन्हें जैकल माउंटेन को पार करते वक्त किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं मिला। तकरीबन ढाई घंटे तक चलने के बाद तीनों ब्लैक माउंटेन की सीमा में पहुँच जाते हैं। तभी विनय जतिन से कहता हैं। "emperor सावधान इस पूरे ब्लैक माउंटेन पर स्पिरिट शेल्टर के इंसान और जानवर घूमते रहते हैं।" जिस पर जतिन विनय की बात सुनकर कहता हैं। "हम सावधान रहेंगे।" फिर तीनों काले कौवे की दक्षिण दिशा की तरफ चलना शुरू कर देते हैं।

लेकिन तीनों इस बात से अनजान थे कि उनका उस दिशा में एक बहुत बड़ी मुसीबत इंतजार कर रही थी।



तीनों सावधानी से दक्षिण दिशा की तरफ बढ़ रहे थे। उन्हें अब तक किसी भी प्रकार का कोई भी खतरा नहीं मिला था। तभी जतिन विनय से पूछता है। "विनय यहां से कितनी दूर और है काले कोवो का वह नेस्ट।" जिस पर विनय कहता है। "यहां से तकरीबन आधा किलोमीटर दूर।" तीनों जब काले कोवो के नेस्ट से 200 मीटर दूर थे। उनको काले कोवो के चीखने चिल्लाने की आवाज आ रही थी। जिस पर जतिन पूछता है।


"क्या यह हमेशा इस तरह चिल्लाते रहते हैं।" जिस पर विनय कहता हैं। "नहीं ये हमेशा शांत रहते हैं। ताकि इनको कोई ढूंढ ना सके। कुछ ना कुछ गड़बड़ जरूर है। चलो हमें जल्दी चल कर देखना चाहिए।" जिस पर जतिन कहता हैं। "जल्दी चलो।" जिस पर तीनों जल्दी से वहां पहुंच जाते हैं। तभी उन्हें वहां पर काले कौवे से लड़ता हुआ एक इंसान नजर आता है। वे तीनों उस इंसान की शक्ति को देखकर दंग रह गए थे। वे तीनों उस इंसान को झाड़ियों के पीछे से छुप कर देख रहे थे। वे इंसान उन काले कौवे से ऐसे लड़ रहा था। जैसे वह किसी छोटे बच्चे को पीट रहा हो। तभी जतिन झाड़ियों में छुप के उस इंसान को देखते हुए कहता है। "यार यह इंसान किस लेवल पर होगा।" जिस पर विनय कहता है। "कम से कम stage-2 पर तो होना चाहिए।" तभी अरुण विनय से पूछते हुए कहता है। "क्या stage-2 का इंसान इतना खतरनाक होता है?" जिस पर विनय कहता है। "शायद इससे भी ज्यादा खतरनाक। 


और ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं। क्योंकि उसने अभी तक अपनी पूरी शक्ति का इस्तेमाल भी नहीं किया है।" जिस पर जतिन कहता हैं। "मुझे भी जल्द से जल्द stage-2 पर पहुंचना है। मुझे भी इस शक्ति का अनुभव करना है।" जतिन की बात सुनकर विनय कहता है। "तुम अभी भी stage-2 पर ही हो। क्योंकि तुम उस कवच की वजह से बहुत ज्यादा खतरनाक हो जाते हो। शायद तुम इस इंसान से जीत ना पाओ। लेकिन तुम इस इंसान को कड़ी टक्कर जरूर दे सकते हो।" जिस पर जतिन कहता हैं। "हां मैं मानता हूं। मेरा कोच बहुत शक्तिशाली है। लेकिन मुझे नहीं लगता मैं इस इंसान के सामने 10 मिनट से ज्यादा टिक पाऊंगा।" विनय और जतिन की बात सुनकर अरुण कहता है। "तुम दोनों इसकी तारीफ करना छोड़ोगे। हमें यह सोचना चाहिए कि हम काले कौवा को कैसे मारे।" जिस पर विनय कहता है। "हमें वापस चलना चाहिए। क्योंकि मुझे नहीं लगता कि हम अब काले कोवो को मार सकते हैं। इस इंसान के होते हुए।" जिस पर जतिन कहता है। "हमें कोशिश तो करनी चाहिए।" जतिन की बात सुनकर विनय कहता हैं।


"भाई मैं मानता हूं। तुम मौत के मुंह से बचकर निकल के आ रखे हो। लेकिन वह स्वयं साक्षात यमराज है।" विनय की बात सुनकर अरुण भी कहता है। "हां जतिन विनय सही कह रहा है। अगर बच गए तो काले कोवो को फिर कभी मार लेंगे।" दोनों की बात सुनकर जतिन कहता है। "हमें एक कोशिश तो करनी चाहिए ना।" जिस पर विनय कहता है। "भाई तुम मार लो हम जा रहे हैं।" लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जतिन ने अपने काले कौवे के धनुष बुला लिया था। और उसके ऊपर अपनी शक्ति से एक तीर को काले कौवे के ऊपर तान दिया था। जिस पर विनय जतिन को देखते हुए कहता है। "emperor पागल हो गए हो क्या।" तभी जतिन विनय की तरफ देखता हुए मुस्कुराता है। और वह तीर छोड़ देता है।


तभी एक woosh... की आवाज के साथ-साथ एक चिल्लाने की भी आवाज आती है। वे चिल्लाने की आवाज एक काले कौवे की थी। तभी जतिन के दिमाग में एक अनाउंसमेंट प्ले होती है।

Stage 1 level 2 

Sky flame - Black crow killed

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Weapon - Magical Bow

अपने शिकार को किसी और के हाथों मरते हुए देख कर उस इंसान को गुस्सा आ जाता है। तभी वह इंसान गुस्से में चिलाने लगता है। "कौन है किसने मेरा शिकार को मारने की जुरत की। मेरे सामने आओ वरना अंजाम बहुत बुरा होगा।" लेकिन तभी उस इंसान की नजर एक झाड़ी पर पड़ती है। जो हल्की हिल रही थी। तभी वह इंसान हंसते हुए कहता हैं।


"कितनी अच्छी जगह छुपे हुए हो ना तुम उस झाड़ी के पीछे। बाहर आ जाओ। अगर खुद ब खुद बाहर आ गए तो बच जाओगे। अगर मैं वहां आ गया तो जान से जाओगे।" उस इंसान की बात सुनकर तीनों बार निकलने ही वाले होते हैं। लेकिन तभी जतिन विनय और अरुण का हाथ पकड़ते हुए कहता हैं। "तुम यही रुको मैं होकर आता हूं।" लेकिन तभी विनय जतिन की बात को इनकार करते हुए कहता है। "नहीं जतिन तीनों साथ चलते हैं।" विनय की बात से अरुण भी सहमत हो जाता है। और कहता है। "हां जतिन विनय सही कह रहा है।" जिस पर जतिन कहता है। "तुम मेरी बात को समझा करो।" लेकिन तभी वह इंसान बोलता है। "बाहर आ रहे हो या फिर मैं वहां आऊ।" जिस पर जतिन झाड़ी से निकलते हुए कहता है। "इसकी कोई आवश्यकता नहीं है।" जतिन के निकलते के साथ विनय और अरुण भी झाड़ी से निकलते हैं। उन दोनों को झाड़ी से निकलते हुए देखकर जतिन धीमी आवाज में उनसे कहता हैं। 


"मैंने तुमसे कहा था यही रहना।" जिसपे विनय कहता है। "हमने भी तुमसे कहा था। ना।" उन तीनों को झाड़ी में से निकलते हुए देखकर। वह इंसान तीनों से पूछता है। "तुम तीनों कौन हो। पहले तो कभी नहीं देखा यहां पर।" जिसके जवाब में जतिन कहता है। "हम तीनों या नये हैं। हम तीनों यहां पर काले कोवो का शिकार करने आए थे।" वह इंसान उन तीनों की तरफ देखते हुए कहता हैं। "यह तीर किसने चलाया था।" इसके जवाब में जतिन कहता है। "मैंने।" अभी वह इंसान जतिन को देखते हुए कहता है। "बहुत खूब।" "तुम्हारी शक्ति सच में बहुत कमाल है। तुमने एक तीर में काले कौवे को निपटा दिया। लेकिन तुमने मेरे शिकार का शिकार कर लिया।" जिस पर जतिन कहता है। "मुझे माफ करना मेरा यह करना मेरी मजबूरी थी।" जिस पर वह इंसान पूछता है।


"कैसी मजबूरी?" जिसके जवाब में जतिन कहता है। "मैंने एक इंसान से कर्जा ले रखा है। और मैंने सुना है। काले कोवो से मिलने वाला हथियार दूर से अपने शिकार का शिकार करने में मदद करता है। और फिर इनसे मिलने वाले हथियार को मैं बेच कर अपना कर्जा चुका दु इसलिए मैं इनका शिकार करने के लिए यहां पर आया।" फिर वह इंसान जतिन को देखते हुए कहता है। "तुम यहां पर अपनी मजबूरी के कारण आए। तुमने इस काले कौवे का शिकार अपनी मजबूरी के कारण किया। लेकिन यहां आने से पहले तुम्हें किसी ने रोका नहीं।" जिसके जवाब में जतिन कहता हैं। "नहीं क्योंकि हम यहाँ बड़ी सावधानी से आए हैं।" जतिन की बात सुनकर वह इंसान हंसता है और कहता है। "कमाल है मेरे जानवर और सैनिकों से बचकर तुम यहां तक आ गए।" उस इंसान की बात सुनकर जतिन का चेहरा सफेद पड़ जाता हैं। और उस इंसान से पूछता हूं। "क्या तुम ही हो स्पिरिट शेल्टर के स्पिरिट हो।" जिसके जवाब में वह इंसान अपना सिर हिलाते हुए हाँ कहता है। 


और फिर जतिन से पूछता है। "वैसे मैंने तुम्हारा नाम नहीं पूछा।" जिसके जवाब में जतिन कहता है। "मेरा नाम emperor है।" फिर वह इंसान कहता है। "emperor बहुत खूब" इतना कहकर वह विनय की तरफ देखने लग जाता है। उस इंसान को अपनी तरफ देखते हुए विनय कहता है। "मेरा नाम विनय है।" और तभी अरुण कहता है। "और मैं अरुण।" तीनों का नाम जानने के बाद वह इंसान कुछ बोलता उससे पहले जतिन कहता है। "तुमने हमारा नाम तो जान लिया लेकिन अपना नहीं बताया।" जतिन की बात को सुनकर वह इंसान कहता है। "मेरा नाम अंकित है।"


और फिर तीनों को देखते हुए अंकित पूछता है। "तो तुम तीनों यहां पर सिर्फ काले कौवा का शिकार करने आए थे।" जिसके जवाब में विनय जल्दी से हां कहता हैं। विनय के इस तरह के व्यवहार को देखकर जतिन मनमन ही मन हँसने लग जाता हैं। लेकिन तभी जतिन उस व्यक्ति से कहता हैं। "क्या हम तुम्हें अंकित बुला सकते हैं? या फिर कुछ और बुलाए?" जतिन का सवाल सुनकर अंकित कहता है। "वैसे तो सब मुझे बॉस कहते हैं। और जो मेरे सबसे करीब होते हैं। वही मेरे नाम से मुझे बुलाते हैं।" फिर जतिन अंकित से कहता है। "तो तुम यहाँ अकेले ही इन काले कोवो का शिकार करने आए हो? अगर तुम अपने सिपाहियों से ही कह देते तो वो ही इन्हे मार देते। तो तुम्हें यहां आने की क्या जरूरत थी।" जतिन की बात सुनकर अंकित कहता है। "समझदार हो और मैं यहां अकेले ही इन काले कोवो का शिकार करने इसके लिए आया हूं। क्योंकि मैं stage-2 के level 3 का हूं। और मुझे stage 3 पर जाने के लिए अर्थ हॉल जाने की जरूरत है। 


और अर्थ हॉल जाने से पहले मुझे अपने लेवल 3 को completely 100 परसेंट कर लेना है। ताकि मे अर्थ हॉल गेट ओपन कर सकूं और दूसरे ग्रह पर जा सकूँ। लेकिन उसके लिए मुझे एक मैजिकल बीस्ट को मारना होगा। जो कि एक stage-2 के level 3 का है। उसको मारने के बाद ही मे अर्थ हॉल ओपन कर सकता हूं।" तभी जतिन अंकित से पूछता है। "तो क्या तुम उस मैजिकल बीस्ट को बिना मारे अर्थ हॉल को ओपन नहीं कर सकते।" जिस पर अंकित कहता है। "वह मैजिकल बीस्ट कोई आम मैजिकल बिष्ट नहीं है। उसे मारे बिना कोई भी अर्थ हॉल को ओपन नहीं कर सकता। क्योंकि वह मरने के बाद दोबारा जीवित हो जाता हैं।


इसी कारण उसे अर्थ हॉल का रक्षक भी कहा जाता है। और उस मैजिकल बिष्ट को मारने में मेरी लगभग पूरी शक्ति खत्म हो सकती है। इसलिए मैं अकेला यहां पर इन काले कोवो के साथ प्रैक्टिस कर रहा था। ताकि मे उस मैजिकल बिष्ट को आसानी से मार सकूं।" फिर जतिन अंकित से पूछता है। "अगर तुम stage3 मे evolve होकर दूसरे ग्रह पर चले जाते हो। तो तुम्हारे स्पिरिट शेल्टर का क्या होगा।" जिसके जवाब में अंकित कहता है। "मेरे यहां से चले जाने के बाद यह स्पिरिट्स शेल्टर एक आम शेल्टर बन जाएगा।" तभी जतिन अंकित से पूछता है। "तुम्हारे यहां से चले जाने के बाद क्या मैं स्पिरिट शेल्टर का अगला मालिक बन सकता हूं।" जतिन का सवाल सुनकर अंकित मुस्कुराते हुए कहता है। "बेशक मेरे जाने के बाद कोई भी इस शेल्टर का अगला मालिक बन सकता है। 

लेकिन तुम्हारी यह इच्छा मैं जरूर पूरी कर सकता हूं। दूसरे ग्रह पर जाने से पहले मैं यह घोषणा कर दूंगा कि अगले शेल्टर के मालिक तुम होंगे।" अंकित की बात सुनकर जतिन कहता है। "काम क्या है?" जिस पर अंकित कहता है। "बहुत खूब तुमने तो मुझे अपना दीवाना बना लिया।" जिस पर जतिन कहता है। "दीवाना तो लड़कियों का होता है। मैं तो लड़का हूं।" जिसे सुनकर अंकित कहता है। "तो सुनो तुम्हें क्या करना है।" तभी विनय हड़बड़ाहट में अंकित से पूछता है। "क्या काम है?" जिस पर अंकित कहता है। "थोड़ा सब्र करो वही बता रहा हूं।"



अंकित कहता है। "तो सुनो तुम्हें क्या करना है।" तभी विनय हड़बड़ाहट में अंकित से पूछता है। "क्या काम है?" जिस पर अंकित कहता है। "थोड़ा सब्र करो वही बता रहा हूं। सबसे पहले तुम्हें मुझे और ज्यादा ताकतवर बनाने के लिए। मेरे साथ लड़ना होगा। ताकि मैं उस मैजिकल बीस्ट से लड़ते वक्त ज्यादा घायल ना हो। और दूसरा काम मैजिकल बीस्ट को मारने में तुम्हें मेरी मदद करनी होगी।" अंकित की बात सुनकर जतिन कहता हैं। "ठीक है। मुझे मंजूर है। लेकिन तुम्हें भी मुझसे वादा करना होगा कि तुम मुझे इस शेल्टर का अगला मालिक बना कर जाओगे।" जिस पर अंकित कहता है।


"चिंता मत करो। मैं तुमसे वादा करता हूं।" फ़िर अंकित तीनों को देखते हुए पूछता है। "तुम तीनों में से सबसे पहले कौन आना चाहेगा।" अंकित की बात सुनकर अरुण आगे आते हुए कहता है। "पहले मैं कोशिश करूं।" अरुण के सबसे पहले आगे आने का कारण यह था। कि वह यह देखना चाहता था। कि वह इस इंसान से कितना कमजोर है। जिस पर अंकित अरुण को देखते हुए कहता हैं। "ठीक है। अपनी पूरी ताकत से मुझ पर हमला करो।" अंकित की बात सुनने के बाद अरुण एक हरी आग में जलने लग जाता है। जो कि उसकी wind flame होती है। अरुण को wind flame में जलता हुआ देखकर अंकित कहता हैं। "विंड एलिमेंट।"


फिर अरुण अपनी पूरी शक्ति को एक मुक्के में इकट्ठा करते हुए उस मुक्के को अंकित की तरफ बढ़ा देता है। अपनी तरफ बढ़ते हुए हमले को देखकर अंकित भी अपनी मुट्ठी को भीचकर उस मुक्के पर मार देता है। जिससे दोनों मुट्ठी आपस में टकरा जाती है। उनके टकराते के साथ ही अरुण की wind flame में बहुत बड़ा विस्फोट होता हैं। जिसे अरुण जमीन पर गिर जाता है। और अपनी wind flame से बाहर आ जाता है। इस तरह के हमले से अरुण के मुंह से खून बह रहा होता है। तभी जतिन अरुण के पास जाता हैं। और अरुण से पूछता है। "अरुण क्या तुम ठीक हो।" तभी अरुण अपने मुंह से खून थूकते हुए कहता है। "ऐसा लगता है। जैसे मेरे हाथ की सारी हड्डी टूट गई।" फिर जतिन कहता है। 


"तुम्हें अभी आराम करने की सख्त जरूरत है।" फ़िर जतिन अरुण को उठाते हुए एक पेड़ के पास ले जाकर बैठा देता है। तभी विनय अंकित के पास जाकर कहता है। "तो ठीक है। अब मेरी बारी।" इतना कहते के साथ ही विनय भी अपनी wind flame में जलने लग जाता हैं। अंकित विनय को देखते हुए कहता है। "एक और wind flame इसके दोनों साथियों के पास तो बड़ी गजब की flame है। इसके पास कौन सी flame होगी। क्या इसके पास भी wind flame है।" लेकिन तभी विनय अंकित के ऊपर एक जोरदार मुक्का मार देता हैं। अंकित इस हमले से बेखबर अपने ख्यालों में खोया रहता हैं। लेकिन जैसे ही वह मुक्का अंकित की छाती पर लगता है। जिससे अंकित तीन कदम पीछे चला जाता है। अपने ऊपर हुए हमले को देखकर अंकित कहता हैं। "बहुत खूब लेकिन stage-2 पर अभी तक नहीं पहुँचे।" इतना कहकर अंकित अपनी मुट्ठी को भीचता है। और उस मुट्ठी से विनय के ऊपर हमला करता हैं।

जैसे ही वह मुट्ठी विनय को लगती है। विनय 50 मीटर दूर जाकर गिर जाता है। तभी जतिन चिल्लाते हुए विनय से पूछता हैं। "विनय क्या तुम ठीक हो।" जिसके जवाब में विनय कहता है। "हाँ मैं ठीक हूं। बस थोड़ा दर्द हो रहा है।" इतना कहकर विनय दोबारा से उठता है। और अंकित के ऊपर हमला करता है। अंकित विनय को दोबारा से उसको पर हमला करते हुए देख कर कहता है। "ताकतवर तो हो तुम लेकिन मुझ से कम।" इतना कहकर अंकित अपनी मुट्ठी में थोड़ी सी शक्ति इकट्ठा करते हो कि दोबारा से विनय के ऊपर हमला कर देता हैं। जिससे विनय दोबारा से दूर जाकर गिर जाता है। लेकिन अबकी बार विनय उठ नहीं पाता क्योंकि उसके शरीर की सारी शक्ति खत्म हो चुकी थी। फिर विनय जोर लगाकर चिल्लाते हुए कहता है। 


"emperor मुझे भी अरुण के पास ले चलो।" विनय की बात सुनकर जतिन विनय के पास जाता है। और फ़िर विनय को उठाकर अरुण के पास ले जाकर बैठा देता है। फिर जतिन दोनों से कहता है। "तुम यहां बैठ कर आराम करो। तब तक मैं अंकित से लड़ कर आता हूं।" जिस पर विनय कहता है। "emperor तुम्हें यहां पर कौन लेकर आएगा।" जतिन विनय की बात को अनसुना कर अंकित से लड़ना चले जाता है। फिर जतिन अंकित से 10 मीटर की दूरी पर जाकर रुक जाता है। अंकित से कहता है। "अंकित क्या तुम तैयार हो।" जिस पर अंकित कहता है। "हाँ।" फिर जतिन अपनी fire flame को अपने हाथ पर बुलाता है। 

और अंकित की तरफ मुक्का को मार देता है। जिससे अंकित भी अपने मुक्के को जतिन के मुक्के की तरफ बढ़ा देता है। जिससे दोनों के मुट्ठी आपस में टकरा जाती हैं। जिससे वहां पर एक विस्फोट हो जाता हैं। और जतिन वहीं जमीन पर गिर जाता है। फिर अंकित jatin से कहता है। "अपनी पूरी शक्ति का इस्तेमाल करो।" जिस पर जतिन उठते हुए कहता है। "ठीक है। तुम्हारी यह इच्छा भी जरूर पूरी करूंगा।" फिर जतिन अपनी फायर फ्लेम में पूरा जलने लग जाता है। अंकित जतिन की फायर फ्लैम को देखते हुए कहता है। "Aggressive सभी फायर फ्लैम वाले इंसान एक जैसे क्यों रहते हैं। इनका अपने गुस्से पर काबू ही नहीं होता। शायद इसी वजह से fire flame इतनी खतरनाक होती है।"


तभी जतिन अपने मुक्के को ऊपर उठाते हुए कहता है। "Fire Punch" इतना कहने के बाद जतिन अपने मुक्के को अंकित की तरफ बढ़ा देता है। जैसे ही अंकित उस मुक्के से बचने के लिए अपना मुक्का ऊपर उठाता तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जिस कारण वह मुक्का अंकित की छाती पर लगता है। जिससे अंकित पीछे की तरफ गिर जाता है। अंकित जतिन कि इस तरह की ताकत को देखकर हैरान था। फिर अंकित जमीन से उठता है। और अपने छाती को देखता है। उसकी shirt उस मुक्के के कारण पूरी जल चुकी थी। और उसकी छाती के ऊपर एक लाल निशान था। उस निशान को देखते हुए अंकित कहता है। "fire flame सच में बहुत खतरनाक होती है।" फ़िर अंकित अपने मुक्के के ऊपर अपनी sky flame को बुलाता है। 


और जतिन के ऊपर उससे हमला कर देता है। लेकिन जैसे ही अंकित की sky flame जतिन की fire flame के संपर्क में आती है। तो अंकित की sky flame जल जाती है। अपने sky flame को ऐसे जलते हुए देखकर अंकित हैरान हो जाता है। और जतिन से पूछता है। "तुम कौन सी stage पर हो।" जिस पर जतिन कहता है। "मैं अभी stage 1 के level 2 पर हूँ।" फ़िर अंकित कहता है। "मुझे झूठ बोलने वाले बिल्कुल पसंद नहीं है।" इतना कहने के बाद अंकित अपने मक्के की sky flame को बढ़ाकर जतिन के ऊपर मार देता है। जिससे जतिन हवा में उड़ते हुए एक पेड़ से जाकर टकराता है। जिससे वह पेड़ टूट जाता है। अंकित जतिन के ऊपर हमला करने के लिए दोबारा दौड़ता है। 


लेकिन जतिन उठकर उस पेड़ को उठाकर अंकित के ऊपर मार देता है। जिसे अंकित वहीं पर गिर जाता है। और कहता है। "यह तो मैजिकल बीस्ट रेड आई बीयर की super strength है।" अंकित की बात सुनकर जतिन कहता है। "तुमने बिल्कुल सही पहचाना।" तभी अंकित जतिन से पूछता है। "मतलब तुमने उस मैजिकल बिष्ट को मार डाला।" जिसके जवाब में जतिन अपनी गर्दन को हाँ मे हिलाता हैं। फिर अंकित कहता हैं। "तो मुझे तुम अपनी असली ताकत दिखाओ।" इसके जवाब में जतिन कहता है। "इतनी भी जल्दी क्या है। धीरे-धीरे बढ़ाता हूं।" इतना कहकर जतिन अपने मुक्के को दोबारा से अंकित की तरफ फेंक देता है।


जिससे बचने के लिए अंकित अपने sky armor को बुला लेता है। लेकिन तभी जतिन का मुक्का उस sky armor पर लगता है। लेकिन अबकी बार जतिन ने अपने मुक्के में शक्ति की बढ़ोतरी कर रखी थी। जिस कारण जतिन की फायर फ्लैम से उस sky armor पर एक काला निशान पड़ जाता हैं। अपने armor के ऊपर इस तरह के निशान को देखकर अंकित अपनी शक्ति में 50% की बढ़ोतरी करता है। जिससे वह एक नीली आग में जलने लग जाता है। फ़िर वह उसी शक्ति के साथ जतिन के ऊपर एक मुक्का फेक देता है। वह मुक्का जतिन के सीधा छाती में लगता है। रेड आई बीयर की  super protection के साथ भी जतिन की छाती में एक गहरा घाव आ जाता है। लेकिन जतिन को उस घाव से ज्यादा दर्द नहीं होता। क्योंकि जतिन ने इससे भी पहले बहुत ज्यादा दर्द को सहा है। 


लेकिन जतिन जैसे ही उठता है। उसके ऊपर अंकित एक और हमला कर देता है। उस हमले से जतिन दोबारा से जमीन पर गिर जाता है। और उसके मुंह से खून निकलने लग जाता है। अब जतिन को अपनी छाती में दर्द महसूस हो रहा था। लेकिन फ़िर जतिन अपना element armor यानी fire armor बुला लेता है। जतिन का वह फायर armor एकदम काला था। उसके दाएं हाथ के बीच में से थोड़ी आग निकल रही थी। और उसका बाया हाथ कोहनी के ऊपर से आग मे जल रहा था। उसका fire armor उसकी आधी छाती को ढक रहा था। और उसकी छाती की आग armor बाहर तक फैली हुई थी। जो आग जतिन के सिर को भी कवर कर रही थी। जतिन इस fire armor मे एकदम दानव के जैसा लग रहा था।


जतिन के इस तरह का fire armor देखकर अंकित चौक गया था। क्योंकि उसने कभी भी इस तरह का fire armor नहीं देखा था। अंकित इस बात को नजरअंदाज करते हुए जतिन को पर दोबारा से हमला कर देता हूं। अंकित को अपनी तरफ बढ़ता देखकर जतिन को अपने बचाव में कुछ नहीं करता। क्योंकि वह यह देखना चाहता था। कि उसका यह armor इतने खतरनाक हमले को सह सकता है। या नहीं। तभी अंकित का वह मुक्का जतिन के armor से टकराता है। जिससे तो धातुओं के टकराने की आवाज वहां पर जाती गुंज जाती है। लेकिन इस हमले से जतिन दो कदम पीछे खिसक जाता है। अपने armor कि इस तरह की सुरक्षा को देखकर जतिन बहुत खुश होता है। लेकिन दूसरी तरफ अंकित हैरान होता है

। और फिर वह जतिन से पूछता है। "तुम्हारा ये armor एक stage 2 के level 3 के इंसान से तुम्हारी सुरक्षा कैसे कर रहा है।" जिस पर जतिन कहता है। "मुझे नहीं पता।" जतिन की बात सुनकर अंकित कहता है। "ठीक है। तो अब तुम देखोगे मेरी असली शक्ति। बच सको तो बच लेना।" फिर जतिन कहता है। "ठीक है।" विनय और अरुण जतिन के इस लेवल की शक्ति को देखकर हैरान थे। लेकिन उन्हें डर इस बात का था कि कहीं अंकित अपनी 100% शक्ति का इस्तेमाल करके जतिन को कहीं मौत के घाट न उतार दे।