हास्य का तड़का - 6 Devaki Singh द्वारा हास्य कथाएं में हिंदी पीडीएफ

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हास्य का तड़का - 6

🤑🤑अध्यापक - तुम अपने पापा को स्कूल में फीस जमा करने के लिए कह देना

सोनू - जी सर

सोनू ने घर आकर अपने पिता को अध्यापक की बात बता दी

अगले दिन-
सोनू के पिता ने सोचा बच्चे के अध्यापक ने पहली बार हमसे कुछ माँगा है

तो इसी खुशी में वे बड़ी सी फिश लेकर स्कूल पहुंच गए 🐟🐟

अध्यापक : आप यह फिश 🐟 स्कूल लेकर क्यों आए हैं ?

सोनू के पिता : आप ही ने तो फिश जमा करने के लिए कहा था ।

अध्यापक ने अपना सिर पकड़ लिया 🙉🙉

फीस और फिश का गडबड घोटाला

🙉🙉😜😜🙉🙉




🤑🤑सोनू के पिता हाथ में फिश लेकर स्कूल पहुंच गए
ये लो मास्टर साहब जी अपनी फिश।

अध्यापक - गुस्से में ये क्या है, दूर हटाओ मुझसे 😠

सोनू के पिता : अरे मास्टर साब ,आप गुस्सा क्यों हो रहे हैं ? आप ही ने तो फिश मंगाई थी।
अब ले आया तो खामखा नाराज हो रहे हो। 🙄

मेरा सोनू कह रहा था यदि फिश नहीं जमा करोगे तो नाम काट देंगे।

इसलिए मैं फिश ले आया
और अब आप हो की नाराज हो रहे हो बिना बात के नाग देव की तरह फुंफकार रहे हो ?😜🐍😜

अध्यापक -"ओह हो ,मैंने फीस कहा था फिश नहीं "
सोनू के पिता - अच्छा ये बताइये,🤔🤔
इस फिश और आपकी फीस में क्या अंतर है ?

अध्यापक - बहुत अंतर है ,यह 1000 रुपये की है और स्कूल की फीस 10,000 है
मुझे ये फिश नहीं रुपयों वाली फिश
ओह गॉड ! फीस चाहिए

हे भगवान !लगता है इस फिश और फीस के चक्कर में मैं पागल हो जाऊँगा 🙉🙉🙉

अगले दिन सोनू के पिता वैसी ही 10 फिश लेकर पहुंच गए

अध्यापक : गुस्से से लाल पीले होते हुए 😡
कल ही मैंने कहा था मुझे फिश नहीं फीस चाहिए
🙉🙉

सोनू के पिता : क्या करूं मास्टर साहब ,
आपकी बात तो मुझे समझ आ गयी पर क्या है न धंधा बहुत मंदा चल रहा हैं ,
इसलिए सोचा आपको 10 फिश दे दूंगा तो स्कूल की फीस भी हो जायगी।

और आप सब भी तो बाल बच्चे वाले हो ताजी ताजी मछलियां देख कर आपकी मैडम जी भी खुश हो जाएंगी ।

मास्टर जी : हे भगवान !
इस आदमी ने तो मुझे पागल कर दिया
😜😜🤯🤯🤯🙉🙉




🤑🤑श्रीमती जी को ले जाकर बजार
दिलाया हमनें खूबसूरत सा उपहार
वो उपहार सम्भालने में बिजी

इधर अपनी ही धुन में
बाइक को किक मारी
चल दिये फुल रफ़्तार

बक बक किए जा रहे थे
सनम तुम हो मेरी जान

पर नहीं मिल रहा ज़वाब
तब गयी मन में शंका व्याप

पीछे देखा लगा कर हाथ
अरे बाप रे!
पीछे सीट पर
नहीं है हमारा दिलदार
यह तो हो गया घोर अपराध 🙀🙀

आज तो ऐसा लगा
जैसे
बन गए हम
काल का ग्रास 😱

पलट कर आए वापस
श्रीमती जी थी
गुस्से में लाल 😡

हमने मौके पर किया
ऐसा इश्कियाना पलटवार 💘

ये लो जी लाल गुलाब
दिल तो हैं आपका गुलाम
आप हो हमारी सरताज 💝

सुनते ही श्रीमती जी
शर्मा कर हो गई
लाल गुलाब 😚

हम खुश हुए कि चलो
नहीं हुई कोई तकरार
टूटते टूटते
बच गया हमारा संसार
वर्ना आज तो था
निकलने को हमारा जनाज़ा तैयार
😜😜😜😜


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