तेरे मेरे दरमियान - 22 CHIRANJIT TEWARY द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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तेरे मेरे दरमियान - 22


मोनिका की बात को बिच मे ही काटकर रेखा कहती है । 


रेखा :- तुम क्या चाहती हो बेटी । तुम आदित्य के साथ रहना नही चाहती पर उसके साथ किसी और को देख नही सकती । ऐसी गलती मत करो बेटी । आदित्य को भूल जाओ । वो क्या करता है किसके साथ है ये सब मत सोचो । अब तुम सिर्फ विकी के साथ खुश रहने की कोशिश करो । यही तुम्हारे लिए अच्छा होगा ।



रेखा के इतना कहने के बाद ही वहां पर विकास आ जाता है ।

विकास वहां पर आकर कहता है ।




विकास: - मोनिका सही बोल रही है आंटी ।



विकास को दैखकर मोनिका , रेखा और रघुनाथ सभी हैरान हो जाता है । तभी रघुनाथ विकास से कहता है ।



रघुनाथ: - तुम कौन हो बेटा ?



विकास: - मैं विकास हूँ अंकल । आप मुझे नही जानते पर मोनिका शायद मुझे जरुर पहचानती है ।



मोनिका कुछ दैर तक सोचती है फिर कहती है ।



मोनिका :- तुम वही विकास हो ना जिससे जानवी की शादी होने वाली थी ।


विकास: - सही पहचाना तुमने । मैं वही विकास हूँ । 



मोनिका :- पर तुम यहां क्या कर रहे हो ?


विकास: - मुझे तुमसे काम था ।


मोनिका :- मुझसे !


विकास: - हां तुमसे , मैं उस जानवी से बदला लेना चाहता हूँ और तुम उस आदित्य से । तो मैने सोचा के क्यों ना हम दोनो मिलकर उन दोनो से बदला लिया जाए । 



मोनिका कुछ सोच मे पड़ जाती है फिर हल्की मुस्कान देकर विकास से हाथ मिला लेती है जिससे दैखकर रेखा कहती है ।


रेखा :- क्या तुम लोग पागल हो गए हो , वो लोग तुम लोगो को भुलाकर अपनी नई जिंदगी शुरु करने जा रहे है तो तुम दोनो तो भी उन लोगो को भूला कर नई जिंदगी शुरू करनी चाहिए । ना कि उन लोगो से बदला लिया जाए ।



विकास: - आंटी आप नही समझोगी । जैसे उन दोनो ने हम दोनो को इंग्नोर करते दुसरी शादी करके हमे जला रहे है तो हम भी उन दोनो को कभी एक नही होने देंगें । उन्हें जलाएगें , तड़पाएगें , रोऐगें वो लोग । तब जाकर हमे शांती मिलेगी ।



रेखा :- नही ये गलत है और मेरी बेटी गलत काम मे तुम्हारा साथ कभी नही देगी । और वैसे भी हमे तुम्हारी कोई जरुरत नही है , तुम जा सकते हो ।



रेखा के इतना कहने बाद मोनिका झट से कहती है ।



मोनिका :- नही माँ । रुको । विकास ठिक बोल रहा है । विकास मैं तुम्होरे साथ हूँ । हम दोनो मिलकर उन दोनो की शादी को बर्बाद कर देगें ।



रेखा :- तुम लोग बहोत बड़ी गलती कर रहे हो ।


तभी रघुनाथ कहता है ।



रघुनाथ: - तुम जरा चुप रहोगी । बच्चो के काम मे तुम क्यो अपना टांग अड़ा रही हो ।



रेखा :- किसीके जिदंगी से खेलना बच्चो का काम नही है । मुझे तो आप लोगो से डर सा लगने लगा है । पर जो भी हो इसका अंजान बहोत बुरा होगा देख लेना । 



इतना बोलतर रेखा वहां से चली जाती है । तो मोनिका कहती है ।




मोनिका: - तुम माँ के बातो पर ज्यादा ध्यान मत दो । और बताओ हमे क्या करना चाहिए ?



विकास: - मेरे पास एक प्लान है ।



मोनिका :- कैसी प्लान ?



विकाश :- उन दोनो के शादी मे अभी भी 16 दिन बाकी है और 5 दिन मे शगाई है । उससे पहले तुम और विकी शगाई करलो और उस पार्टी मे तुम जानवी और आदित्य को भी इंवाईट करो । 



मोनिका :- उससे क्या होगा ?



विकाश :- उससे ये होगा के उस दिन उस पार्टी मे बहोत सारे अमीर घरके लोग रहेगें ऐसे मे अगर हम सबके सामने आदित्य की बुराई करे उसे निचा दिखाउ तब जानवी को समझमे आएगा के वो किससे शादी कर रही है और शादी के बाद उसका क्या इज्जत रह जाएगी ।



मोनिका :- हम्म । आईडिया तो बहोत बढ़िया है , मैं अभी विकी से बात करती हूँ ।



तभी मोनिका विकी को फोन करती है ।



विकी :- हेय बेबी । कैसे याद किया ?




मोनिका :- बेबी ...! I missed you soo much .




विकी :- Missed you too beby . क्या बात है । आज बड़े मूड मे हो ।



मोनिका :- क्यु । मैं तो तुम्हारे साथ हर वक्त मूड मे ही रहती हूँ ।



विकी :- O wow ! मैं आऊ क्या ?



मोनिका :- बिल्कुल । पर तुमसे एक जरुरी बात करनी थी ।


विकी :- इससे भी जरुरी ?



मोनिका: - हां , इससे भी जरुरी । क्योकी ये होगा तभी तो वो होगा ।



विकी :- मतलब ?



मोनिका :- अरे बुद्धु । मैं शादी की बात कर रही हूँ ।



विकी :- शादी ? अभी । ,Are you kidding me ?



मोनिका :- इसमे मजाक की क्या बात है । अब मुझसे भी और इंतजार नही हो रहा है । मुझे भी वो सब करना है । और वैसे भी मैं अभी शादी कहां करने को बोल रही हूँ । मैं तो Engagement करने को बोल रही हूँ ।



विकी :- Engagement ? 



मोनिका :- o beby! तुम मेरे लिए ये नही करोगे क्या । कभी तो हमे ये सब करनी ही है ।



विकी :- ofcourse babby ! मैं तुमसे शादी करुगां । पर ऐसे अचानक से तुम्हें क्या हो गया ?



मोनिका :- babby ! तुम शादी भले ही लोट से करो पर Engagement मुझे परसो तक करनी है ।



विकी :- Okay ! ठिक है । मैं करुगां । पर तुम्हें अनाचक ये सब क्यों करनी । सच सच बोलना ।



मोनिका :- वो बात दरअसल ये है के ।



मोनिका विकी को सारी बात बोलकर सुनाती है जिसे सुनकर विकी कहता है ।



विकी :- इतनी सी बात , परसो मेरे कंपनी की तरफ से विद्युत सर ने तिवारी मेंशन पर एक शानदार पार्टी रखी है है । मैं उन दोनो को भी इंवाईट कर दूगां तुम्हारा काम भी हो जाएगा और पार्टी भी ।



इतना कहने के बाद मोनिका खुश हो जाती है । और विकाश से कहती है ।



मोनिका :- अब आएगा मजा । अब दोनो को पता चलेगा के मुझसे उलझने का अनजाम क्या होता है ।


अशोक का घर ।



अशोक के हाथ मे अक कार्ड था तभी वहां पर जानवी आ जाती है अपने पापा के हाथ मे कार्ड को दैखकर पूछती है ।


जानवी :- कौन सा कार्ड है पापा ?


अशोक :- विकी और मोनिका आया था । उसी ने ये कार्ड देकर गया है ।


जानवी :- क्या वो लोग शादी कर रहे है ?


अशोक :- नही बेटा , ये इन्विटेशन शादी का नही है । विद्युत जी ने तिवारी मेंशन पर एक पार्टी रखी है । इसिलिए हमे और आदित्य को उस पार्टी मे बुलाया है ।


जानवी कार्ड को अपने पापा से लेकर कहती है ।


जानवी :- ये तो बहोत अच्छी बात है पापा । इसी बहाने से हम उस मेंशन को भी दैख लेगें ।


अशोक :- हां हां ------जरुर ।


जानवी :- पापा आप भी चलोगे ना ?



अशोक :- हम सब लोग जरुर चलेगें ।


तभी वहां पर आदित्य भी जाता ।


आदित्य :- हम लोग जरुर चलेगें अंकल ।



आदित्य को दैखकर अशोक खुश हो जाता है । और जानवी चुप हो जाती है ।



अशोक :- अच्छी बात है । वैसे भी उनसे कभी ऐसे तो मुलाकात बोती नही है । पार्टी के बहाने से ही सही , उनसे मुलाकात तो होगी । और उन्होने इस लायक समझा के पार्टी मे बुला रहे है । 


आदित्य: - वो आपको बुला रहे है क्योकी आप उनसे कम भी तो नही हो ।



अशोक :- पर बेटा ... कहां वो और कहां मैं । इस बार मैं अपनी कंपनी के लिए उनसे बात जरुर करुगां ।
अशोक इतना कहता ही है के तभी जानवी कहती है ।



जानवी :- मैं भी यही सौच रही थी । पापा मैं उनसे सिर्फ एक ही बात पूछना चाहती हूँ के मेरा रेट कम होने के वावजूद भी उन्होने वो कांट्रेक्ट उस विकास को कैसे दे सकते है ?


To be continue.....137