डिफरेंट लव मैरिज राइटर राजेश मालती दुबारा लिखी गई एक न्यू सीरीज है
भाग 1: अजनबियों का मेल
अध्याय 1: वह शाम और वो फैसला
शहर की चकाचौंध से दूर, एक पॉश रेस्टोरेंट के कोने वाली टेबल पर सन्नाटा पसरा हुआ था। बाहर बारिश हो रही थी, और कांच की खिड़की पर गिरती बूंदें अंदर बैठे दो लोगों की बेचैनी को बढ़ा रही थीं।
टेबल के एक तरफ आर्यन बैठा था।
डार्क ब्लू सूट, हाथ में महंगी घड़ी और चेहरे पर एक सख्त अनुशासन। वह शहर का टॉप बिजनेस कंसल्टेंट था, जिसे हर चीज 'परफेक्ट' और 'लॉजिकल' पसंद थी।
उसके ठीक सामने अद्विका बैठी थी
। साधारण सा कुर्ता, बिखरे हुए बाल और आंखों में ढेर सारी उलझन। अद्विका एक फ्रीलांस आर्टिस्ट थी, जो अपनी दुनिया में खोई रहती थी। उसे लॉजिक से ज्यादा भावनाओं पर भरोसा था।
पहली मुलाकात का तनाव
काफी देर की खामोशी के बाद आर्यन ने अपना कॉफी मग नीचे रखा और अद्विका की आंखों में देखते हुए कहा,
"देखो अद्विका, मैं सीधा इंसान हूँ। हमारे परिवार चाहते हैं कि हम शादी करें। उन्हें लगता है कि हमारे बीच 'प्यार' है क्योंकि हम बचपन में एक-दूसरे को जानते थे। पर हकीकत यह है कि हम एक-दूसरे के लिए बिल्कुल अजनबी हैं।"
अद्विका ने अपनी कॉफी में चम्मच घुमाते हुए धीरे से कहा, "मैं जानती हूँ आर्यन। मेरी और तुम्हारी दुनिया में जमीन-आसमान का फर्क है। तुम नंबर्स की बात करते हो और मैं रंगों की। पर माँ की तबीयत... तुम जानते हो न? वो बस मुझे खुश देखना चाहती हैं।"
एक अजीब समझौता
आर्यन ने एक गहरी सांस ली। वह पत्थर दिल नहीं था, बस व्यावहारिक था। उसने अपनी फाइल से एक कागज निकाला और अद्विका की तरफ बढ़ाया।
"यह क्या है?" अद्विका ने चौंककर पूछा।
"यह एक मैरिज कॉन्ट्रैक्ट नहीं है, बल्कि एक अंडरस्टैंडिंग है," आर्यन ने शांति से कहा। "हम शादी करेंगे, सिर्फ दुनिया और परिवार के लिए। हम साथ रहेंगे, लेकिन कोई एक-दूसरे की लाइफ में दखल नहीं देगा। हम कोशिश करेंगे कि हम अच्छे दोस्त बन सकें, लेकिन प्यार... प्यार की उम्मीद मत रखना।"
अद्विका की आंखों में एक पल के लिए चमक आई, फिर वो गायब हो गई। उसने कागज को देखा और फिर आर्यन को।
"तुम्हें लगता है कि दिल के रिश्तों को शर्तों पर चलाया जा सकता है?" अद्विका ने हल्के व्यंग्य के साथ पूछा।
आर्यन मुस्कुराया, "फिलहाल के लिए यही सबसे 'डिफरेंट' रास्ता है, अद्विका। क्या तुम तैयार हो इस 'डिफरेंट लव मैरिज' के लिए?"
अंत की शुरुआत
अद्विका ने पेन उठाया। उसके हाथ थोड़े कांप रहे थे। उसे पता था कि वह एक ऐसी आग से खेल रही है जो या तो उसे जला देगी या उसकी जिंदगी रोशन कर देगी। उसने हस्ताक्षर कर दिए।
बाहर बारिश तेज हो गई थी। बिजली कड़की, जैसे कुदरत इस अजीबोगरीब मिलन पर अपनी मुहर लगा रही हो। यह एक ऐसी शादी की शुरुआत थी जहाँ प्यार का नाम तो था, पर उसका अहसास कहीं गायब था।
अगले अध्याय में: ????
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