यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई - (57) Ramesh Desai द्वारा जीवनी में हिंदी पीडीएफ

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यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई - (57)

                

                    : :  प्रकरण - 57 : :


      ' बेबी बर्थ कंपनी '  नई दिल्ली में इस नाम से इस कंपनी का उदय हुआ हैं. जो स्त्री को बच्चा देने के लिये पुरुषो को आमंत्रित करते हैं जिस के पति उन्हें बच्चा नहीं दे सकते.

         उस के लिये बड़ी ओफर करती हैं. स्त्री को बच्चा देने वालों को लाखो रूपये की लालच देते हैं. एडवांस पैसे देने का वादा करते हैं. रिजल्ट पोजिटिव आने पार बाकी की रकम देने का वायदा करते हैं, उस के लिये लिखित करार करने का वादा करती हैं.

         उस के बाद फोटो और आधार कार्ड की डिमांड करते हैं, साथ में 800 रूपये मांगते हैं.

         अब ऐसे लोगो पर क्यों और कैसे भरोसा किया  जाये.?

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             मोबाइल में हर घड़ी तरह तरह की लड़कियां दिखाई जाती थी जो पैसे के लिये कुछ भी करने को तैयार होती रहती हैं. वह साइबर क्राइम काफे की आड़ लेकर गलत काम करती थी.

        लड़को को वीडियो भेजकर उकसाती थी . उन से गंदी डिमांड करती थी. बाद में वीडियो बनाकर उसे वाइरल करने की धमकिया भी देती थी.

        उस में कई कंपनिया शामिल हैं

        जिस में एक ओर कंपनी ' इंडियन एस्कॉर्ट सर्विस ' सब से ऊपर हैं. उस की दिल्ली के अलावा ना जाने कितनी शाखाये हैं. उन बहुत बड़ा रैकेट हैं.  वह डाक्यूमेंट्स मंगवाती हैं,  दाखिल फी लेती हैं  कार्ड भी भेजती हैं.   फिर पुलिस झंझट से बचने के लिये बड़ी रकम मांगती  हैं.

        लड़कियों का फोटोस भेजते  हैं.

        बाद में होटल और लड़की की माहिती देते हैं.

       "लड़की आप को 15000 से बीस हजार रुपया देगी, जिस में 50% उन का महेंताना हमारा रहेगा. "

       मैं खुद उन की बुनी हुई जाल में फ़सते फसते बच गया था.

       लेकिन इस नाम से वह कौन से शहर में कौन से इलाके में धंधा करते थे. उन की भनक भी नहीं आने देते थे. उस में ज्यादातर लड़कियों को काम पर लगाया जाता था.

        वह लोग कुछ खास पोस्ट के साथ यह काम करते थे.

         पुलिस और साइबर काफे भी उन्हें पिछले दरवाजे से मदद करते हुए पकड़े गये हैं.

         झूठे मेसेज भेजकर लोगो को डराना, उन्हें धमकाना और ब्लैक मैल करना उन का व्यवसाय बन गया हैं.

         एक बार किसी लड़की ने  उस का गंदा वीडियो भेजकर मुझ से भी ऐसा वीडियो मांगा था. मैं उस की बातों में आ गया था. मैंने अपना वीडियो भेज ने की गलती की थी.

        और दूसरे ही दिन उस लड़की ने मेरे खिलाफ साइबर काफे को शिकायत कर दी थी. वीडियो वाइरल करने की धमकी दी थी.

        तब पहले तो मैं डर गया था. दिल का दौरा पड़ने का आभास हुआ था.

        साइबर क्राइम ब्रांच के नाम किसी पुलिस अफसर ने अपना कार्ड भेजकर मुझे डराया था, धमकाया था. पुलिस झंझट से बचने के लिये मुझ से 31 हजार रूपये बकाने की कोशिश  की थी.

        एक पल तो मैं उन्हें पैसा  देने के लिये तैयार भी हो गया था. तभी ना जाने क्या हुआ?

        उस वक़्त ईश्वर ने मुझे सहाय की थी

        ' नेचरल इंस्टिक्ट ' या ' सिक्स्थ सेन्स ' जो कहो उस ने मुझे बचा लिया था.

         उस ने चार घंटे में पैसे देने की बात की थी जो ना मिलने पर मेरी गिरफ्तारी की धमकी भी दी थी.

          फिर यकायक क्या हो गया?         

          उस ने मुझे अन्य ओफिसर का नाम दिया था.

          मैंने उस को फोन किया था.. लेकिन उस ने कोई जवाब नहीं दिया था.

         बाद में क्या हुआ? उस अफसर का टोन भी बदल गया था. उस ने अपना नंबर ब्लॉक कर दिया था और मैं बच गया था.

         कुछ दिनों के बाद साइबर क्राइम ब्रांच से मुझे दूसरा कोल आया था. उस ने सीधा हीं मुझे फटकारते  हुए कहां था.

         " क्यों लड़कियो से ऐसी बातें करते हो.. आप बड़ी उम्र के हो इस लिये मैं अच्छी तरह बातें करता हूं. क्या आप को ऐसी हरकत करना शोभा देता हैं. "

        " क्यों आप लड़कियों की क्रेडेंशियल जाने बिना उन से बात करने से पहले मुझ से बातें करते हो? . लड़कियां कौन हैं? क्या करती हैं?. उस के बारे में कुछ जानने की कोशिश की हैं? वह लोग जिस तरह से लोगो को सिडयुस करते हैं. अगर आप भी उस जगह होते तो वही करते. "

        मैंने उस को सामने सवाल किये थे. और पुलिस में 'FIR' दर्ज करने की धमकी थी. मैंने सामने से ऊपर से उन इल्जाम लगाया था.

      " आप की वजह से हीं यही धंधा जोर पकड़ रहा हैं."

       और बात यही खत्म हो गई थी.

       और यह एक नककर वास्तविकता हैं.

       कई औरते साइबर क्राइम ब्रांच की मदद लेकर पुरुषो को ब्लेक मैल कर के गलत राह से पैसे कमाती थी., जैसा काम एक रंडी भी नहीं करती हैं.

       मोबाईल खोलते हीं सामने क़ोई न क़ोई लड़की नजर आ जाती हैं. वह कोल करने का वादा करती हैं. शादी करने की बात करती हैं. बदले में तगड़ी किंमत देने को तैयार हो जाती हैं. कुछ लोग तो गिफ्ट की डिमांड भी करती हैं.

       यह सब बडे पैमाने पर होता रहता था. और उस के सामने किसी ने आवाज उठाने की हिम्मत नहीं की थी

       पांच मिनिट बात करने के लिये सो रूपये की डिमांड करते थे.

        वेबसाइट पर कैसे कैसे वीडियो पोस्ट करती रहती हैं.

        सब जगह पैसे बटोरने की दौड़ जारी हैं.

        कहते हुए अफ़सोस होता हैं, उस में 'यु ट्यूब 'जैसी एप्लीकेशन में प्रस्तुत वीडियोस का ज्यादा योगदान होता हैं

        उस में लड़किया शोप लिफ्टिंग जैसा अपराध करती हैं, बड़ा हाथ मारती हैं और पकड़े जाने पर  यौन शोषण करवा कर  अपने आप को बचा लेती हैं.

       बस या ट्रैन में भी लड़कियो के साथ गंदी हरकते की जाती हैं, उस में खुल्ले आम एक लड़की के साथ सामूहिक अत्याचार दिखाया जाता हैं. खुद लड़कियां भी ऐसी हरकतों के लिये पुरुष को सिडयुस करती हैं और ऐसे वीडियो छोटी उम्र के लडके लड़किया चोरी छुपी देखते रहते है, और मा बाप को उन की भनक भी नहीं आती थी

       रोज कितनी औरतों फोटो सहित कैसी कैसी गुजारिश करती रहती हैं.

        " मैं विधवा हूं. 50 की उम्र हैं. मुझे एक पति चाहिये. वह बड़ी उम्र का होगा चलेगा. मैं उस को मुंह मांगी रकम दूंगी.

        कुछ औरत तो अपनी गंदी, अर्ध नग्न तस्वीरे भेजकर लोगो को शादी की गुजारिश करती हैं.  खुल्लम खुल्ला सेक्स की डिमांड भी करती हैं.

        हजारों लड़कियां रोज फ्रेंडशिप की ओफर करती हैं. क्या क्या कहती हैं, वादा करती हैं. लेकिन कुछ नहीं होता हैं. वह खाली किताबी बातें होती थी..

        वह हम से फोन नंबर मांगती हैं, और फोन करने का वादा करती हैं. फिर खुलल्म खुल्ला सेक्स करने की बात करती हैं, लेकिन कुछ नहीं होता हैं. लोगो को ललचाने के लिये रिल्स का भी इस्तेमाल करती हैं. यह सब कर के उन्हें क्या मिलता हैं?  क्यों साइबर क्राइम ब्रांच भी केवल उन की शिकायतों पर ही ध्यान देती हैं. ऐसी औरते क्या क्या करती हैं? वह जानने की कोशिश क्यों नहीं करता?

        बडे घर की बहु ये ससुर और देवर के साथ शारीरिक संबंध बांधते हैं. इतना हीं नहीं किसी ऐरे गेरे अनजान उम्र के लोगो के साथ, मिकेनिक, दूधवाले, कूरियर बोय और  छोटे बच्चों के साथ शारीरिक संबंध के लिये बड़ी आसानी से तैयार हो जाती हैं

        यह सब गलत हैं. औरतों की वजह से समाज में बहुत कुछ गलत हो रहा हैं. लेकिन आज भी स्त्री को पवित्रता की मुरत मानकर पुरुषो को दोषित करार दिया जाता रहा है!! .. अब यह सब कहाँ जाकर रुकेगा?

        मैंने इस उपन्यास के जरिये ऐसी चीजों को लोगो के सामने लाने की कोशिश की हैं. शायद उसी वक़्त मैंने जो बात की हैं, वही एक चैनल ने उठाई हैं. यह महज एक इत्तेफ़ाक़ हैं. लेकिन उन की वजह से मेरा मोरल बूस्ट हो गया हैं.

       इस कार्य में मदद करते हुए कुछ लड़कियों ने उस का बचाव करते हुए दलील की थी. एक लड़की ने इंटरव्यू में साफ बचाव करते हुए कहां था.

       " इस में गलत क्या हैं अमरिका में तो यह एक आम बात हैं. "          यह सुनकर  मुझे बड़ा झटका लग गया था.

                       000000000000   ( क्रमशः)