छोटे कदम, बड़ी उड़ान Vishal Kumar द्वारा कुछ भी में हिंदी पीडीएफ

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छोटे कदम, बड़ी उड़ान

गाँव के छोटे से मोहल्ले में अजय नाम का एक लड़का रहता था। उसका परिवार बहुत साधारण था। अजय के पिता किसान थे और माँ घर संभालती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि अजय अपनी पढ़ाई के लिए महंगे कोचिंग या किताबें खरीद सके। लेकिन अजय के अंदर कुछ खास था — सीखने की अनोखी भूख।

अजय सुबह-सुबह उठता और अपने छोटे से खेत में पिता का हाथ बटाता। खेत की मेहनत कठिन थी, लेकिन अजय ने कभी शिकायत नहीं की। वह हमेशा सोचता कि जीवन में मेहनत के साथ धैर्य और लगन भी जरूरी है। स्कूल में भी अजय अपने शिक्षकों के लिए एक आदर्श छात्र था। वह किसी भी विषय में जल्दी समझ जाता और दूसरों की मदद करना नहीं भूलता।

एक दिन स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। सभी बच्चे बड़े-बड़े मॉडल लेकर आए थे। अजय के पास ज्यादा संसाधन नहीं थे, लेकिन उसके दिमाग में एक आईडिया था। उसने पुराने इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और रद्दी सामान से एक छोटा सा “स्मार्ट सिंचाई सिस्टम” बनाया। यह सिस्टम खेत में पानी की बचत करता और पौधों को समय पर पानी देता।

शुरुआत में सभी बच्चों और कुछ शिक्षकों ने अजय की कोशिश को हल्के में लिया। उन्होंने सोचा कि साधारण सामान से कुछ बड़ा नहीं बनाया जा सकता। लेकिन जब अजय ने अपने मॉडल को चलाया, तो सब हैरान रह गए। उसके सिस्टम ने सही समय पर पानी का प्रबंधन किया और कम पानी में ज्यादा लाभ दिखाया। उसके शिक्षक बोले, “अजय, तुम्हारी सोच वास्तव में कमाल की है। यह दिखाता है कि संसाधनों की कमी आपके विचारों को रोक नहीं सकती।”

इस सफलता ने अजय के अंदर और आत्मविश्वास भर दिया। लेकिन उसके सामने एक बड़ा सवाल था — क्या वह अपने इस विचार को और बड़ा कर सके? अजय ने तय किया कि वह अपने गाँव के किसानों की मदद करेगा। उसने अपने छोटे-से मॉडल को और विकसित किया और गाँव के खेतों में उसे लागू करना शुरू किया। शुरुआत में कुछ किसानों को भरोसा नहीं हुआ, लेकिन जब उन्होंने देखा कि उनका उत्पादन बढ़ा और पानी की बचत हुई, तो सभी उसकी तारीफ करने लगे।

समय के साथ अजय की मेहनत रंग लाई। उसके मॉडल की खबर शहर तक पहुंची। एक दिन, एक बड़े शहर के विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने अजय से मिलने गाँव आने का निर्णय लिया। प्रोफेसर ने अजय की सोच और मेहनत को देखकर उसे स्कॉलरशिप देने का प्रस्ताव रखा। अजय अब शहर के प्रसिद्ध विज्ञान कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। वह जानता था कि उसके छोटे कदम ने उसे बड़ी उड़ान दी थी।

लेकिन अजय ने अपने गाँव को नहीं छोड़ा। वह नियमित रूप से गाँव आता और किसानों को नई तकनीक सिखाता। अजय का मानना था कि ज्ञान का असली फायदा तब होता है जब उसे दूसरों के साथ बांटा जाए। उसका सपना अब सिर्फ खुद के लिए नहीं, बल्कि अपने गाँव और देश के लिए भी था।

एक शाम, अजय अपने स्कूल के पुराने मैदान में खड़ा था और आसमान की ओर देख रहा था। उसे याद आया कि कैसे उसने बचपन में छोटे-छोटे कदम उठाए थे और धीरे-धीरे बड़े सपने पूरे किए। उसकी कहानी यह दिखाती थी कि मुश्किलें चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर अंदर से जुनून और मेहनत हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।

अजय की कहानी गाँव के बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई। हर बच्चा अब जानता था कि गरीबी और कठिनाइयाँ आपकी क्षमता को रोक नहीं सकतीं। जरूरत है सिर्फ दृढ़ता, धैर्य और खुद पर विश्वास रखने की। अजय ने साबित कर दिया कि छोटे कदम भी बड़ी उड़ान ले सकते हैं, अगर कदम सही दिशा में हों।