मंजिल - पथक और राही - 3 Muskurahat द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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मंजिल - पथक और राही - 3

कहानी के पहलु, कभी हस्ते हुए कभी रोते हुए, अभी तो हसी का माहोल, अभी गम डूबा हुआ संसार, पर कहानियां कभी खत्म नहीं होती, किरदार आते जुड़ते है कहानियों में, और लंबी सी कहानी बनती जाती है, इसी लड़ी का...

                             तीसरा भाग

" तुम न हस्ते हुए बड़े ही प्यारे लगते हो..
जितना तुम्हे देखती हु मेरी चाहत और बढ़ जाती है,
मेरा प्यार और गहरा होता जाता है,
पता नही क्या खासियत है तुजमे,
के तुमसे नजरे हटती ही नहीं,
ये दिल का हाल क्या ही बयां करू,
मेरे दिल की हर धड़कन में तुम बसे हुए हो,
तुम न हस्ते रहा करो, बड़े प्यारे लगते हो...
सच.... "
बस हसी खुशी का माहोल था, सब कुछ ठीक था,
सब अपनी मस्ती में थे, तभी...

पथक: राही, राही कहा हो तुम ? राही सब wait कर रहे है,
चलो आगे का क्या करना है, सब पूछ रहे है,
राही कहा हो तुम ??
राही कहा चली गई कही मिल नही रही,
सभी उसको ढूंढते है, घर के अंदर बाहर हर जगह उसको फोन भी लगाया लेकिन राही अपना फोन तो यही छोड़ गई है,
आहना राही मिली ,? नही नही मिली 

कहा चली गई राही, सभी उसको ढूंढने में लग जाते है,
अरे पर अभी तो यही थी, कहा चली गई राही, 
राही, राही, राही......
आखिर कहा गई राही?, किसको बिना बताए, कही खुद से गई अगर गई है तो क्यू गई है, और अगर नही तो फिर कोई और बात है,? आखिर कहा जा सकती है, राही .... पथक को राही मिलेगी, या फिर नही, 
               
आहना राही मिली ,? नही नही मिली 
कहा चली गई राही, सभी उसको ढूंढने में लग जाते है,

अरे पर अभी तो यही थी, कहा चली गई राही, 
राही, राही, राही......

पथक मायूस हो जाता है, वो समझ ही नही पता है, के आखिर हुआ क्या?
तभी उसे वो लिफाफा याद आता है, जो राही ने खुद अपने हाथों से पथक के लिए बनाया है,
वो भागता है और लिफाफा लेकर अपने रूम में चला जाता है,

नीचे सब पथक का वेट कर रहे होते है, but सबको यही लग रहा था की पथक अब ये पार्टी नही करेगा,

तब एक स्पोर्टलाइट उपरकी तरफ होती है,
और सब ऊपर की तरफ देखते है और क्या देखते है? 
पथक बिलकुल उसी अंदाज में जैसे वो हमेशा से रहता था हैपनिंग खुश सा बिलकुल एक दम डैशिंग लग रहा था,
ब्लैक सूट उसपर ब्लेजर काफी हैंडसम लग रहा था, सभी उसको देख के दंग रह गए, और पार्टी के माहौल को जमाने के लिए म्यूजिशियन को म्यूजिक बजाने को बोला, सारे पार्टी सोंग्स बजाए,
खुद भी डांस किया और बाकी सबको भी उस डांस में शामिल किया...

सब हैरान हो गए के कुछ देर पहले राही, का नाम लेकर पूरे घर में ढूंढ रहा था अचानक ऐसा क्या हो गया? के वो इसे तैयार हो कर आया है.. 

आखिर उस खत को ले जाने के बाद ही ऐसा हुआ है, आखिर क्या था उस खत में, राही ने क्या लिखा था उसमें....
राही आखिर कहां गई?
कौनसी बात थी जो पथक का मन तो नाच रहा था पर दिल अभी भी राही को हो ढूंढ रहा था, फिर वो ऐसा क्यों कर रहा था
 देखते है आगे की कहानी में 
तब तक     
                          To be continued......