वो जिंदा है - 1 S Sinha द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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वो जिंदा है - 1

   वो जिंदा है     He Is ALIVE 


नोट - यह काल्पनिक कहानी एक ऐसे अपराधी की है जो हत्या कर अपने को मृत घोषित करता है पर  …. 


Part 1 -


लता अपने गाँव के स्कूल में पढ़ती थी  . वह आठवीं कक्षा में पढ़ती थी और पढ़ने लिखने में काफी अच्छी थी  . उसके पिता का देहांत कुछ वर्ष पूर्व सांप के काटने से हो गया था  . लता घर में अपनी माँ सीता देवी और छोटे भाई के साथ रहती थी  . उसका छोटा भाई मुन्ना भी उसी स्कूल में पांचवीं कक्षा में था  . पति की मृत्यु के बावजूद सीता अपनी छोटी सी गृहस्थी में  खुश थी  . उसके पास पैसे ज्यादा नहीं थे फिर भी सीमित आय और संसाधनों में  भी उसका गुजारा अच्छे से हो जाता था  . वह  अपने दोनों बच्चों के उज्जवल भविष्य का सपना देख रही थी .  


लता छोटी उम्र में ही अपनी बहादुरी के लिए गाँव में मशहूर थी  . करीब एक साल पहले एक रात उसके घर में चोर घुस आया था  . वह गठरी में सामान समेट कर भागने ही वाला था कि कुछ आवाज सुन कर  लता की नींद खुल गयी  . उसकी खाट के पास एक डंडा था  . उसने चुपके से चोर के पैर पर डंडे से जोर से वार किया  . चोर छटपटा कर गिर गया  . डंडे की चोट से उसकी  टांग की हड्डी  टूट गयी थी    . फिर भी  वह किसी तरह उठ कर लंगड़ाता हुआ भागने में सफल रहा   . 


 एक दिन मुन्ना को स्कूल के एक लड़के ने एक चिठ्ठी देते हुए कहा “ मुन्ना , इस चिठ्ठी को तुम अपनी किताब में छिपा के रख लो और घर जा कर चुपचाप अपनी बहन को दे देना  . पर इस बारे में  किसी और को नहीं  बताना वरना तुम्हारी अच्छी तरह पिटाई करेंगे हम  . समझ गए न ?  “  


मुन्ना ने  धीरे से हाँ कहा और चिट्ठी को किताब में छुपा कर रख लिया .  मुन्ना ने उसी रात सोने के पहले  वह चिट्ठी लता को दिया  . चिठ्ठी पढ़ने के बाद  लता गुस्से से काँप रही थी  . हालांकि लता की उम्र अभी मात्र 15 साल थी पर इतनी समझ तो आ गयी थी कि उस अश्लील चिट्ठी का मतलब वह समझ सके  . लिखने वाले ने उसे अकेले में गन्ने के खेत में मिलने को बुलाया था .  मुन्ना ने बहन के चेहरे के भाव को  देख कर पूछा “ इस पत्र में क्या लिखा है दीदी , मुझे भी बताओ न ? “  


“ कुछ नहीं मुन्ना , इसमें सिर्फ मेरी पढ़ाई के  बारे में लिखा है . मेरे  होमवर्क के बारे में लिखा है जिसे मैं करना भूल गयी थी  . अब कल सुबह सुबह स्कूल में मुझे डाँट पड़ेगी  . अच्छा  , क्या इस खत को देने वाले का नाम तुम जानते हो  .?  “ 


“ नहीं दीदी ,नाम तो नहीं जानता हूँ पर रोज उस लड़के को  तुम्हारे ही क्लास से निकलते देखता हूँ  . इसका मतलब हुआ कि शायद वह तुम्हारे क्लास का ही कोई छात्र होगा .  “


“ अच्छा क्या तुम्हें याद है कि देखने सुनने में वह कैसा लगता है ? तुम्हें जितना कुछ याद हो मुझे बता दो . मैं उसकी मदद ले कर  अपना होमवर्क पूरा कर लूंगी .  “   


मुन्ने के बताये हुलिए से लता को उस लड़के को पहचानने में देर नहीं लगी  . उसे लगा कि अवश्य  वह लड़का नरेश ही होगा . नरेश की उम्र करीब 18  साल थी और वह पिछले दो साल से उसी क्लास में फेल कर रहा था  . उसका चाचा मोहन उसी स्कूल में चपरासी  का काम करता था  . मोहन खुद एक छँटा हुआ बदमाश था  . वह गाँव में दादागिरी के लिए बदनाम था और साथ ही एक पार्टी के युवा मोर्चे का कार्यकर्त्ता भी  . चाचा की दादागिरी के  दम पर नरेश भी शैतानी करने से बाज नहीं आता था  .    ………….


लता को चुप देख कर मुन्ना बोला “ क्या हुआ दीदी , मुझे भी बताओ न ? “ 


“ मैंने कहा था न कि इसमें तुम्हारे मतलब का कुछ भी नहीं है , अच्छा अब तुम चुपचाप सो जाओ  .   सुबह स्कूल भी जाना है  . “  


अगली सुबह दोनों भाई बहन अपने समय से कुछ पहले ही  स्कूल गए  . लता ने मुन्ने से कहा “ तुम अपने क्लास में जाओ , मुझे  टीचर रूम में जा कर टीचर  से होमवर्क के बारे में कुछ  बात करनी है  . “ 


लता सीधे स्कूल के  हेडमास्टर के रूम में गयी . हेडमास्टर ने जब सुबह सुबह उनके पास  आने का कारण पूछा तब  उसने नरेश की लिखी  चिट्ठी उन्हें सौंप दिया  . चिट्ठी पढ़ कर हेडमास्टर ने गुस्से से कहा “ यह अश्लील पत्र किसने लिखा है , बता सकती हो ? क्या ऐसा पत्र उस लड़के ने तुम्हें पहले भी कभी लिखा है ?   “


“  सर , मेरे छोटे भाई ने यह पत्र मुझे कल दिया है  . इस प्रकार का पत्र पहली बार मुझे मिला है . मैं  सौ फीसदी निश्चित नहीं पर उसके दिए हुलिए के अनुसार  मुझे नरेश पर शक है बल्कि शक से ज्यादा विश्वास है कि यह काम उसी का है  . मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरा संदेह गलत नहीं होगा . फिर भी आप स्वयं इसकी जांच करा लें , सर .  “  


“ ठीक है तुम अपनी कक्षा में जाओ और अपने  क्लास टीचर को मेरे पास भेज देना  . पर फिलहाल इस पत्र की चर्चा और किसी से नहीं करना . मैं जल्द ही पता लगा कर रहूंगा कि वह  उद्दंड लड़का कौन है .  “   


लता ने क्लास में जा कर अपने टीचर को हेडमास्टर का संदेश दे दिया  . टीचर ने कहा “ अच्छा मैं पीरियड खत्म होने पर उनसे मिल लूँगा , तुम अपनी जगह पर जा कर बैठ जाओ और आज के विषय की किताब निकालो .  . “ 


जब अपना क्लास खत्म कर जब क्लास टीचर जा कर हेडमास्टर से मिला तब उन्होंने लता की चिट्ठी उसे पढ़ने को दिया  . फिर उन्होंने पूछा “  इसे लिखने वाला आपके क्लास का छात्र है  . क्या उस लड़के की हैंडराइटिंग आप पहचानते हैं ? “ 


“ सर ,  निश्चित तौर पर तो नहीं कह सकता हूँ , पर नरेश की लिखावट से यह काफी मिलती जुलती है  . “ 


“ आप एक काम करें  . नरेश को यहां बुलाएं और इस पत्र में जितने ऐसे शब्द  , जो अश्लील न हों  , उन्हें  हम दोनों के सामने यहीं मेरे  ऑफिस में नरेश को लिखने को कहें  . “  


जब नरेश आया तब हेडमास्टर ने कहा “ नरेश , मैंने सुना  है कि तुम्हारी लिखावट बहुत ख़राब है .  तुम्हारे टीचर ने भी अभी यही कहा है  . क्या तुम इस साल भी पास नहीं करना चाहते हो ? “  


“ सर , मेरी लिखावट थोड़ी ख़राब तो जरूर है पर टीचर उसे आसानी से पढ़ सकते हैं  . “ 


“ अच्छा हम अभी टेस्ट ले कर देख लेते हैं .  मेरे सामने तुम्हारे टीचर एक डिक्टेशन देंगे  . अगर उसमें तुम पास कर गए तब इस साल तुम्हें प्रमोट कर दिया जायेगा  . “ 


“ ठीक है सर , मैं पूरी कोशिश करूंगा बेहतर करने के लिए  . “ 


हेडमास्टर के कमरे का दरवाजा बंद कर दिया गया  . टीचर नरेश को डिक्टेशन दे रहा था  और वह लिख रहा था  . थोड़ी देर बाद डिक्टेशन खत्म हुआ  . नरेश का पेपर ले कर हेडमास्टर और क्लास टीचर दोनों ने गौर के पढ़ा  . फिर हेडमास्टर बोले “ वाकई , तुम्हारी लिखावट उतनी ख़राब नहीं है  . अब जरा  इस पत्र को पढ़ो तो ,क्या लिखा है इसमें ? “   लता को लिखी चिट्ठी नरेश को देते हुए उन्होंने कहा 


चिट्ठी देखते ही नरेश के  चेहरे का रंग फीका पड़ गया  . हेडमास्टर ने चिल्ला कर कहा “  मैं जानता था कि यह चिट्ठी तुमने ही लिखी है , है  न ? “ 


नरेश की जबान लड़खड़ा रही थी , वह डर से काँप उठा  और कुछ बोल नहीं पा रहा था  . पहले तो उसने स्वीकार नहीं किया पर जब  हेडमास्टर ने धमकी दे कर कहा “ जब पुलिस के डंडे पड़ेंगे तब तुम सब सच अपने आप उगल दोगे   . “  फिर उन्होंने क्लास टीचर से कहा “ आप पुलिस को फोन कर दारोगा को यहाँ  बुलाएं  . आगे की पूछताछ वही करेंगे . “   


पुलिस का नाम सुनते ही नरेश के पसीने छूटने लगे , उसने अपनी गलती मान ली और इसके लिए गिड़गिड़ाते हुए  क्षमा याचना की  . हेडमास्टर ने कहा “ जब गलत काम किये हो तब तुम्हें गलती की सजा भी अवश्य मिलेगी  . अगर यूँ ही छोड़ दिया जाय तब तुम्हारी गुस्ताखी और बढ़ जाएगी  . मैं स्कूल का अनुशासन नहीं बिगड़ने दूंगा  .  एक साल के लिए तत्काल तुम्हारा नाम स्कूल से काट दिया जायेगा  . “   


क्रमशः