Devil, You Are Mine - 3 Miss Anonymous द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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Devil, You Are Mine - 3

बाहर जाते हुए दादी मन में- ये उल्लू का पठ्ठा पूरी तरह से अपनी उस मां पर ही गया है क्या कुछ गुण मेरे हर्ष के नहीं ले सकता था..? मगर नहीं। अब रोक न बेटा वरना मेरे इतने डायलोग वेस्ट हो जाएंगे.....सोचते हुए वो आगे बढ रही थी कि पिछे से ईशान बोला- रूकिए दादी मां...!

दादी के होंठों पर मुस्कान आ गई जिसे छिपाते हुए वो पिछे मुड़ी और बोली- क्यों रूकुं..? तुझे क्या मेरी या ,मेरी बातों की कद्र है? पिछले नौ साल से हम सब वहां इंतजार कर रहे हैं मगर तूने तो हम सबसे रिश्ते नाते तोड़ लिया है। तूने बहुत हर्ट की बेटा बहुत हर्ट कहकर अपने आंसुओं को साफ करने की एक्टिंग की और जैसे ही मुड़ने लगी ईशान बोला- मैं चलुंगा मगर आपको दो दिन का वेट करना होगा।

दादी अपनी खुशी को दबाते हुए सर हिलाई और सोफे पर बैठ गई। ईशान फिर वहां से अपने स्टडी रूम में चला गया और दादी को सर्वेंट के साथ उनके कमरे में भेज दिया।

कपूर विला,
       
सिटि बजाते हुए श्रुति निचे आई तो हॉल में कुछ मेहमान मैजूद थे जिनकी पिठ उसके तरफ़ थी। श्रुति ने उनपर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया और किचन की ओर जाने लगी तभी सोफे पर से एक आवाज आई - हे बन्नी..🐇

श्रुति हैरानी से पिछे मुड़ी तो एक हैंडसम सा लड़का सोफे के पास खड़ा था। श्रुति हैरानी से उसे देखी और भाग कर उसके गले लग गई।उस लड़के ने भी उसे कसकर गले लगा लिया। काफी देर तक जब दोनों अलग नहीं हुए तो किसी ने गला साफ करने की आवाज की ।

श्रुति ने मुड़कर देखा की ये आवाज़ किसने की है तो वो जल्दी से उस लड़के को छोड़कर सोफे पर बैठे मिडल एजेड कपल के पास गई और उनके सामने रखे सेंटर टेबल पर आल्थी- पाल्थी मारकर बैठ गई।

एक हाथ अपने चेहरे पर टिकाकर उन्हें देखने लगी। वो दोनों भी उसे देखने लगे। श्रुति अपना गला साफ करते हुए बोली- मॉम-डैड..वो एक्टुअली...बात ये है कि....

वो आदमी अपना हाथ दिखाकर उसे रोकते हुए- आपको सफ़ाई देने की जरूरत नहीं है आखिर हम लगते ही क्या हैं आपके जो आप हमें कुछ बताएंगी?

श्रुति उस औरत से- मॉम कम से कम आप तो समझाइए

वो औरत भी अपना मुंह फेर लेती है तो हेल्प के लिए श्रुति उस लड़के को देखी और बोली- अद्वैत आप तो मेरी मदद करो।

अद्वैत  सोफे पर बैठते हुए- अब भला हम इसमें क्या करें? सारी तुम्हारी ग़लती है, तुमने यूनिवर्सिटी टॉप किया है ये बात क्यों नहीं बताई?

श्रुति अपने सर पर हाथ मारकर- ऐ लो खोदा पहाड़ निकली चुहिया..!

फिर उस कप्ल को देखकर- मॉम - डैड मैंने आप दोनों को फोन किया था मगर आपने फोन नहीं उठाया तो फिर मैंने मैसेज ड्रॉप कर दिया।आप चेक कर लो... दोनों जल्दी से फ़ोन चेक करते हैं तो वहां वाकई में एक अनोन नंबर से कॉल और मैसेज था।

वो औरत उसके कान खिंचते हुए बोली- एक साल में कितने नंबर बदलती है? अभी कल रात ही तो दूसरे नंबर से कॉल किया था।

श्रुति नौटंकी करते हुए बोली- मॉम छोड़ोना दर्द हो रहा है। वो औरत जल्दी से उसका कान छोड़ देती है और कान सहलाते हुए बोली- ज्यादा दर्द हो रहा है क्या?

श्रुति ने में सर हिलाती है। तभी उछलते- कुदते हुए राशि सिढियों से निचे आती है। उसने एक पर्पल कलर का स्लीवलेस कुर्ती और लेगिंग पहना हुआ था और जल्दी-जल्दी कुदते हुए सिढियां उतर रही थी।तो आखीर की तिसरी सिढी पर पहुंचते ही उसका ध्यान वहां बैठे लोगों पर गया और वो लड़खड़ा गई।

अरे संभल कर...एक साथ चार आवाजें हॉल में सुनाई थी। सिढियो के निचे बैठी राशि ने‌ बेचारा सा चेहरा बनाकर सबको देखी। तबतक सभी उसके पास आ गए थे सिवाए अद्वैत के जो की इस बात से लिस्ट बोद्रद (least bortherd) लग रहा था।

श्रुति,वो मिडिल एजेड कपल और सरस्वती जी सब आकर उसे चेक करने लगे मगर राशि की नज़रें कहीं और थी। राशि उठने की कोशिश करते हुए बोली- कुछ नहीं हुआ मम्मी, अंकल- आंटी हम ठीक हैं, मगर ये कहते ही वो वापस गिर गई।

श्रुति जल्दी से उसके पैर को हाथ में लेकर बोली- लगता है हल्की सी मोच आ गई है। फिर सोफे पर बैठे अद्वैत को देखकर बोली- आदि आपको तो छोटे- मोटे चोट ठीक करने आते हैं न? प्लिज क्या आप राशि की हेल्प करेंगे?

अद्वैत अपना नाम सुनकर जितना शॉक्ड था उससे कहीं ज्यादा श्रुति की बात सुनकर शॉक्ड था।

वो बोला- हम...? नहीं...हम नहीं।

श्रुति- मॉम आप ही अपने बेटे को बोलो न...! कोई कुछ कहता तभी राशि उठते हुए बोली- नहीं इसकी कोई जरूरत नहीं है कहते हुए एक बार फिर धड़ाम से गिर गई।

वो औरत गुस्से से बोली- अद्वैत....ये क्या हरकत है। क्या आपको राशि की हेल्प करने कोई दिक्कत है? 

अद्वैत सोफे से उठकर सिढियो के पास आया और झुककर राशि के पास बैठकर उसका पैर देखने लगा।राशि पैर पिछे करने की कोशिश करती है तो अद्वैत जोर से स्प्रेन वाली जगह दबा दिया जिससे उसके होंठों से एक दर्द भरी सिसकी निकल गई।

बाकी सब चिंता से उसे देखने लगे तो अद्वैत बोला- Nothing to worry...बस हल्की सी मोच है। मुझे दस मिनट लगेगा... लेकिन इसमें मिस कपूर को दर्द होगा और हमें डर है की शायद आप सब ये देख नहीं पाएंगे..!

श्रुति टपाक से- ठीक है आदि आप इसे इसके कमरे में ले जाओ तबतक मैं गर्म पानी और स्प्रे लेकर आती हूं।

अद्वैत सबको अप्रूवल के लिए देखा तो सब ने सहमति में सर हिलाया। 

मगर राशि बोली- नहीं इसकी कोई जरूरत नहीं है हम अपने ठीक..आ..... अपनी बात कहते हुए वो जोर से चिल्लाई जब उसे एहसास हुआ कि अद्वैत ने उसे गोद में उठा लिया है। उसने जल्दी से अद्वैत के शर्ट का कॉलर पकड़ लिया और हैरानी से उसे देखने लगी।

उसने सर घूमाकर बाकी सबको देखा जो मुडकर सोफे की तरफ बढ़ गए थे और अद्वैत उसे लेकर ‌ऊपर की ओर बढ़ गया। सबकी नजरों से दूर आते ही राशि मचलते हुए बोली- अद्वैत छोड़िए हमें... उतारिए निचे.. हमें आपकी हेल्प नहीं चाहिए....हम खुद से चल सकतें हैं। छोड़िए हमें.... अद्वैत हमें निचे उतारिए।

अद्वैत उसे और कसकर पकड़ कर चिढ़ते हुए बोला - हमें भी आपकी हेल्प करने में कोई इंटरेस्ट नहीं है।वो तो बस बनी और बाकी सब ने कहा था इसलिए।

राशि चिढ़ते हुए- लेकिन अब यहां कोई नहीं है तो आप हमें उतार सकते हैं। मगर अद्वैत कोई जवाब नहीं देता और राशि के कमरे की ओर जाने लगा तो राशि उसके सिने पर मारते हुए उतरने के लिए और मचलने लगी।

राशि अपने कोशिशों में लगी थी की उसके कानों में अद्वैत की ठंडी आवाज पड़ी- राशि अगर आप शांत नहीं हुई तो हम आपको किस कर लेंगे।

राशि एकदम से मानों स्टैचू हो गई हो... और अद्वैत को आंखें फाड़कर देखने लगी मगर इसके बाद उसने जरा सा भी हिलने की कोशिश नहीं की... क्योंकि उसको पता था वो ऐसा कर सकता है। उसे किसी का डर नहीं था और जिसका था वो सात समंदर पार था।

To be continued.....

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