मर्डर मिस्ट्री - 3 Vismay द्वारा क्राइम कहानी में हिंदी पीडीएफ

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मर्डर मिस्ट्री - 3

सर तिवारी जी का किसी के साथ अफेयर था, दोनो उस दिन रोमांटिक मूड में रहे होंगे. तिवारी जी खुरशी से बंघे थे मतलब वो लोग कुछ नया और गंदा try करने वाले थे .जिससे अफेयर था वो अपने खून से दीवार पर आई लव यू लिख रहा था. दोनों बेहद खुश और हस रहे होंगे तभी तिवारी जी ने एक गलती कर दी अैसी बात बोल दी जो सामने वाला सुनना नहीं चाहता था. बस कयां फिर सामने वाले को तिवारी जी पे बहुत गुस्सा आया और उसी गुस्से में उसने तिवारी जी का कत्ल कर दिया. आइ अधूरा छोड दिया ये दिखाने के लिए की हमारा प्यार भी बाकीयों की तरह अघूरा हीं रहा. मातरे जी ने पुरे ही दाशँनिक अंदाज़ में अपनी बात कहीं.
सबलोग मातरे जी को देखते हुए दबी हसी हस रहे थे तभी समीर ने किसी को फोन मिलाया और मातरे जी को देते हुए कहां की लो कमिशनर सर को लगाया हैं उन्हें भी बता दो की केस सोलव कर लिया हैं आपने, इस बात पर सब हस दिये.
फिर थोडी देर बाद समीर ने सब को देखते हुए कहां कि मातरे साब बात इतनी भी सीधी नहीं हैं , खून से लिखा हुआ आई मैं खून तिवारी जी का हीं होगा और आइ के बाद भी वाकई होगा,इक पुरा sentence जो खूनी सब से कहना चाह रहा हैं. मतलब अभी और खून होगे उनमें खूनी अपना वाकई लिखता जायेगा, वो तब तक नहीं रुकेगा जब तक उसका sentence पूरा नहीं हो जाता. और keyboard में जो M मिसिंग हैं वो खूनी का अगला शिकार होगा ,और खूनी अपना शिकार करे उसके पहले हमें उसका शिकार करना है. सभी ने समीर को खुशी और गवँ के मिले जुले भांव से देखा.
समीर ने जब खिड़की से बाहर देखा तो बहार कइ रिपोर्टर अभी भी खडे थे, उनमे से इक चेहरे पे समीर की नजरे रुक गई.(ishq -vishq ku6 nhi he tum log faltu me soch rhe Ho ye sab) उसका चेहरा पुरी तरह से जला हुआ था, वो acid attack से गुजरी थी. उसे रिपोटँर के ऱुप में देखकर समीर को बहुत अजीब बात लगी कयुं कि आजकल लोग रिपोर्टर की नौकरी खुबसुरत लड़कियों को ही देते हैं. ये सब सोचते हुए समीर ने जब मिश्रा जी से उस लड़की के बारे में पूछा तो मिश्रा जी ने थोडी देर लडकी को देखकर कहा: हां सर याद आया ये लड़की भारत news चैनल की रिपोर्टर हैं,नाम हैं सलोनी गुप्ता, बहुत होनहार लड़की हैं सर मेरी बीवी की फेवरीट हैं वो सर. फिर बहुत देर तक उस लड़की को देखने के बाद समीर ने मिश्रा जी को वोचमेन को बुलाकर लाने के लिए कहां. मिश्रा जी ने तुरंत जवाब दिया की सर वोचमेन का कहीं कुछ पता नहीं चल रहा हैं, उसका केबिन भी पुरी तरह से खाली हैं उसका कोई नामोनिशान नहीं है सर. वैसे भी सर वो अभी अभी जोइन हुआ था नौकरी पर और उसे हमेशा पैसो की ज़रुरत रहती थी या तो दारू पीने या फिर सट्टा खेलने, उसके घर पर भी कुछ तकलीफे थी जिसके लिए वो तिवारी जी से और बाकी सबसे हमेशा पैसा मांगता रहता था.
समीर :तो हो सकता हैं उसने हीं पैसो के लिए तिवारी जी का खून किया हो, वैसे मिश्रा जी आपको वोचमेन के बारे में कैसे पता चला?
मिश्रा जी : वो सर जब उलटी करने गये थे तब हीं पता किये थे.
समीर :हमम.. वैसे मिश्रा जी आपको कयां लगता हैं किसने खून किया होगा..
मिश्रा जी : सर मुझे तो इस वोचमेन पर ही शक हैं उसी ने मारा होगा. सब के लिए शक की सूई वोचमेन पर आकर अटक गई.
समीर ने सब को आदेश देते हुए कहां की : वो वोचमेन मुझे किसी भी कीमत पर चाहिए. उसके बैंक अकाउंट की डिटेल निकालो , फोन रिकोडँ से उसकी last location ढूँढो, उसके घरवालो से बात की जाये, शहर के बाहर जानेवाले रास्तो पर नाकाबंदी लगादो मुझे वो वोचमेन का बच्चा अगले 24 धंटो में अपनी गिरफ्त में चाहिए, is That clear..
सब ने एक साथ कहां की यस सर. और सब अपने अपने कामो में जूट गए.
Crime scene को अच्छी तरह खंगालने के बाद समीर और बाकी सब बाहर निकलें. जैसे हीं जीप का दरवाजा खोलनेवाले थे पीछे से कीसी की आवाज़ आई की "आइ होप इस बार पुलिस पर criminal और वक्त दोनों भारी नहीं पडेगे और आप जल्द हीं गुनाहगार को पकड लेगे. इस वाकय में पुलिसवालो के लिए गुस्सा था "
समीर ने पीछे मुड़कर देखा वहां पर और कोइ नहीं सलोनी खड़ी हुई थी. सामने रिपोर्टर खड़ी होने के वजह से बात को लंबा न खींचते
हुए समीर ने कहां : हम मीडिया ओर जनता को निराश नहीं करेंगे इस बार
सलोनी : हर बार तो हम निराश हीं होते हैं.
समीर :पुलिसवालों के लिए इतना गुस्सा..... उफफ..... वजह कयां हैं इसकी
सलोनी :और कयां वजह होगी यहीं समाज की बडती हुइ गंदगी जिसे साफ करने का काम आप लोगों को दिया है पर आप लोग ठीक से कर नहीं रहे.
समीर : बहुत से लोग ठीक काम कर रहे हैं, वो आप को नहीं दिखता.
सलोनी :मुझे सिफँ सच दिखता हैं और जब लोगों को लगता हैं की वो किसी का सच ओर चेहरा नहीं पा सकते तब वो उसे जला देते हैं.
समीर : मुझे अफ़सोस से आपके साथ हुए हादसे का.
सलोनी : अफसोस तो मुझे होगा अगर आप केस सोलव कर न पाये तो.
समीर : में अपनी तरफ से पुरी कोशिश करूंगा.
और फिर समीर और बाकी सब जीप में बैठकर थाने की तरफ निकल गए. जीप में बैठे बैठ समीर के दिमाग में बहुत सी बाते चल रहीं थी. उसने बाकी सब से पूछा की pm की रिपोर्ट कब तक आयेगी. मिश्रा जी ने कहा की कल तक आ जायेगी. समीर ने फिर पूछाकी:और वो फोरनसिक वालो की रिपोर्ट?. वो भी कल तक आ जायेगी मिश्रा जी ने कहां.
तुम लोगों को कयां लगता हैं तिवारी जी की बीच वाली उंगली कहां पर होगी, समीर ने पूछा.