कभी सासू मां के पेन्सन के पैसे हर महीने आ जाते हैं वो सब कुछ अपना करती है और कभी कभी हमारे लिए भी लाती है और जब उनका कुछ पैसे ना मिले तो तुरंत कहते हुए जरा भी संकोच नहीं होता कि यह लो
पैसे यहां रखे थे अब ग़ायब हो गए अरे पता नहीं कुछ।
सासू मां आप भी तो कभी बहू थी क्या आपकी सांस ने ऐसा किया था क्या? बहु हुं मैं कोई चोर नहीं। क्या हुआ जो अगर कुछ पैसे नहीं कमाती।। क्या हुआ जो अगर सुबह से शाम और शाम से रात किचन में रोटी और सब्जी के बीच पड़ी रहती हुं तो क्या हुआ क्या आपके पैसे हमारे पैसे नहीं हैं?कल अगर पैसे मिल भी जाए तो वो बोलेंगी नहीं क्योंकि फिर बेटे के सामने छोटा हो जाएगी
शादी एक अभिशाप क्यों। अंतिम पड़ाव।।
मुझे और कुछ नहीं कहना चाहिए क्योंकि शादी जब एक बार हो गई तो मौत आने तक निभा कर ही जाना है जिसके लिए सब कुछ छोड़ दिया उसने ही तो बोला कि मर जाती तो अच्छा होता।। वाह रे अपने।। इतने पराए क्यों हो जाते हैं जब कभी भी कोई भी पड़ोसी हो या तो कोई भी हम उम्र हो या फिर कोई छोटा हो तो दो बार अगर पत्नी हंस बोल ले तो वो चरित्रहीन हो गई। क्यों?उसको अधिकार नहीं है सुन्दर दिखने का? तारीफ की हकदार नहीं हैं वो? पड़ोसी अगर बोलें कि आप खूबसूरत हो तो ग़लत हो गया।या फिर कभी बोल दे
या फिर बोल भी दे प्यार हो गया है तो क्या हुआ? इसमें गलत क्या है?हो सकता है प्यार।। और अगर उसके दिल में भी कुछ जज़्बात आ जाएं तो क्या हुआ।वो चरित्रहीन हो गई? नहीं वो चरित्रहीन नहीं हो सकती है। सामने वाले को भी पता है कि वो शादीशुदा हैं और उसकी एक ग़लती उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।
फिर दोनों ही सम्हल जातें हैं।
खाली हाथ आएं हैं खाली हाथ जाना है।
फिर पति जब अपनी पत्नी को सबके सामने चरित्रहीन बोल रहा है और फिर रात को भी उसी चरित्रहीन के साथ प्यार भरी बातें करता भी है कोई फर्क नहीं पड़ता हां??
रात को पत्नी चाहिए ही चाहें वो चरित्रहीन ही बोला हो तो क्या पति हुं जो चाहे वो करूं मैं।। क्यों?? क्या हक है?सात फेरे लेने के समय यह चरित्रहीन नहीं थी?? फिर क्या एक दिन जिस तरह दुल्हन बनकर आई थी और फिर चार कन्धों पर ही जाऊंगी वो भी श्मशान घाट।।
मेरी लिखी आर्टिकल को आप लोग ने बहुत सराहा है और आज बस यही तक।।
मेरी इस तथ्य को दिल से मत लिजिए सबका अपना अपना नजरिया हो सकता है मेरा यह मानना है।
हां बिल्कुल किसी किसी के एक ऐसा होता भी होगा तो उस समय उस महिला को चाहिए कि शान्त हो कर उस पर विचार करें और कोशिश करें कि कोई भी छोटा-मोटा काम करते हुए अपने सपनों को साकार करने की कोशिश करें।
और आगे बढ़ते रहे। अपनी इच्छा को कभी भी दबाएं नहीं। किसी को भी मौका नहीं दिजिए कि आपको छोटा कर के चला जाए।
आप सम्पूर्ण है।
सशक्त है।
अभिमानी है।
दस भुजाओं वाली नारी है।
समाप्त।
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