तृषा अपने घर की छोटी बेटी है। शुरू से बहुत जिद्दी नक्चड़ी ,आलसी थी। लेकिन अब उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। वो अब हर एक जिम्मेदारी निभा रही है। लेकिन फिर भी फेल हो रही हैं। जब वो छोटी थी तो सारे दिन उल्टी सीधी हरकते करती रहती थी ।खेलती थी । लेकिन अब , अब उसका दिन रसोई की सफाई से शुरू होकर रसोई की सफाई पर ही खत्म हो जाता है । उपर से गलती जो भी करे डॉट हमेशा उसे ही पढ़ती है।
वो सारे दिन हंसने हंसाने वाली लड़की अब सारी रात रोते हुए गुजार देती है लेकिन घर में कोई ऐसा नि है जो उसके आसू देख पाए ।
पहले वो तकिए से खेल के सुकून महसूस करती थी अब वो तूफानों में खुल के सांस नहीं ले पाती।
दम घुटता है खुली हवाओं में भी अंधेरा कमरा अच्छा लगता है अकेलापन सुकून देता है।सब सोचते है कि वो घमंडी हो गई है लेकिन वो अकेली हो गई है ।
वो हस्ती है पर दिल से बिल्कुल भी नहीं सब सोचते है कि वो खुश है पर ये हसी उसके मन को हल करने के बदले ओर भारी कर देती है ।
वो लड़की जो नाचने की शौकीन थी अब डांस शब्द से नफरत करती है जिसे सारे घरवाले पूरे दिन गाने सुनने के लिए फटकारा करते थे अब उसके फोन में जल्दी से गाने भी नि बजते जिस लड़की के बर्ताव को घर में सबसे ज्यादा सराह जाता था अब उसके बर्ताव को घर में घमंड समझा जाता है। जब वो लड़की सच में खुश रहने जानती थीं तब सब उसके साथ रहना पसंद करते थें और अब उसके आस पास भी कोई रहना पसंद नहीं करता
उसके घरवाले सोचते है कि वो गलत लोगों की संगत में जा चुकी है पर वो लोग ये नहीं जानते की उसके पास अब संगत के लिए लोग रहे ही नहीं है
वो छोटी बेटी जो झूठ बोलके घर से बाहर जाती थी अब दोस्तों के बुलाने पर भी जाने के लिए राजी नहीं होती है।
वो छोटी बेटी जो कल तक बिन सोचे लोगों को कुछ भी बोल देती थी और सारे दिन घरवालों की डाट खाया करती थी क्योंकि वो समझदार नहीं थी।अब गलत बात होने पर भी जवाब नहीं दे पाती केवल इसीलिए कि उसके घरवालों को अपनी परवरिश में कमी न लगे क्या ये समझदारी है ??
अगर ये समझदारी है तो भी वो गलत क्यों है ।अब भी उसे नासमझ और बेवकूफ होने के ताने क्यों मिलते है?
सबसे बड़ी बहन बहुत अच्छी थी बहुत समझदार थी तो वो सबके प्यार के काबिल थी सबसे छोटा बेटा भी प्यार के काबिल है क्योंकि वो सबसे छोटा है ।
लेकिन छोटी बेटी अब तो वो सारी जिम्मेदारी निभा रही है न तो फिर क्यों वो अब भी आलसी ओर बुरी समझी जाती है।अब तो वो सब काम कर रही है ना अब तो वो अपने सारे शौक छोड़ चुकी है ना लेकीन अब भी वो अपन परिवार के साथ के काबिल नहीं है । उस छोटी बेटी को भी समझना जरूरी है उसे क्यों समझने की कोशिश नहीं की जाती।