प्यासा बास। - 2 Sakshi Rai द्वारा रोमांचक कहानियाँ में हिंदी पीडीएफ

Featured Books
  • वरदान - 3

    भिखारी का रूप अचानक बदल गया। उसका जर्जर और घावों से भरा शरीर...

  • एक जादुई शेर

    एक जादुई शेरलेखक: विजय शर्मा एरी(लगभग 1500 शब्दों की कहानी)-...

  • Ashvdhaama: एक युग पुरुष - 5

    “पहला संकेत – जब दो युग टकराए”दिल्ली की रात शांत थी,पर ISAR...

  • Squid Game India

    भारत के एक भीड़भाड़ वाले शहर में, जहाँ सपने रोज़ जन्म लेते ह...

  • Phenomenal Pablo: मेरी यात्रा, मेरे सबक

    कहते हैं हर कहानी की शुरुआत आसान नहीं होती। मेरी भी नहीं थी।...

श्रेणी
शेयर करे

प्यासा बास। - 2

नौरी भी अपने सफर के लिए निकल चुकी थी बिलकुल नए जस्बे और ओर कोइ साहसी सैनिक की तरह जो अपने राज्य के लिए मर मिटता हैं पर अपनी प्रजा और राजा को अखरी सांस सुरक्षित रखता हैं। जाते जाते उसने अपने भाई से एक वादा लिया की मेरे आने तक तुम यही इंतजार करना ओर एक दूध का कट्टोरा दे गई और कहा इस कटोरे के एक बार निहार लेना अगर ये पहले की तरह सफेद रहा तो समझ लेना में आबाद हु अगर पीला रहा तो समझना की में किसी बड़ी मुश्किल मै हू अथवा अगर इस दूध का रंग लाल हो जाए तो मेरे लिए रोना मत समझ जाना की मृत्यु ने मुझे अपने गोद मैं उठा लिया । भाई ने बात काटते हुए कहा बहन तुम्हें कुछ नही होगा ऐसा न कहो मुझे माफ करदो मेरी वजह से तुम्हें अपनी जान दावों पे लगाने की कोई जरूरत नहीं है मर जाने दो मुझे मेरी गलती की सजा तुम्हें न भुगतना ना पड़े वरना वो परमात्मा मुझे कभी माफ नहीं करेगा मत जाओ! दीदी मत जाओ! ये सात दिन मेरे साथ खुशी ओर प्रेम से गुजारलो। जैसे मां अपने बच्चे के बिना नहीं रहसक्ति ओर भगवान अपने भक्त के बिना नहीं वैसे ही में आपके बिना नहीं रहसक्ता ।
एक भाई के ये आखरी शब्द थे उसके बहन से।

ओर दोनो गले मिल के रोने लगे । भाई बहन के बीच इतना अनोखा प्रेम देख के साए के आंखो में भी पहली बार ही सही प्रेम के आंसु तो छलके साया अपने पूरे जीवन काल में कभी ना रोया था जितना उसने ये एक क्षण का दृश्य देख के खुद अंशुओ से भीगा लिया रोता भी क्यू ना ये सब उसकी के कारण तो घटित हो रहा था।
ना जाने क्यू आफदायो के आने से पहले प्रेम की शांति छाई हुई थी हर जगह लेकिन धीरे काली घटा भी घेरने को तयार थी सबको। आसमानी काले बादल भी बहे फैलाए किसी का बेसबरी से इंतजार कर रहे हों।
तभी एक आवाज़ आई अब तुम्हें जाना होगा नोरी समय निकलता जा रहा है ये आवाज उसी साए की थी जो नोरी को जाने के लिए कह रहा था नोरी भी चौकन्ना हो गई और आखरी बार अपने भाई कै माथे पे चूम कर सफर के लिए रवाना हो रही थी की साए ने उसे कुछ खतरनाक रास्तों के बारे मैं बताया जैसे घने जंगल में किसी भी एसे पेड़ को नहीं छूना जिसपे लदा लद फल लगे हो। साए ने नोरी को एक लोकिट्ट दिया गले मै पहने को ओर कहा ये लोकिट तुम्हें पेड़ो ओर आत्माओं के वाशीकारण से बचाएंगे इसे अपने गल्ले से कभी अलग ना होने देना । चाहे तुम्हें अपने पीछे किसी की आहट आए तम पीछे हरगिश मत देखना वरना तुम रास्ता भूल जाएगी ओर हमेशा के लिए उसी घने जंगल में रास्ता भटक जाऊंगी।

नोरी ने इन सब बातो पे अच्छे से अमल किया ओर समझा। ओर साए से बोली मेरे आने तक मेरा भाई बिलकुल आबाद मिलना चाहिए ओर कहा मुझे कोई एसी चीज दो जिससे में निश्चित ही अपने सफर को पूरा करु ये जानते हुए की मेरा भाई सुरक्षित हैं तुम्हारे साथ तब साए ने उसे सफेद मोतियों का माला दी ओर कहा जिस क्षण ये मोतियों का माला बिखर जाए तुम्हारे गल्ले से तो समझ जाना की वो अब नही रहा इस दुनिया में वैसे तम बेफिक्र रहो मैं तुम्हारे भाई को कुछ नही होने दूंगा।

आगे की कहानी अगले अध्याय में धन्यवाद 😌