The Author anjana Vegda फॉलो Current Read मेरे अल्फ़ाज़ - शेर...शायरी By anjana Vegda हिंदी कविता Share Facebook Twitter Whatsapp Featured Books ब्लूबेरी कॉटेज - भाग 2 ब्लूबेरी कॉटेजभाग - २ लेखिका "अनामिका"अमित ने कांपते हाथों... RAJPUTANA - The War of Love and Revenge - 9 कुछ देर बाद युवराज की ओर देखते हुए अली ने उन्हें रुकते हुए क... काल्पनिक उपन्यास पर मुकदमा - 6 Fourteen Thousand Chargesठंडी रात की हवा उसके चेहरे से टकरा... खेल में बदहाल सिस्टम भारी भारत के एथलिटों ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में शानदार... वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 4 ब्लडस्टोन कैसल के भीतर—मरहम और हास्य का तड़काब्लडस्टोन कैसल... श्रेणी लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी शेयर करे मेरे अल्फ़ाज़ - शेर...शायरी (12.4k) 3.2k 14.9k 2 मेरे अल्फाज......by Anjana Vegda❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️जुखाम तो दिल को होना ही था,तेरी यादों की बारिश में भीगे जोो थे।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️तुमसेेे होती शिकायतें तो और बात थी....गर खुद सेेेे हो रुसवा तो कहां जाए।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️तेरे ही नशे में ये खोई रहेरात भी देखो शराबी हो गई,कैसे और कितने गीनवाऊख्वाबों में भी बेहिसााबी हो गई।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️पाना जीसे मुमकिन नहींउसकी ख्वाहिश क्या करें,बहुत कर ली मिन्नतेंअब और गुजारिश क्या करें।भूल ही गए खुद को तराशनागैरोंं की आजमाइश क्याा करें,होती खुशी तो बााट भीे लेतेगम की नुमाइश क्या करें।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️ठहराव था कुछ पल का अब हमें चलना होगा,बदलना है जो दुनिया को खुद को बदलना होगा।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️उलझने तो बहुत है जहां में मगरअल्फाजों में मेरे तेरा अक्स रहता है,तू भी नहीं आ पाया वक्त रहते औरतेरी यादों का आना बेवक्त रहता है।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️फकत दिल की थी इल्तजा और खुद से बगावत कर ली,दर्द के तलब गार थे शायद जो तुुुमसे मोहब्बत कर ली।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️शायद हम गलत थे या फिर तुम कसूरवार थे,साज़िशे वक्तत की थी या हालात गुनहगार थे।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️होता कोई गैर तो गीला भी करते,अपनोंं से क्या शिकवा करें,छुपा लेते दर्द अपनीी आंखों मेंहाल-ए-दिल मुस्कुरा के बयां करें।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️हर शाम होती है बातों की मुलाकातेंचलो ना इस बार आंखोंं से मिलते हैं।कुछ तुम सुन लो कुछ हम सुनते हैंलफ्जों से हो परे खामोशी चुनते हैं।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️तेरी एक ही झलक से निखर जाएंगे...जरा सा रंग और हम संवर जाएंगे।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️दर्द को अपने छुपाऊंं कैसेदिल का हाल सुनाऊ कैसेयादोंं के बह जाने का डर हैआंखोंं से आंसू बहाऊ कैसे।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️यादोंं में हम तेरी अक्सर खोया करते हैं,अश्कों से तेरी तस्वीर भिगोया करते हैं।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️तेरी सांसो की महक यू छु के गुजर गई,बिखरी हुई जिंदगी फिर से सवर गई।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️होठोंं से ना हो बयां वो लफ्जों में ढ़लते हैं,कुछ दर्द ऐसेे भी है जो कागज पे उतरते हैं।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️दीदार से ही तेरे मेरे ख्वाब सवरते हैंआंखों से होके मेरे दिल में उतरते हैं।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️खूबसूरत यह सफर होता...साथ मेरे तू अगर होता।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️चलो ना कुछ दूर तक साथ चलते हैंआ जाओ फिर से खयालों में मिलते हैं।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️बदलते वक्त के साथ चलना सीख लेंगेलड़खड़ातेेे ये कदम संभलना सीख लेंगे।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️चंद लम्हेे ठहरे और वक्त बहता गयायादोंं का कारवां यूं ही चलता गया।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️नम आंखों के साथ भी मुस्कुराना पड़ता हैअंदर कुछ... बाहर कुछ और दिखाना पड़ता है।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️तुझसेेे नाराज हूं या खुद से खफा हूखोकर अब तुझको में खुद लापता हूंइतनी हुई दूरियां खुद के दरमियांकुछ लम्हेे नहीं सदियों का फासला हूं।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️आंखोंं के इन किनारों में यूं प्यार का रंग भरनाकी लफ्जों से फिर कुछ भी मुश्किल हो बयां करना।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️मिटाकर सारे गिले-शिकवे चलो फिर से मिल जाएदो चार पल की नाराजगी कहीं सालोंं मे न ढल जाए।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️ना कोई कसम खाओ ना ही कोई वादा करोताउम्र साथ निभाने का पक्का इरादा करो।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️उम्मीद है मेरी लिखी शायरी आपको पसंद आई होगी। आभार🙏🙏🙏 -ANJANA VEGDA Download Our App