मंडप, सजावट वही – लाल-सुनहरे फूल, सुनहरी रस्में, शहनाई की हल्की धुन।
Shristi की आँखों में आशा की झलक आई जैसे ही उसने उस लड़के को देखा। और वो तुरंत उस लड़के की तरफ दौड़ पड़ी उसके पैरों से ताकत निकल गई और वह सीधे उस लड़के के सीने से चिपक गई।
Shristi (foot-foot रोते हुए, काँपती हुई) बोली -
कबीर जी… मुझे… मुझे बचाइए…ये...ये दरिंदा मुझसे शादी कर रहा है।
Shristi का सिर उस लड़के के सीने से लगा हुआ था। उसकी सिसकियों में दर्द और राहत दोनों झलक रहे थे।
Kabir Pratap Singh
Kabir ने ठंडी, पर गहरी आवाज़ में कहा। उसके शब्दों में गुस्सा, ताकत और authority थी।
Kabir (गुस्से में, धमकाते हुए) बोला -
तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई… मेरी बीबी को हाथ भी लगाने की?
Groom का चेहरा धीरे-धीरे बदल रहा था – पहले जो जहर और धौंस थी, वह अब डर में बदल रही थी।
Shristi अब Kabir के सीने से चिपकी हुई थी। उसके आंसू रुक नहीं रहे थे। Kabir ने धीरे-धीरे अपना हाथ उसके कंधे पर रखा, उसे धीरे से सहलाया।
Kabir (धीमे स्वर में Shristi से) बोला -
चुप हो जाओ… सब ठीक हो जाएगा। अब कोई तुम्हें नुकसान नहीं पहुंचाएगा। मैं हूं ना।
Pandit जी भी मंत्र पढ़ते हुए थम गए। Shristi के माता-पिता आश्चर्य और राहत से Kabir की ओर देख रहे थे। Groom डर और गुस्से में अपने कदम पीछे हटा रहा था।
Kabir की नजरें Groom पर ठहर गईं। उसकी आंखों में आग थी। उसका शरीर लंबा, चौड़ा और ताकतवर था। उसकी हाव-भाव ने पूरे मंडप को सन्न कर दिया।
Kabir (गुस्से में, गंभीर स्वर में) बोला -
अगर इस आदमी ने मेरी बीबी को एक और कदम भी नुकसान पहुँचाने की कोशिश की… तो उसके अंजाम बहुत बुरे होंगे।
Shristi अब धीरे-धीरे Kabir की बाहों में चैन महसूस कर रही थी। उसकी सिसकियाँ कम हुईं, लेकिन आंखों में डर अभी भी झलक रहा था। Groom का चेहरा लाल हो गया था। उसकी आंखों में गुस्सा और हिम्मत की झलक थी। वह Kabir की ओर तेज़ी से बढ़ा, जैसे हमला करने वाला हो।
Groom (गुस्से में, दहाड़ता हुआ) बोला -
तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई… मुझे रोकने की!
Kabir ने तुरंत Shristi को अपनी एक बाहों में कसकर थाम लिया। उसकी दूसरी हाथ से उसने Groom को सीधे पकड़ लिया।
Kabir (ठंडी और authoritative आवाज़ में) बोला -
मेरी बीबी को छूने की हिम्मत मत करना।
Kabir ने अपने हाथ की ताकत का इस्तेमाल किया और Groom को ज़मीन पर गिरा दिया। Groom के कुछ साथी गूंडे मंडप में आगे बढ़े। Kabir ने तुरंत अपनी आँखों से अपने बॉडीगार्ड्स को इशारा किया।
Kabir (आदेश देते हुए अपने बॉडीगार्ड्स को) बोला -
इन्हें काबू में करो… लेकिन बिना ज्यादा नुकसान के।
कुछ ही देर में Kabir के बॉडीगार्ड्स ने गूंडों को नियंत्रित किया और जमीन पर गिरा दिया। मंडप अब पूरी तरह शांत हो गया।
Shristi अब भी कांप रही थी। उसके हाथ, पैर और दिल में डर था, लेकिन Kabir के पास आने के बाद उसे थोड़ी राहत मिली थी।
Shristi (धीमे स्वर में, कांपते हुए) बोली -
आप… आप ने मुझे बचाया कबीर जी…
Kabir (धीमे, protective tone में) बोला -
बस चुप रहो… मैं यहाँ हूँ। अब कोई तुम्हें नुकसान नहीं पहुँचा सकता।
Shristi अब Kabir की बाहों में धीरे-धीरे चैन महसूस करने लगी। उसकी सिसकियाँ कम होने लगीं, लेकिन आंखों में अभी भी डर था। Mandap में अब शांति थी। Groom और उसके गूंडे गिर गए थे। Kabir ने तुरंत अपने बॉडीगार्ड्स को इशारा किया।
Kabir (आदेश देते हुए) बोला -
इनको संभालो और मेरी बीबी के माता-पिता को सुरक्षित बाहर निकालो।
Kabir के बॉडीगार्ड्स तुरंत Shristi के माता-पिता को लेकर मंडप से बाहर आए। माता-पिता के चेहरे पर राहत थी, पर अभी भी डर का असर था। Kabir धीरे से Shristi को अपनी गोद में उठा लेता है। Shristi ने उसके कंधे पर सिर रखा और कांपती रही।
Shristi (धीमे, कांपते हुए) बोली -
कहाँ… कहाँ ले जा रहे हो आप मुझे?
Kabir (protective tone में, गंभीर आँखों से) बोला -
घर! जहाँ तुम सुरक्षित रह सको। अब कोई तुम्हें नुकसान नहीं पहुँचा सकता।
Kabir ने Shristi को गाड़ी में बैठाया और खुद ड्राइवर की सीट के पास खड़ा होकर सुनिश्चित किया कि सब सुरक्षित है। गाड़ी धीरे-धीरे चल पड़ी। Shristi ने Kabir की गोद की गर्माहट और सुरक्षा महसूस की। आंसू धीरे-धीरे थम रहे थे, पर उसका दिल अब भी डर और शॉक में था।
Shristi (भीतर से, सोचते हुए) बोली -
ये… यहां क्यों ? आ गए… ऐसा लग रहा है खाई से निकलकर कुएं में गिर गई…।
जिस इंसान...से बचकर भागी थी....वो फिर से पास आ गया...।
To Be Continued…
Kabir और Shristi का पहले से क्या रिश्ता था?
Kabir ने Groom और उसके गूंडों को इतनी आसानी से क्यों हराया? क्या उसकी कोई hidden ताकत या पिछली कहानी है?
Shristi अब Kabir के साथ कार में जा रही है, लेकिन आगे क्या होगा?
Groom और उसके गूंडे आगे क्या करेंगे? क्या वे बदला लेने आएंगे?
Kabir और Shristi का रिश्ता अब कैसे आगे बढ़ेगा – सिर्फ protector और protected, या कुछ और?
सृष्टि पहले कबीर से बचकर क्यों भागी थी?