The Author शाश्वत चौबे फॉलो Current Read इक अधूरी कहानी ..... By शाश्वत चौबे हिंदी प्रेम कथाएँ Share Facebook Twitter Whatsapp Featured Books जिंदगी की दूसरे किनारा - 14 जिंदगी की दूसरे किनारा पाठ 14और तभी मेघना वीर की तरफ गहरी आं... Bayaan - Part 2 Part 2March 2025 उस रात मैं बिल्कुल सो नहीं पाई। बार बार वही... पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-2 { चिखुरी } - १... प्यार की परीभाषा - 4 शाम का समय था। घर के बाहर गली में बच्चों की आवाज़ें आ रही थी... आख़िरी हिसाब: एक अधूरी डायरी - 3 एपिसोड 3: डायरी का कड़वा सच और अलमारी का राज़ कबीर की मौत को... श्रेणी लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी शेयर करे इक अधूरी कहानी ..... (2.4k) 2.1k 7.1k दोस्तों आज इस प्लेटफार्म पर मैं अपने कहानी लेखन की शुरुआत कर रहा हूं इस कहानी में मै अपने अजीज दोस्तों में से एक की कहानी बताने जा रहा हूं यह कहानी है उसके जीवन के इर्द-गिर्द और उसके प्रेम की है बात 5 साल पुरानी हैमेरा दोस्त बहुत ही सरल और मित्र भाव प्रकृति का बालक था किसी अनजान से भी घूलने में उसे ज्यादा समय नहीं लगता था, उस समय वहां अपने गांव में ही शिक्षा ले रहा था दसवीं पास करने के बाद वह किसी अन्य शहर में अपनी आगे की शिक्षा प्राप्त करने चला गया ।शुरू में उसका मन तो वहां नहीं लगता था पर धीरे-धीरे वह लोगों को जानने लगा और और उसे जगह भी पसंद आने लगी मित्र भी बन गए। एक दिन वह अपने मित्रों के साथ शहर विहार करने गया ।...मौसम भी अच्छा था और उसका मन भी। सुंदर समीर के अहसास से मानो उसके जीवन के सभी दु:ख गायब से हो गए हो। तभी अचानक से सब शांत हो गया, ऐसा क्या हुआ?? ......बताता हूँ बताता हूँ......कोई तूफान नही आया, वहा पर अचानक उसकी नजर एक लड़की पर पड़ी जो की नीली रंग का सुट पहनी हुई, उसके खुले बाल हवा में लहरा रहे ,चेहरे पे उसके सुन्दर सी मुस्कान थीऐसा लग रहा था मानो उसने पहली बार किसी लड़की पे गौर किया हो, उसे पहली नजर में प्यार सा हो गया जो कि उसके आँखो और खुले मुख से स्पष्ट था। वह बहाने ढूँढने लगा कि कैसे उससे बात किया जाए, उसके ईर्द गिर्द घूमने लगा। उस लड़की को भी अहसास हो गया था कि वो उससे बात करना चाहता है। धीरे-धीरे नजरे मिलने लगी, कुछ समय ऐसे ही नजरो से दिल की बात बया करने के बाद उसने हिम्मत की, लड़की के पास गया पर कुछ बोल ना पा रहा मानो आवाज सी गायब हो गयी, काफी हिम्मत के उसने hi' बोला, और Hiiiii भी ऐसी जेसे वो complement दे रहा हो, लड़की हसने लगी, वो हंसी शर्माने वाली थी!बात शुरू हुई, पहली ही मुलाकात में दोनों काफी अच्छे दोस्त बन गए,बात होने लगी कब दोस्ती प्यार में बदल गयी उसे पता ही न चला, वो भी एकतरफा नही ,दोनों दो शरीर एक जान से हो गए । 5 साल बाद.... आज मेरी मुलाकात उससे हुई, यह हमेशा की तरह नही थी, वह काफी बदल सा गया था, हमेशा उत्स के समान खिलखिलाने वाला लड़का आज शांत सा और अन्जान सा लग रहा था, मैने उसके दु:ख का कारण पूछा ---वो जोर-जोर से रोने लगा, मेरे में आँख नम से हो गए,मैं समझ गया था वो दोनों अब साथ नही है, फिर भी मैने उससे पुछा क्या हुआ...उसने कष्ट से भरी आवाज में बोला अब हम साथ नही... मैने कारण पुछा..... उसने कहा की हमारा रिश्ता उसके घरवालो को मंजूर ना था, हमने भागकर एक दूसरे का होना चाहे पर यह भगवान को मंजूर ना था। 😭😭हर लैला मजनू की तरह हमारी कहानी का अन्त भी अधूरी रही .............😭😭-समाप्त Download Our App