इंतेक़ाम - भाग 41 Mamta Meena द्वारा महिला विशेष में हिंदी पीडीएफ

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इंतेक़ाम - भाग 41

निशा अब अधिकतर बीमार रहने लगी थी उसे हमेशा थकान और कमजोरी महसूस होती कभी कभी तो उसे ऐसा लगता है जैसे वह चक्कर खाकर गिर न वाली हो,,,,

उसने डॉक्टर को दिखाया तो पूरी जांच कराने के बाद निशा को पता चला कि उसकी दोनों किडनी डैमेज हो चुकी है,,,,

यह सुनकर निशा हताश नहीं हुई बलिक उसने हिम्मत से काम लिया और वह अपना इलाज कराती रही, उसने यह बात किसी को नहीं बताई,,,,

धीरे-धीरे दिन गुजरने लगे और 1 दिन ऑफिस में निशा बेहोश होकर गिर गई उसे ऐसे गिरते देख कर सुनील दत्त और संगीता ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया तो उन लोगों को असलियत का पता चला डॉक्टर ने बताया कि निशा की हालत काफी खराब है अगर जल्दी से इसे किडनी डोनेट नहीं की गई तो इसकी जान बचाना मुश्किल है,,,,,

यह सुनकर सुनील दत्त और संगीता दोनों घबरा गए तब सुनील दत्त ने कहा कि डॉक्टर साहब आप चाहे जो करो लेकिन मेरी बहन को कुछ नहीं होना चाहिए आप पैसों की चिंता मत करो लेकिन लाख कोशिश करने पर भी उन्हें कहीं भी ऐसे किडनी नहीं मिली जिसे को डोनेट कर डॉक्टर निशा की जान बचा सके,,,,,

धीरे-धीरे निशा की हालत बिगड़ती जा रही थी अब उन लोगों को निराशा होने लगी तो संगीता ने फोन कर सारी बात विजय को बता दी,,,,,

निशा अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत इतनी सीरियस  सुनकर विजय काफी घबरा गया था,,,,

उसकी मां ने पूछा क्या हुआ बेटा तो विजय ने कहा मां निशा की हालत खराब है उसकी तबीयत ठीक नहीं है मां मैं अस्पताल जा रहा हूं आप बच्चों का ख्याल रखना और उनके पास चली जाना,,,,,,

तब उसकी मां कुछ कहती उससे पहले ही विजय वहां से पागलों की तरह दौड़ता हुआ अस्पताल आ गया, वह निशा की ऐसी हालत देखकर अपने आप पर काबू नहीं रख पाया और निशा का हाथ पकड़कर फूट-फूटकर रो पड़ा,,,,,

निशा अभी बेहोशी की हालत में थी, तब कुछ सोचकर विजय ने फैसला लिया कि बह अपनी एक किडनी निशा को देगा चाहे उसकी जान चली जाए लेकिन उसकी निशा को कुछ नहीं होना चाहिए,,,,,

उसके फैसले के आगे सुनील दत्त और संगीता भी कुछ नहीं बोल पाई, शायद उन्हें भी उस समय यही सब ठीक लगा होगा,,,,


फिर कुछ कागजी कार्रवाई के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन के द्वारा विजय की एक किडनी निशा को डोनेट कर दी किडनी डोनेट करने के बाद निशा की हालत में धीरे-धीरे सुधार आने लगा,,,,,

लगभग ऑपरेशन के 5 घंटे बाद निशा को होश आया वही विजय को भी इतनी देर में होश आया था,,,,

सुनील दत्त और शन्नो के कहने पर वह दूसरे कमरे में था लेकिन सुनील दत्त और संगीता ने कुछ सोचकर निशा के पास गए,,,,,

तब निशा बोली मैं यहां,,,,,

तब सुनील दत्त ने कहा तुम बेहोश होकर गिर गई थी, फिर संगीता नाराज होते हुए बोली कि तुम हमें अपना कुछ समझती नहीं अगर अपना समझती तो हमें सारी बातें बता दी कि तुम्हारी तबीयत कैसी है,,,,,

यह सुनकर निशा संगीता का हाथ अपने हाथों में ले कर बोली मुझे माफ कर दो मेरी बहन मैं तुम सबको यह बता कर परेशान नहीं करना चाहती थी,,,,

तब सुनील दत्त बोले निशा तुम मेरी बहन हो और मेरी जिम्मेदारी बनती है तुम्हारा हर तरह से ख्याल रखना अगर तुम्हें कुछ हो जाता तो तुम्हें पता है कि तुम्हारे बच्चों का हमारा सब का क्या हाल होता यह कहते हुए उसकी आंखों में आंसू आ गए,,,,, 

यह सुनकर निशा बोली मुझे माफ कर दो भैया,,,,

तब आगे निशा कुछ कहती तभी संगीता बोल पड़ी बस निशा अब आगे कुछ मत कहो डॉक्टर ने तुम्हें ज्यादा बोलने से मना किया है,,,,,

यह सुनकर निशा बोली लेकिन मेरी तो दोनों किडनी डैमेज थी फिर मुझे किडनी डोनेट,,,,,

यह सुनकर सुनील दत्त और संगीता एक दूसरे की तरफ देखने लगे,,,,

तब संगीता बोली सब पता चल जाएगा पहले आराम करो, यह कहकर वे दोनों उसे आराम करने की बोल कर बाहर चले गए,,,,