हुक्म और हसरत - 14 Diksha mis kahani द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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हुक्म और हसरत - 14

🌷🌷हुक्म और हसरत 🌷🌷
#Arsia



अब तक आपने पढ़ कि अर्जुन एक मिशन की वजह से महल से बाहर गया हुआ है,उसकी जगह अंगरक्षक के रूप में राधिका को नियुक्त किया गया,सिया को एक निमंत्रण पत्र लिखकर भेजा गया पियानो आर्टिस्ट के रूप में, तभी सिया ने टीवी स्क्रीन पर एक मास्क पहने हुए रहस्यमई व्यक्ति को देखा अब आगे👀~~

🌷🌷कॉलेज में:~

आज कॉलेज लाइब्रेरी में हल्की बारिश की आवाज़ आ रही थी।✨

आरव और रोशनी एक ही टेबल पर बैठे थे — किताबें खुली थीं, पर ध्यान एक-दूसरे पर था।🤓

“तुम इतने ध्यान से पढ़ते क्यों हो?”🤌
रोशनी ने मुस्कराकर पूछा।☺️

“क्योंकि तुम्हारी आँखों में भटकने से अच्छा है किताबों में खो जाना।”🥺
आरव ने नज़रें नहीं उठाईं,पर मन में कहा।🥺

रोशनी की मुस्कान और गहरी हो गई।😐

उसने धीरे से उसकी तरफ़ एक चॉकलेट स्लाइड की।😉

“अब जब पढ़ लोगे… तो थोड़ा मीठा खा लेना।”😉
“ताकि तुम्हारा मन भी वैसा ही मीठा हो जाए, जैसे तुम्हारी बातें।”रोशनी ने मुंह बना कर कहा।😗

उनकी उंगलियाँ थोड़ी देर तक चॉकलेट के रैपर पर टकराईं —✨
और दोनों ने कुछ भी नहीं कहा… सिर्फ़ मुस्कराए।😁
**
सिया बालकनी में खड़ी थी, हाथ में अर्जुन की जैकेट।

नीचे लॉन में कोई नहीं था, कोई आहट नहीं,
लेकिन उसकी आँखें आसमान की ओर थीं।👀✨✨

“तुम्हारे बिना ये महल खाली लगता है…
जैसे इसकी दीवारों ने भी बोलना छोड़ दिया हो।”🥺

अर्जुन जिनेवा की एक मीटिंग रूम में बैठा था —
पर उसकी घड़ी में अलार्म बजा —
“इंडिया – 9 PM | Siya's bedtime”✨

उसने स्क्रीन पर एक पॉप-अप देखा —
"सिक्योरिटी अपडेट: राधिका एसिग्नेड टू सिया राठौर"✨

उसकी उंगलियाँ ठिठकीं।
और फिर बस दो शब्द बोले —

“अब और देर नहीं!"😑

🎀
सिया ने अर्जुन की कही हुई एक बात याद की  —

“कुछ सपने सिर्फ़ इसलिए अधूरे नहीं रह जाते क्योंकि हम डरते हैं,😩
बल्कि इसलिए क्योंकि कोई हमें रोक देता है।
मैं नहीं चाहूंगा कि किसी का सुर, किसी की सत्ता में दब जाए।”✨

वो लाइन उसके दिल में गूंजती रही। सिया ने पहली बार खुदके भीतर की आवाज सुनी।💓

तीन दिन बाद, उसने वो निमंत्रण निकाला और पियानो फेस्टिवल के लिए फ्लाइट बुक कर ली।

उसने किसी को नहीं बताया —
ना माँ को, ना पापा को… ना अर्जुन को ,पर राधिका को पता था,वो भी उसी के साथ थी।

लेकिन जाते वक़्त उसने अर्जुन के कमरे के मेज पर एक छोटी सी चिट्ठी छोड़ी —🗒️🖋️

“अगर लौटूं तो उम्मीद है तुम वहाँ खड़े होगे।
और अगर ना लौटूं… तो याद रखना, मैंने पहली बार खुद के लिए कुछ किया।”✨✨
~राजकुमारी सिया 🌸🌸
.....

लंदन में एस. कॉर्पोरेशन के पार्टनरशिप प्रोजेक्ट की मीटिंग चल रही थी।🤓

सभी डायरेक्टर, कॉर्पोरेट पार्टनर, विदेशी निवेशक मौजूद थे —
और बीच में बैठा एक सूट में गंभीर पुरुष, जिसकी पहचान “Mr. एस.”😈 के नाम से होती थ,वो भी उपस्थित था।कमरें का माहौल ठंड होने के बावजूद गर्म था।🔥🔥



पर उसकी आँखें बार-बार मोबाइल स्क्रीन की तरफ जाती थीं —👀
जहाँ एक लड़की  की  तस्वीर अब वॉलपेपर बन चुकी थी।
जिसमे उसका चेहरा उसकी झुल्फो से ढका हुआ था,पर उसकी प्यारे प्यारे सिल्वर झुमके बालो के साथ   खुशी से चमक रहे थे, और उसके लिपस्टिक से सने लाल होठ जो मुस्कुरा रहे थे।🙂


उस आदमी ने अपने अंगूठे से उस तस्वीर को छुआ ।
उसकी आंखो में जुनून 😈और आग दोनो थी।🔥

"प्रिंसेज!"😈🔥उसके होठ थोड़े ऊपर उठे थे।
"मैं जल्द तुम्हारे पास आऊंगा!"😈🔥
पर.........
“एक डील जीत रहा हूँ,
पर जो हार रहा हूँ,
वो मेरी दुनिया है…”
उसने मन में सोचा
**
मीरा ने विक्रांत की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया था।

पर......
एक दिन जब वो महल के पीछे वाले हिस्से में फोन पर बात कर रहा था,
मीरा ने उसकी रिकॉर्डिंग कर ली:

“वो लड़की बस रास्ता है… असली मक़सद महल की जमीनें हैं।
अर्जुन का होना परेशानी है… उसे हटाना होगा।”😈😈

मीरा काँप रही थी, पर उसकी आँखों में डर नहीं —
सिर्फ़ गुस्सा था।

“अब चुप नहीं बैठूंगी… सिया को सब बताना होगा।”
मीरा ने ठान लिया था की वो विक्रांत को अपना मकसद पूरा नही करने देगी।
*

इटली के फिरेंजे ग्रैंड म्यूजिक हॉल का मंच रोशन था।
हज़ारों दर्शक, मीडिया, इंटरनेशनल जूरी… और उनके सामने खड़ी एक भारतीय राजकुमारी — सिया।✨


जब सिया स्टेज पर बैठी,तो उसके सामने हज़ारों की भीड़ थी — लेकिन दिल पूरी तरह शांत।🔥

उसने आँखें बंद कीं…👀
और उंगलियाँ पियानो की चाबियों पर थिरकने लगीं।हर धड़कन सुर बन गई।✨

पहला सुर उठा — धीमा, भीगा हुआ।
जैसे कोई पुरानी याद जागी हो।


हर नोट के साथ सिया और सिया के बीच की दूरी मिट रही थी।

“यहाँ मैं कोई राजकुमारी नहीं हूँ,”😌
“ना किसी परंपरा की कैदी…”🥺
“मैं बस एक लड़की हूँ… जिसका दिल धड़कता है, सुरों में।”
सिया ने खुद से कहा।😁

उसने खुद को नहीं… अपने अतीत, अपने ज़ख्म, अपनी तन्हाई को सुनाया।

कभी वो सुर दर्द थे,🥺
कभी वो माँ जैसी ममता थे,😩
और कभी… अर्जुन की चुप्पी का संगीत।😑

ताली नहीं बजी —🙌
क्योंकि कोई हिला तक नहीं।

सब सुन रहे थे… और सिया पहली बार जी रही थी।🥺

जैसे-जैसे संगीत गहराया,
सिया की आँखें खुलीं… और उसे अर्जुन सामने बैठा दिखा।😩

उसकी नज़रें सिर्फ़ सिया पर थीं,
उसके चेहरे पर एक मुस्कान थी —😁
वो दुर्लभ मुस्कान, जो सिर्फ़ सिया के लिए थी।

पियानो की आखिरी धुन खत्म हुई —
चारों ओर ताली बज रही थी,
सिया के होंठों पर संतोष भरी मुस्कान थी।☺️

वो अपनी नज़रें अर्जुन से मिलाना चाहती थी…

…पर जब पलटकर देखा —

वहां कोई नहीं था।😩

अर्जुन वहाँ नहीं था।

वो सिर्फ़ उसका सपना था।🥹♥️♥️


---

फ्लोरेन्स के एक अलग शहर के होटल में,
एक अनजान आदमी अपने I-Pad पर बैठा था।😈

उस स्क्रीन पर था — सिया का लाइव पर्फॉर्मेंस।✨

उसने वीडियो धीमी चाल में दोबारा देखा —
उसके होंठों पर एक अजीब मुस्कान थी।😏😈

“वो बहुत जल्द जान जाएगी…
कि सिर्फ़ सुरों में जीने से, हकीकत से बचा नहीं जा सकता।”😈

उसने स्क्रीन बंद की…
फिर फ़ाइल खोली जिसमें लिखा था —"टारगेट : सिया राठोर
फेज 2 स्टार्टेड!"✨🔥


---

न्यू यॉर्क में एक 75th फ्लोर की ग्लास ऑफिस से बाहर का नज़ारा खूबसूरत था।

पर अर्जुन की नज़रों में बस एक ही चेहरा घूम रहा था — सिया का।

हर मीटिंग में, हर कॉन्ट्रैक्ट साइन करते हुए…
वो बस ये सोचता रहा —😐

“क्या वो वहाँ ठीक है?”🤔
“क्या उसने खाना खाया?”🤔
“क्या वो… मुझे याद कर रही है?”😑

उसने कई बार फोन उठाया…
पर हर बार बस देखा —
उसकी स्क्रीन पर “मोह ” लिखा था… लेकिन कॉल नहीं किया।
इधर जयगढ़ महल में, मीरा ने विक्रांत की जासूसी शुरू कर दी थी।

विक्रांत सिया की गैर-मौजूदगी में अब और ज़्यादा महल में समय बिता रहा था।
राजा साहब से मेल-जोल, स्टाफ से बातों में गहराई…

मीरा को अब यकीन था —
वो सिर्फ़ स्नेह नहीं कर रहा… कुछ प्लान कर रहा है।

उसने अर्जुन को कई बार मैसेज किया —

“जल्दी आओ ,इस से पहले देर हो जाए!.”😩

दूर एक होटल रूम में, एक अनजान शख्स आईपैड पर बैठा सिया की परफॉर्मेंस लाइव स्ट्रीम में देख रहा था।

उसने वीडियो पॉज़ किया — ज़ूम किया —
सिया की आँखें, उसकी मुस्कान, उसका अंदाज़…👀✨♥️

“वो अब तैयार है।”
उसने धीमे से कहा।
“अब उसे तोड़ना मुश्किल नहीं होगा।”

आईपैड की स्क्रीन पर एक फ़ोल्डर खुला —
“मिशन सिया राठौड़”✨
फोल्डर में कई फोटोज़, अर्जुन का डाटा, और एक ब्लिंकिंग नोटिफिकेशन…

"Target Connected To S. Corporation."उसके चेहरे पर एक कड़वी मुस्कान थी।


---

वापसी की फ्लाइट में, अर्जुन खिड़की से बाहर देख रहा था।

लोगों ने उसे बिज़नेस डील के लिए बधाइयाँ दीं।
पर उसका मन — कहीं और था।😔

सिया।🥹♥️

उसकी हँसी, उसकी बहस, उसका “तुम्हें क्या फर्क पड़ता है?” कहना…💓🗒️
सब उसे कचोट रहा था।

“मैंने तुम्हें अपने से दूर क्यों किया, सिया?”
“तुम जब मेरे पास हो… तो मैं खुद को भूल जाता हूँ।
और जब दूर हो… तो सब कुछ खाली लगने लगता है।”

सिया होटल के कमरे में पियानो के सामने बैठी थी,
उसकी उंगलियाँ अब भी बजा रही थीं — पर सुर खो चुके थे।

उसी वक़्त,
अर्जुन की फ्लाइट उतर रही थी।
उसे अब पता नहीं था कि कोई उसकी और सिया दोनों की चालों पर नज़र रखे हुए हैl....👀👀

“जब सुर बहते हैं… तो साज़िशें भी गहराई में छुपी होती हैं।
लेकिन क्या हर ताल, हर मुस्कान… बस एक मोहरा है?

🥺♥️♥️♥️♥️♥️🥺🥺♥️♥️🥺🥺♥️♥️

जारी(...)

“वो गया था ज़िम्मेदारियों के लिए…
पर लौटेगा सिर्फ़ एक नाम के लिए — गुलमोहर।”

पाठकों से सवाल:
● क्या सिया सच में सिर्फ़ एक कलाकार है — या एक निशाना?
● अर्जुन का सच सामने कब आएगा — और तब क्या सिया टूटेगी?
● कौन है वो अनजान शख्स, जो “गुलमोहर मिशन” चला रहा है?
● क्या अर्जुन सिया को बचा पाएगा… या ये मोहब्बत एक और राज़ की कब्र बन जाएगी?

कृपया रेटिंग्स और समीक्षाएं देते रहे।

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Diksha singhaniya "मिस कहानी"
🌸💓✨