समय का बदलाव Prachi Tyagi द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

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समय का बदलाव

जिन्दगी समय के साथ नए मोड़ लेती ही रहती है। कब कहा लाकर खड़ा कर दे ,कोई नही जानता। या यूं  कहे कि संघर्ष और समझौते का दूसरा नाम जीवन है। ऐसे ही अनगिनत किस्से अपने दामन मे लपेटकर जिंदगी नया रूप लेते हुए आगे अपनी रफ्तार के साथ बढ़ती चली जाती है। ऐसा ही एक किस्सा है एक ऐसी लड़की का जो अपनी जिंदगी अपने हिसाब से चलाने का ज़ज्बा रखती थीं, पर कहते है ना कि कब क्य़ा हो नहीं पता चलता है वैसा ही उसके साथ हुआ जिसने उसकी जिंदगी बदल कर रख दी। उसे भी एक ऐसा मिला जो शायद उसके लिए ही बना था। धीरे धीरे उन दोनों का प्यार एक दूसरे के लिए बहुत हद तक बढ़ गया था, इस प्रकार दोनों बहुत ही खुश थे। समय के साथ लड़का अपने घरवालों से उस लड़की को मिलाता है।जैसा उन्होंने सोचा था सब वैसा ही हो रहा था ।

जिंदगी कभी एक लय में नहीं चलती है, निरंतर नए मोड़ लेती रहती है। और नयी चुनौतियों के साथ हमारे सामने आती हैं।लड़की अपने घरवालों को सब बताती है पर उसका साथ कोई नहीं देता है और वो उस लड़के को छोड़ने का फैसला करती है। इंसान सब चुनौती पार कर सकता है पर जब बात अपने माता-पिता की होती है तो हार जाता है । फिर वो दोनों अलग हो जाते है। लड़का अपने आप को नहीं समझा पाता है कि लड़की ने उसे छोड़ दिया है। जब लड़की को ये सब पता चलता है तो वह उस लड़के से बात करती हैं और उसे सब समझाने की नाकामयाब कोशिश करती है। समय बीतता जाता है और उन्हें अलग हुए दो साल हो जाते है। किस्मत फिर नया मोड़ लेती हैं उस लड़की की जिंदगी में एक ओर लड़का आता है जो उससे प्यार के दावे करता है। लड़की को लगता है कि क्यूँ ना इससे बात करी जाए और वह उस लड़के से बात करने लगती है। इंसान अपनी जरुरतों के अनुसार चीज और व्यक्ति को अपने अनुरूप ढालने का प्रयास करते हैं। कुछ ही समय में वह उस लड़के को समझ जाती हैं क्यूंकि वो उसके काबिल था ही नहीं, पर वह अपनी जरुरतों के लिए उसका इस्तेमाल करने लगता है और ना करने पर उसे डराता है। तब लड़की को पहले वाले लड़के के प्यार और एहसास की याद आने लगती है जो आज भी उसके लिए अपनी जिंदगी वही रोके खड़ा था और उसके घर के दरवाजे आज भी उसके लिए ही खुले थे। 

जिंदगी कब नया रुख ले लेती है कोई नहीं जानता, पर उसे सलीके से चलाना हमारे ही हाथ मैं होता है। अगर उस लड़की ने लड़के का साथ दिया होता तो आज दोनों साथ मे होते परंतु लड़की ने कही और अपनी डगर देखना अपनाया जो उसके लिए बहुत दर्द भरा निर्णय था क्यूंकि यहा ना उसे प्यार मिल रहा था और न ही साथ। बस उस लड़की के जरिए खुद की जरुरतों को पूरा किया जा रहा था। इसलिए कहते है कि जो इंसान और समय की कदर नहीं करता समय उसकी कदर नहीं कर पाता है और उसके लिए नयी संघर्ष भरी चुनौतियों के साथ आकर खड़ा हो जाता है।