मस्ती का तूफान Md Siddiqui द्वारा नाटक में हिंदी पीडीएफ

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मस्ती का तूफान

तीन बचपन के दोस्त—इब्रार, अली और पप्पू—सालों बाद मिलते हैं और कसम खाते हैं कि इस बार जिंदगी में थोड़ी मस्ती करेंगे, लेकिन जैसे ही प्लान बनाते हैं मुसीबत खुद चलकर उनके पास आ जाती है और हर कदम पर ऐसी गड़बड़ी होती है कि हंसते-हंसते पेट दर्द हो जाए।
इब्रार एक सीधा-सादा लेकिन तेज दिमाग वाला लड़का है जो हर बार प्लान तो बड़ा बनाता है मगर किस्मत ऐसी कि हर प्लान उल्टा पड़ जाता है और दोस्त उसी को दोष देते रहते हैं।
अली थोड़ा रोमांटिक टाइप का है जो हर सुंदर लड़की को देखकर शायर बन जाता है, लेकिन उसकी हालत ऐसी है कि लड़की की जगह अक्सर उसके भाई या पति से ही सामना हो जाता है।
पप्पू सबसे बड़ा फेंकू है जो हर समय अपनी झूठी शान बघारता रहता है कि उसने कॉलेज में 20 लड़कियों को पटाया था, जबकि सच्चाई यह है कि उसे आज तक किसी ने भाव ही नहीं दिया।
एक दिन तीनों दोस्त तय करते हैं कि जिंदगी बहुत सीरियस हो गई है इसलिए एक दिन पूरा मस्ती वाला बिताया जाएगा न कोई डर, न कोई टेंशन।
प्लान बनता है कि शहर जाकर थोड़ा घूमना-फिरना, फिल्म देखना और थोड़ा रोमांस करना है ताकि जिंदगी में फिर से जवानी लौट आए।
लेकिन जैसे ही तीनों शहर पहुँचते हैं, पहली ही जगह पुलिस उन्हें चोर समझकर पकड़ लेती है क्योंकि पप्पू ने गलती से किसी और की बाइक उठा ली होती है।
किसी तरह इब्रार अपनी चालाकी से पुलिस को समझाकर मामला संभालता है और तीनों भागते-भागते वहां से निकलते हैं।
भागते-भागते अली एक लड़की से टकरा जाता है और तुरंत उसे पहली नजर का प्यार हो जाता है।
अली लड़की के पीछे-पीछे जाता है लेकिन पता चलता है कि वह लड़की शहर के सबसे खतरनाक गुंडे की बहन है।
अब गुंडा तीनों दोस्तों के पीछे पड़ जाता है और पूरे शहर में उनकी ऐसी दौड़ लगती है कि लोग तमाशा देखने लगते हैं।
पप्पू डर के मारे कहता है कि भाई मैंने तो कहा था घर बैठकर टीवी देखते हैं, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी होती है।
तीनों किसी तरह एक होटल में छिप जाते हैं लेकिन वहां भी गड़बड़ हो जाती है क्योंकि होटल में उसी गुंडे की सगाई की पार्टी चल रही होती है।
तीनों वेटर बनकर भीड़ में छिपने की कोशिश करते हैं लेकिन पप्पू की हरकतें उन्हें बार-बार मुसीबत में डाल देती हैं।
इब्रार समझदारी दिखाकर हालात संभालने की कोशिश करता है लेकिन हर बार पप्पू कुछ ऐसा कर देता है कि सब गड़बड़ हो जाता है।
अली बार-बार उसी लड़की को देखकर मुस्कुराता रहता है और आखिरकार लड़की भी उसकी मासूमियत पर हंसने लगती है।
उधर गुंडे को शक हो जाता है कि ये तीनों वही लड़के हैं जो उससे भाग रहे थे।
अब होटल में ऐसी भगदड़ मचती है कि मेहमान, वेटर और गुंडे सब एक दूसरे के पीछे दौड़ने लगते हैं।
भागते-भागते तीनों दोस्त गलती से स्टेज पर पहुँच जाते हैं जहां डांस चल रहा होता है और जान बचाने के लिए उन्हें डांस करना पड़ता है।
पूरा हॉल हंस-हंसकर पागल हो जाता है क्योंकि उनका डांस इतना अजीब होता है कि लोग समझते हैं यह कॉमेडी शो है।
मौका देखकर तीनों वहां से भाग जाते हैं लेकिन बाहर निकलते ही फिर वही गुंडा सामने खड़ा मिल जाता है।
तभी अचानक लड़की अपने भाई को समझाती है कि ये लोग बुरे नहीं बल्कि बहुत मजेदार और मासूम हैं।
गुंडा भी उनकी हालत देखकर हंस पड़ता है और आखिर में उन्हें छोड़ देता है।
दिन भर की इस भागदौड़ और मस्ती के बाद तीनों दोस्त थके हुए पार्क में बैठते हैं और सोचते हैं कि आज का दिन जिंदगी का सबसे पागल और यादगार दिन था।
इब्रार हंसते हुए कहता है कि मस्ती करने निकले थे, लेकिन जिंदगी ने ही हमारे साथ मस्ती कर दी।
तीनों दोस्त जोर-जोर से हंसते हैं और फैसला करते हैं कि चाहे जिंदगी कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, दोस्ती और हंसी हमेशा साथ रहनी चाहिए।
और इस तरह उनकी मस्ती भरी कहानी खत्म होती है लेकिन उनकी दोस्ती और पागलपन हमेशा जारी रहता है।